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रमण रावल

संपादक - वीकेंड पोस्ट 

स्थानीय संपादक - पीपुल्स समाचार,इंदौर                               

संपादक - चौथासंसार, इंदौर                                                            

प्रधान संपादक - भास्कर टीवी(बीटीवी), इंदौर

शहर संपादक - नईदुनिया, इंदौर

समाचार संपादक - दैनिक भास्कर, इंदौर 

कार्यकारी संपादक  - चौथा संसार, इंदौर  

उप संपादक - नवभारत, इंदौर

साहित्य संपादक - चौथासंसार, इंदौर                                                             

समाचार संपादक - प्रभातकिरण, इंदौर                                                            


1979 से 1981 तक साप्ताहिक अखबार युग प्रभात,स्पूतनिक और दैनिक अखबार इंदौर समाचार में उप संपादक और नगर प्रतिनिधि के दायित्व का निर्वाह किया । 


शिक्षा - वाणिज्य स्नातक (1976), विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन


उल्लेखनीय-

० 1990 में  दैनिक नवभारत के लिये इंदौर के 50 से अधिक उद्योगपतियों , कारोबारियों से साक्षात्कार लेकर उनके उत्थान की दास्तान का प्रकाशन । इंदौर के इतिहास में पहली बार कॉर्पोरेट प्रोफाइल दिया गया।

० अनेक विख्यात हस्तियों का साक्षात्कार-बाबा आमटे,अटल बिहारी वाजपेयी,चंद्रशेखर,चौधरी चरणसिंह,संत लोंगोवाल,हरिवंश राय बच्चन,गुलाम अली,श्रीराम लागू,सदाशिवराव अमरापुरकर,सुनील दत्त,जगदगुरु शंकाराचार्य,दिग्विजयसिंह,कैलाश जोशी,वीरेंद्र कुमार सखलेचा,सुब्रमण्यम स्वामी, लोकमान्य टिळक के प्रपोत्र दीपक टिळक।

० 1984 के आम चुनाव का कवरेज करने उ.प्र. का दौरा,जहां अमेठी,रायबरेली,इलाहाबाद के राजनीतिक समीकरण का जायजा लिया।

० अमिताभ बच्चन से साक्षात्कार, 1985।

० 2011 से नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना वाले अनेक लेखों का विभिन्न अखबारों में प्रकाशन, जिसके संकलन की किताब मोदी युग का विमोचन जुलाई 2014 में किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी किताब भेंट की गयी। 2019 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के एक माह के भीतर किताब युग-युग मोदी का प्रकाशन 23 जून 2019 को।

सम्मान- मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित राहुल बारपुते आंचलिक पत्रकारिता सम्मान-2016 से सम्मानित।

विशेष-  भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा 18 से 20 अगस्त तक मॉरीशस में आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में सरकारी प्रतिनिधिमंडल में बतौर सदस्य शरीक।

मनोनयन- म.प्र. शासन के जनसंपर्क विभाग की राज्य स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति के दो बार सदस्य मनोनीत।

किताबें-इंदौर के सितारे(2014),इंदौर के सितारे भाग-2(2015),इंदौर के सितारे भाग 3(2018), मोदी युग(2014), अंगदान(2016) , युग-युग मोदी(2019) सहित 8 किताबें प्रकाशित ।

भाषा-हिंदी,मराठी,गुजराती,सामान्य अंग्रेजी।

रुचि-मानवीय,सामाजिक,राजनीतिक मुद्दों पर लेखन,साक्षात्कार ।

संप्रति- 2014 से बतौर स्वतंत्र पत्रकार भास्कर, नईदुनिया,प्रभातकिरण,अग्निबाण, चौथा संसार,दबंग दुनिया,पीपुल्स समाचार,आचरण , लोकमत समाचार , राज एक्सप्रेस, वेबदुनिया , मीडियावाला डॉट इन  आदि में लेखन।



 


नीरज करेंगे साइकिल से पहली नर्मदा परिक्रमा

नीरज करेंगे साइकिल से पहली नर्मदा परिक्रमा

मीडियावाला.इन। साहस,सकंल्प और समर्पण के धनी नीरज याग्निक 17 अक्टूबर से नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ करेंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कोई साइकिल से इस परिक्रमा पथ को नापेगा। अभी तक पैदल परिक्रमा ही की जाती रही है और एक...

हम करें तो कोरोना, सरकार करे तो डरो ना

हम करें तो कोरोना, सरकार करे तो डरो ना

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश सरकार नेे 31 अक्टूबर की स्थिति के मद्देनजर कोविड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है, जिसमें बताया गया है कि तब तक प्रदेश में 2 लाख 60 हजार संक्रमित हो जायेंगे, जो अभी 1 लाख 20...

