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डॉ. स्वाति तिवारी

नयी शताब्दी में संवेदना, सोच और शिल्प की बहुआयामिता से उल्लेखनीय रचनात्मक हस्तक्षेप करने वाली महत्वपूर्ण रचनाकार स्वाति तिवारी ने पाठकों व आालोचकों के मध्य पर्याप्त प्रतिष्ठा अर्जित की है। सामाजिक सरोकारों से सक्रिय प्रतिबद्धता, नवीन वैचारिक संरचनाओं के प्रति उत्सुकता और नैतिक निजता की ललक उन्हें विशिष्ट बनाती है।

देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कहानी, लेख, कविता, व्यंग्य, रिपोर्ताज व आलोचना का प्रकाशन विविध विधाओं की चौदह से अधिक पुस्तकेंे प्रकाशित। विशेषत : उल्लेखनीय : 'सवाल आज भी जिन्दा है,' 'अकेले होते लोग' व 'स्वाति तिवारी की चुनिंदा कहानियां'। भोपाल गैस त्रासदी पर केन्द्रित 'सवाल आज भी जिन्दा है' प्रामाणिक दस्तावेजी लेखन के लिए बहुचर्चित।इस पुस्तक पर पापुलेशन फर्स्ट संस्था द्वारा राष्ट्रिय लाडली मिडिया अवार्ड ,राष्ट्र भाषा प्रचार समिति का वांग्मय सम्मान ,शोधपरक पत्रकारिता सम्मान ,मध्य प्रदेश महिला प्रेसक्लब  द्वारा महिला पत्रकारिता सम्मान प्राप्त .

एक कहानीकार के रूप में सकारात्मक रचनाशीलता के अनेक आयामों की पक्षधर। हंस, नया ज्ञानोदय, लमही, पाखी, परिकथा, बिम्ब, वर्तमान साहित्य इत्यादि में प्रकाशित कहानियां चर्चित व प्रशंसित। 'ब्रह्मकमल - एक प्रेमकथा'उपन्यास वर्ष 2015 मेंज्ञानपीठ  पाठक   सर्वेक्षण में श्रेष्ठ पुस्तकों में पांचवे क्रम पर नामांकित  .मुंबई एवं नाशिक विश्विद्यालय में उपन्यास पर शोध कार्य जारी है .

स्वाति तिवारी मानव अधिकारों की सशक्त पैरोकार, कुशल संगठनकर्ता व प्रभावी वक्ता के रूप में सुपरिचित हैं। अनेक पुस्तकों एवं पत्रिकाओं का सम्पादन। फिल्म निर्माण व निर्देशन में भी निपुण। कलागुरू विष्णु चिंचालकर एवं 'परिवार परामर्श केन्द्र' पर फिल्मों का निर्माण। इंदौर लेखिका संघ' का गठन। 'दिल्ली लेखिका संघ' की सचिव रहीं। अनेक पुरस्कारों व सम्मानों से विभूषित। प्रमुख हैं -भारत सरकार द्वारा चयनित भारत की 100 वुमन अचीवर्स में शामिल ,राष्ट्रपति प्रणव मुकर्जी द्वारा सम्मानित .अंग्रेजी पत्रिका 'संडे इंडियन' द्वारा 21वीं सदी की 111 लेखिकाओं में शामिल, 'अकेले होते लोग' पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली द्वारा राष्ट्रिय सम्मान से सम्मानित व मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा 'वागीश्वरी सम्मान' से अलंकृत।मध्यप्रदेश लेखक संघ के देवकीनंदन युवा पुरस्कार एवं पुष्कर  जोशी सम्मान प्राप्त .जबलपुर की पाथेय संस्था द्वारा सावित्री देवी राष्ट्रिय सम्मान .देश व देशान्तर में हिन्दी भाषा एवं साहित्य की सेवा हेतु प्रतिबद्ध। नौवें विश्व हिन्दी सम्मेलन (2012), दक्षिण अफ्रीका में मध्यप्रदेश शासन का प्रतिनिधित्व। 'हिन्दी रोजगार की भाषा कैसे बने' भाषण वहां प्रशंसित हुआ। विश्व की अनेक देशों की यात्राएं।

विभिन्न रचनाएं अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में अनूदित। अनेक विश्वविद्यालयों में कहानियों पर पीएचडी एवं  शोद्य कार्य हुए । साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका 'दूसरी परम्परा' के सम्पादन में सक्रिय सहयोग।आदिमजाति कल्याण विभाग में सहायक नियोजन अधिकारी .मीडियावाला न्यूस पोरटल में  साहित्य सम्पादक 

सम्प्रतिःमध्यप्रदेश शासन के मुख्यपत्र 'मध्यप्रदेश संदेश' की सहयोगी सम्पादक।

सम्पर्कःEN1/9, चार इमली, भोपाल - 462016 (म.प्र.)