नशे में बॉलीवुड, सुरूर में मीडिया, झूम रही अवाम

नशे में बॉलीवुड, सुरूर में मीडिया, झूम रही अवाम

मीडियावाला.इन। इन दिनों देश में चार बातों की ही चर्चा है। सुशांत सिंह राजपूत-दिशा की रहस्यमयी मौत,रिया चक्रवर्ती व आदित्य ठाकरे की भूमिका,फिल्मोद्योग मेें नशे की लत और आईपीएल। सुशांत की मौत वाले दिन 14 जून से...

मुगल-ए-आजम: जिसने न देखी, न पढ़ी,उसने कुछ देखा,पढ़ा नहीं

मुगल-ए-आजम: जिसने न देखी, न पढ़ी,उसने कुछ देखा,पढ़ा नहीं

मीडियावाला.इन। जिस पीढ़ी की मौजूदगी में भारतीय फिल्म इतिहास की सर्वकालिक लोकप्रिय फिल्म मुगल-ए-आजम प्रदर्शित हुई थी, उस दौर के लोगों के लिये यह बात कही ही जा सकती है और अब तो मौजूदा पीढ़ी के लिये भी मौजूं...

हिंदी दिवस: समाचार माध्यमों में भाषा का घालमेल उदारता नहीं विश्वासघात

हिंदी दिवस: समाचार माध्यमों में भाषा का घालमेल उदारता नहीं विश्वासघात

मीडियावाला.इन। क्या आज की मौजूदा प्रौढ़-बुजुर्ग पीढ़ी(30 वर्ष से ऊपर वाले) के गुजर जाने के बाद हिन्दुस्तान के ज्यादातर लोग मूल  हिन्दी जबान से अनजान होंगे ? सीध-सीधे कहें तो क्या 2050 के आसपास हिन्दी जानने-समझने-पढऩेे वाले...

क्या कंगना खनकेगा भाजपा के अंगना?

क्या कंगना खनकेगा भाजपा के अंगना?

मीडियावाला.इन। हाल ही घटित और जारी सिलसिले के मद्देनजर ऐसे संकेत है कि फिल्म अभिनेत्री और चर्चित शख्सियत कंगना रनौत देर-सबेर भाजपा का चमकीला चेहरा हो। ताज्जुब नहीं यदि हम 2024 के आम चुनाव मेें हिमाचल के किसी सुरक्षित...

मेडिकल ऑक्सीजन:राज्यों की बढ़ती स्वच्छंदता और भविष्य की आशंकायें

मेडिकल ऑक्सीजन:राज्यों की बढ़ती स्वच्छंदता और भविष्य की आशंकायें

मीडियावाला.इन। हाल ही में एक खबर आई कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की मेडिकल ऑक्सीजन उत्पाद इकाइयों को निर्देशित किया कि वे दूसरे राज्यों को सिलेंडर का प्रदाय न करे। राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर...

कंंगना ने उद्धव सरकार के घुंघरू बजा डाले

कंंगना ने उद्धव सरकार के घुंघरू बजा डाले

मीडियावाला.इन। कहने वाले बहुत सारी बातें सही कह गये। जैसे कि इस धरती पर सर्वशक्तिमान कोई नहीं या हाथी जैसे विशालकाय प्राणी को नामुराद चींटी नाक में दम कर देती है।और भी बहुत कुछ।  उद्धव और कंगना...

क्या मध्यप्रदेश में उप चुनाव फिर टलेंगे?

क्या मध्यप्रदेश में उप चुनाव फिर टलेंगे?

मीडियावाला.इन। एक तरफ मध्यप्रदेश में 27 सीटों पर विधानसभा के उप चुनाव की आहट है तो दूसरी तरफ कोरोना का कहर धड़धड़ाते हुए बढ़ा चला आ रहा है। उच्च स्तरीय नेताओं, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के चपेट में आने...

कारोबार और समाजसेवा में समान दखल रखते थे प्रदीप कासलीवाल

कारोबार और समाजसेवा में समान दखल रखते थे प्रदीप कासलीवाल

मीडियावाला.इन। बेशक तमाम सफल लोगों को अपने जीवन में संघर्ष करना पड़े, यह जरूरी नहीं। कुछ के हिस्से में सुख-सुविधा भी आती है। फिर भी ये लोग जीवन का मोल समझते हैं। सामाजिक सरोकार को अपनाते हैं और आने...

क्या मीडिया महारथी अपनी नथ खुद उतरवा रहे हैं?

क्या मीडिया महारथी अपनी नथ खुद उतरवा रहे हैं?

मीडियावाला.इन। मुझे आज फिर एक बार अपने फैसले पर संतोष हुआ कि मैंने टीवी चैनल्स पर होने वाली बहस,साक्षात्कार आदि न देखने का जो तय किया था, वह सही था। संभवत 6 साल पहले लिये गये फैसले...