ईमेलःstswatitiwari@gmail.com

मो.ः09424011334,07552421441


 प्लास्टिक और बायोमेडिकल कचरे का संकट

 प्लास्टिक और बायोमेडिकल कचरे का संकट

पर्यावरण चिंतन  मीडियावाला.इन। हमारे भारत देश में 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिदिन 15000 टन प्लास्टिक अपशिष्ट निकलता है. जो कि दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग का इसी से...

हॉस्टल जीवन एक ऐसा पड़ाव है जो ताउम्र जीवन को स्पंदित करता है

हॉस्टल जीवन एक ऐसा पड़ाव है जो ताउम्र जीवन को स्पंदित करता है

मीडियावाला.इन। पुस्तक समीक्षा : डायरी लेखन व्यक्ति के द्वारा लिखा गया व्यक्तिगत अनुभवों, सोच और भावनाओं को लिखित रूप में अंकित करके बनाया गया एक संग्रह है। डायरी एक व्यक्तिगत दस्तावेज है जिसमें...

हम उन रास्तों पर अपने भाव सुमन अर्पित करते हैं, जो विनी तक जाते हों...       

हम उन रास्तों पर अपने भाव सुमन अर्पित करते हैं, जो विनी तक जाते हों...       

मीडियावाला.इन। ”कला, कलाकार के आनन्द के श्रेय और प्रेम तथा आदर्श और यथार्थ को समन्वित करने वाली प्रभावोत्पादक अभिव्यक्ति है।” कला और जीवन का बहुत घनिष्ठ सम्बन्ध है। कला के विकास का उद्देश्य कभी आत्मानुभूति...

अनुदैर्ध्य तरंग [विज्ञान - कविता]

अनुदैर्ध्य तरंग [विज्ञान - कविता]

मीडियावाला.इन। स्वाति तिवारी की विज्ञान कविता  अनुदैर्ध्य तरंग [कविता] मंदिर में बजती  घंटियों का संगीत  टन्...टन्.. कितनी ऊर्जा है  इस टनकार में मैं इन घंटियों की आवाज  को महसूस कर रही हूं. जानती हूँ  भगवान...

आज हम भी खड़े है उदास ,भूरे, बदरंग, नीलगिरि के वृक्ष की तरह;वरिष्ठ कवि एवं चिंतक ललित सुरजन को सादर नमन

आज हम भी खड़े है उदास ,भूरे, बदरंग, नीलगिरि के वृक्ष की तरह;वरिष्ठ कवि एवं चिंतक ललित सुरजन को सादर नमन

मीडियावाला.इन।'देशबंधु' के प्रधान संपादक ललित सुरजनजी का निधन देशबन्धु पत्र समूह के प्रधान संपादक, वरिष्ठ कवि एवं चिंतक ललित सुरजन नहीं रहे,पलाश सुरजनजी की पोस्ट ने मन को उदास और विचलित कर दिया .तीन बजे ही तो...

ब्लेक आउट से लॉकडाउन तक, कितने सवाल अब भी हैं.....

ब्लेक आउट से लॉकडाउन तक, कितने सवाल अब भी हैं.....

मीडियावाला.इन। आज हम सब बल्कि दुनिया ही लॉकडाउन के चलते अपने घर में बंद है। शायद इससे पहले हम भारतीयों का इस शब्द से कोई ख़ास सम्बन्ध नहीं रहा। यह  शब्द कारखानों में हड़ताल के समय सुनाई...

आवाज़ें

आवाज़ें

मीडियावाला.इन।  एक दिन शाम के धुंधलके में किसी पक्षी की आवाज़ सुनाई दी। जिज्ञासा मुझे बगीचे तक खींच ले गई। यह आवाज़ आज दूसरी बार सुनने में आई थी। एक दिन पहले भी इसी वक्त यह आवाज़ आई...

स्मृति शेष: विनम्र श्रद्धांजलि दे रही हूँ, देनी ईद मुबारक थी, इलियाज भाई

स्मृति शेष: विनम्र श्रद्धांजलि दे रही हूँ, देनी ईद मुबारक थी, इलियाज भाई

मीडियावाला.इन। इस बार ये कैसी ईद ओर कैसा चाँद निकला? आज 25 मई को ईद उल फितर का त्यौहार पूरे देश में मनाया जा रहा है। दुनिया में चांद दिखने का वक्त अलग-अलग होता है, इसलिए ईद...

आजा उमर बहुत है छोटी , अपने घर में भी हैं रोटी

आजा उमर बहुत है छोटी , अपने घर में भी हैं रोटी

मीडियावाला.इन। रोटी या चपाती भारतीय भोजन और पोषण का जरूरी हिस्सा है। इसे किसी भी सब्जी, करी या दाल के साथ .खाया जाता है . और कुछ ना हो तो भी हरी मिर्च और नमक पर्याप्त है पेट को...