गणेशोत्सव पुणे नहीं, ग्वालियर से शुरू हुआ था!

गणेशोत्सव पुणे नहीं, ग्वालियर से शुरू हुआ था!

मीडियावाला.इन। पुणे में गणेशोत्सव स्थापना की सवा सौवीं जयंती 2017 मेें मनाई जा गई। सर्वविदित तथ्य तो यही है कि गणेशोत्सव की शुरूआत लोकमान्य तिलक ने 1893 में पुणे से की थी, लेकिन हकीकत यह है कि...

इंदौर: स्वच्छता में नाम तो जल निकासी में बदनाम क्यों हों

इंदौर: स्वच्छता में नाम तो जल निकासी में बदनाम क्यों हों

मीडियावाला.इन। स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर लगातार चौथी बार अव्वल रहा। समूची दुनिया में इंदौर का नाम है और हमारी उपलब्धि से हतप्रभ है। बधाई इंदौरियों को और खास तौर से शहर के सफाईकर्मियों, उनसे संबद्ध महकमे के...

इंदौर: स्वच्छता में अव्वल,जल निकासी में फिसड्डी

इंदौर: स्वच्छता में अव्वल,जल निकासी में फिसड्डी

मीडियावाला.इन। इंदौर वालों, आज खुश तो बहुत होंगे तुम। स्वच्छता में लगातार चौथी बार अव्वल जो आये हो। बधाई तुम्हें भी और खास तौर से शहर के सफाईकर्मियों, उनसे संबद्ध महकमे के कर्मचारियों और उन अधिकारियों को...

सिंधिया के राजनीतिक सौजन्य के मायने

सिंधिया के राजनीतिक सौजन्य के मायने

मीडियावाला.इन। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने को लेकर जितने आक्रामक तरीके से राजनीतिक व्यंग्य किये जा रहे हैं, वे उससे दुगनी रफ्तार से भाजपा में रचने-बसने के जतन कर रहे हैं। वे संभवत यह प्रमाणित कर देना चाहते...

राहत इंदौरी:स्मृति शेष- एक शख्स, जो शायर ही नहीं, पूरा घराना थे

राहत इंदौरी:स्मृति शेष- एक शख्स, जो शायर ही नहीं, पूरा घराना थे

मीडियावाला.इन। एक ऐसा नाम जिसके जुबां पर आते ही बेचैनी बढ़ जाती । एक ऐसी शख्सियत , जिसके सामने आते ही यकीन नहीं होता कि यह इतनी अजीमुश्शान हस्ती है। एक ऐसा शायर, जो मंच पर जब  अपनी खास...

मप्र के 13 हजार स्कूल बंद होने का मतलब क्या समझें?

मप्र के 13 हजार स्कूल बंद होने का मतलब क्या समझें?

मीडियावाला.इन। यह चिंताजनक भी है और विचारणीय भी। मध्यप्रदेश में 12,876 शासकीय स्कूल बंद किये जाने की तैयारी है। यह मजबूरी तो है, लेकिन इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। ऐसा किया जाने की वजह यह है...

मप्र भाजपा का चुनाव अभियान आईसीयू में?

मप्र भाजपा का चुनाव अभियान आईसीयू में?

मीडियावाला.इन। चूंकि मध्यप्रदेश में 27 विधानसभा सीट के लिये उप चुनाव होने हैं, जो सितंबर में लंबित हैं, लेकिन कोरना के मद्देनजर ये टलते नजर आ रहे हैं। वजह भी कोरोना ही रहेगा। संभवत प्रदेश भाजपा आलाकमान...

क्या देश का मुस्लिम भी वैसा ही सोचता है, जैसे ओवैसी?

क्या देश का मुस्लिम भी वैसा ही सोचता है, जैसे ओवैसी?

मीडियावाला.इन। यूं तो दुनिया के इस सबसे बड़े और महान लोकतांत्रिक देश भारत को एक स्वर से 5 अगस्त को खुशी,उल्लास,पर्व के रंग में ऐसा रंगा होना चाहिये कि दूसरा कोई रंग कहीं नजर ही नहीं आये,...

राम जीवन के कष्ट मंदिर निर्माण में भी बरकरार रहे

राम जीवन के कष्ट मंदिर निर्माण में भी बरकरार रहे

मीडियावाला.इन। यह वाकई जबरदस्त संयोग है कि हिंदुओं के सर्वाधिक पूज्य आराध्य राजा रामचंद्र ने अपने जीवन काल में जितने कषअट सहे , उसी तरह का परेशानी भरा सफर  उनके मंदिर निर्माण का भी रहा। रामजी को ऐन राज्याभिषेक...