एक गरिमामय,स्नेहिल  व्यक्तित्व को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

एक गरिमामय,स्नेहिल व्यक्तित्व को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

मीडियावाला.इन। समय किस तरह हम सब के सब्र और धैर्य की परीक्षा ले रहा है, अपने बलवान होने के प्रमाण दिए जा रहा है| तीन दिन सतत तीन दुखद ख़बरों के बाद कुछ कहने की क्षमता नहीं...

इंदौर पर जिन्हें नाज है, आइये, हम उनके गर्व का हिस्सा बने

इंदौर पर जिन्हें नाज है, आइये, हम उनके गर्व का हिस्सा बने

मीडियावाला.इन। कई दिनों से रोज ही सोचती हूँ, आज लिखूँगी, उन पर जो जान हथेली पर लिए आपकी जान बचाने में लगे हुए हैं। लिखा भी, पर फिर कोई अवसाद भरी खबर से घबरा कर छोड़...

भूख से लड़ रहे लोगों के बीच सोशल मीडिया पर व्यंजन -पकवान

भूख से लड़ रहे लोगों के बीच सोशल मीडिया पर व्यंजन -पकवान

मीडियावाला.इन। यह समय एक एसा संक्रमण काल है जब कई लोग कहीं बाहर है ।कई बच्चे होस्टलों या कमरों मे बंद है मार्केट ,होटल ,रेस्टोरेन्ट ,बेकरी सब बंद है ।कई लोगो के रोजगार चले गए है ,मजदूरी है नहीं...

अपने खुदा,अल्लाह,भगवान के रूप को डॉक्टर में तलाशिये

अपने खुदा,अल्लाह,भगवान के रूप को डॉक्टर में तलाशिये

मीडियावाला.इन। मन आज बेहद दुखी है मेरे सामने दो दृश्य हैं एक डॉक्टर ने अपनी जान गँवा दी दूसरों को बचाते हुए और एक को पिटते हुए देख रही हूँ उन्हीं से जिन्हें वो बचाना चाहता है,...

प्रधानमंत्री का आव्हान: जानिए क्या है दीप प्रज्वलन के पीछे का मनोविज्ञान 

प्रधानमंत्री का आव्हान: जानिए क्या है दीप प्रज्वलन के पीछे का मनोविज्ञान 

मीडियावाला.इन। असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ (हमको) असत्य से सत्य की ओर ले चलो । अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ।। मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥। प्रधानमंत्री नरेंद्र...

आ अब लौट चलें : ये देस हुआ बेगाना

आ अब लौट चलें : ये देस हुआ बेगाना

मीडियावाला.इन। मुझे गुस्सा आता है उन लोगों पर जो इस त्रासद समय में भी साड़ियों, गहनों और अपने लुक का भोंडा प्रदर्शन पोस्ट करते है? पर्व पूजन हो या जन्म दिन सब आगे भी तभी आएँगे जब...

अंदर का हलाहल

अंदर का हलाहल

मीडियावाला.इन। रोज जो काम आकर्षित करते थे ,बगीचे मेँ गुड़ाई करनी थी ।गमलो मेँ मिट्टी बदलनी थी ,अलमारी साफ करनी थी ,कपड़े सिलने थे समय नहीं था ,नौकरी को कोसते थे ,समय ही समय है अब ,नहीं चाहिए मुझे...

यह जश्न नहीं, एक लम्बी लड़ाई है

यह जश्न नहीं, एक लम्बी लड़ाई है

मीडियावाला.इन। कोरोना एक महामारी है, एक संक्रामक रोग है जो जानलेवा है, इसे भारत-पाकिस्तान के बीच कोई एक दिवसीय मैच मत समझिये कि शाम पांच बजे जीत का जश्न मना डाला. ढोल नगाड़े, बैंड बाजे से जुलुस...

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः आईये , सामूहिक आभार व्यक्त करें

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः आईये , सामूहिक आभार व्यक्त करें

मीडियावाला.इन।- आप मेरे लिए और मेरे आसपास के सभी लोगों के लिए प्रकाश की किरण हैं। मेरा दिन रोशन करने के लिए धन्यवाद. आपकी सहायता के लिए शब्द मेरी भावनाओं या मेरे...

आओ! नमस्कार करें

आओ! नमस्कार करें

मीडियावाला.इन। नमस्ते या नमस्कार मुख्यतः हिन्दुओं और भारतीयों द्वारा एक दूसरे से मिलने पर अभिवादन और विनम्रता प्रदर्शित करने हेतु प्रयुक्त शब्द है। आज पूरी दुनिया इसको अपना रही है ,जबकि  अधिकाँश भारतीय इससे सिर्फ पश्चिमी अनुकरण के चलते...

ठंडे पानी के छींटे डालने का आनंद

ठंडे पानी के छींटे डालने का आनंद

मीडियावाला.इन। एक शहर जिसने मुझे प्रकृति के भाषा सिखाई ,पेड़ पौधे ,जिव जंतु ,धरती आकाश लुभाते तो हमेशा से घर के साथ इनका जुडाव भी हमेशा रहा .पिता को भी इनसब में आनंद लेते हमेंशा देखा .दादी के घर...