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आ अब लौट चलें : ये देस हुआ बेगाना

आ अब लौट चलें : ये देस हुआ बेगाना

मीडियावाला.इन। मुझे गुस्सा आता है उन लोगों पर जो इस त्रासद समय में भी साड़ियों, गहनों और अपने लुक का भोंडा प्रदर्शन पोस्ट करते है? पर्व पूजन हो या जन्म दिन सब आगे भी तभी आएँगे जब...

अंदर का हलाहल

अंदर का हलाहल

मीडियावाला.इन। रोज जो काम आकर्षित करते थे ,बगीचे मेँ गुड़ाई करनी थी ।गमलो मेँ मिट्टी बदलनी थी ,अलमारी साफ करनी थी ,कपड़े सिलने थे समय नहीं था ,नौकरी को कोसते थे ,समय ही समय है अब ,नहीं चाहिए मुझे...

यह जश्न नहीं, एक लम्बी लड़ाई है

यह जश्न नहीं, एक लम्बी लड़ाई है

मीडियावाला.इन। कोरोना एक महामारी है, एक संक्रामक रोग है जो जानलेवा है, इसे भारत-पाकिस्तान के बीच कोई एक दिवसीय मैच मत समझिये कि शाम पांच बजे जीत का जश्न मना डाला. ढोल नगाड़े, बैंड बाजे से जुलुस...

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः आईये , सामूहिक आभार व्यक्त करें

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः आईये , सामूहिक आभार व्यक्त करें

मीडियावाला.इन।- आप मेरे लिए और मेरे आसपास के सभी लोगों के लिए प्रकाश की किरण हैं। मेरा दिन रोशन करने के लिए धन्यवाद. आपकी सहायता के लिए शब्द मेरी भावनाओं या मेरे...

आओ! नमस्कार करें

आओ! नमस्कार करें

मीडियावाला.इन। नमस्ते या नमस्कार मुख्यतः हिन्दुओं और भारतीयों द्वारा एक दूसरे से मिलने पर अभिवादन और विनम्रता प्रदर्शित करने हेतु प्रयुक्त शब्द है। आज पूरी दुनिया इसको अपना रही है ,जबकि  अधिकाँश भारतीय इससे सिर्फ पश्चिमी अनुकरण के चलते...

ठंडे पानी के छींटे डालने का आनंद

ठंडे पानी के छींटे डालने का आनंद

मीडियावाला.इन। एक शहर जिसने मुझे प्रकृति के भाषा सिखाई ,पेड़ पौधे ,जिव जंतु ,धरती आकाश लुभाते तो हमेशा से घर के साथ इनका जुडाव भी हमेशा रहा .पिता को भी इनसब में आनंद लेते हमेंशा देखा .दादी के घर...

प्रियंका की ड्रेस: शरीर को छुपाने के बजाय दिखाने की होड़

प्रियंका की ड्रेस: शरीर को छुपाने के बजाय दिखाने की होड़

मीडियावाला.इन। महिलाओं के  पक्ष में लिखनेवाली मैं आज महिलाओं से सवाल करना चाहती हूँ कि क्या स्वतन्त्रता का अर्थ अमर्यादित हो जाना भी हो सकता है ?क्या आधुनिक दिखने के लिए निर्वस्त्र होना जरुरी है ? क्या एसा करके आदिम...

एक लाइन का फ़ैसला - फाँसी अगले आदेश तक रोकी जाती है

एक लाइन का फ़ैसला - फाँसी अगले आदेश तक रोकी जाती है

मीडियावाला.इन।                   हम लड़ेगें, मिल कर लड़ेगें, एक स्त्री की लड़ाई नहीं है यह, यह आधी आबादी की लड़ाई है उस दिन हम मिले थे  "वी द वुमन " इवेंट के दौरान .हमने...

स्मृति शेष  :श्री अतुल लागू 

स्मृति शेष  :श्री अतुल लागू 

मीडियावाला.इन।    स्मृति शेष  :श्री अतुल लागू मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार अतुल लागू के बारे में एक दुखद समाचार शुक्रवार की सुबह उनका निधन हो गया । इंदौर के बड़े पत्रकारों में उनकी गिनती होती थी अतुल जी को शहर...

"ऐ  गंगा तुम बहती  रहो ---------निर्मल ,सजल ,पावन स्नेहमयी रिश्तों की पवित्रता को नये स्वरुप में  अपने तटों पर बांटती हुई ."

"ऐ गंगा तुम बहती रहो ---------निर्मल ,सजल ,पावन स्नेहमयी रिश्तों की पवित्रता को नये स्वरुप में अपने तटों पर बांटती हुई ."

मीडियावाला.इन। प्रिय जान्हवी ,                       शुभाशीष ,तुम्हे आशीष देने और मिलने का मन हो रहा था तुम्हारे दादा [सुरेशजी ]को जब प्रवीण  भाई की पोस्ट पढ़ कर सुना रही थी तो पढ़ते पढ़ते मेरे रोंगटे खड़े होने लगे...

विदाई

विदाई

मीडियावाला.इन। विदाई कल से दुलारी ने काम पर जाना छोड़ दिया था| उसके ब्याह को केवल पाँच दिन रह गए थे| वह सोचने लगी कम से कम पाँच दिन तो वह भी रानी महारानी की तरह आराम से...

डॉ.अपूर्व पौराणिक: अपने व्यक्तित्व में जीवन मूल्यों को समाहित करने वाला नायाब इंसान

डॉ.अपूर्व पौराणिक: अपने व्यक्तित्व में जीवन मूल्यों को समाहित करने वाला नायाब इंसान

मीडियावाला.इन। Doctors' Day पर विशेष  एक आदर्श व्यक्तित्व की छबि मेरे साथ चली आई जो उनके व्यक्तित्व में तब से लेकर आज तक सतत नए कीर्तिमान जोड़ती चली गई।                          डॉक्टर अपूर्व पौराणिक एक ऐसा...

बचपन के एक बाबूजी थे दोनों का सुन्दर था बंधन :एक था बचपन .

बचपन के एक बाबूजी थे दोनों का सुन्दर था बंधन :एक था बचपन .

मीडियावाला.इन। फादर्स डे पर  मित्र प्रज्ञा ने आज झोले का जिक्र कर बहुत सारी स्मृतियों को खंगाल दिया .नजर में वे दो झोले आकर ठहर गए .घर में तब एक मात्र वाहन साइकल होती थी ,बेटियों के...

ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स 

ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स 

मीडियावाला.इन। ऊर्जा का भरपूर खजाना फलीदार  सब्जियां :फ्रेंच बीन्स   सब्जी  मंडी इन दिनों  फ्रेंच बीन , बरबटी की फली और गंवार फली  से सजी दिखाई देती है |हालांकी स्वादिष्ट होने के बावजूद यह किचन से गायब हो रही...

आखिर कब तक हम शर्मसार होते रहेंगे ?

आखिर कब तक हम शर्मसार होते रहेंगे ?

मीडियावाला.इन। जेसिकालाल से लेकर निर्भया और अब ऐसी अनेक घटनाएं ,भूलिए मत इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली कठुआ और उन्नाव गैंग रेप की घटनाओं से लेकर इन दिनों देश में हो रही घटनाओं पर नजर डालिए, ...

बूंद गुलाबजल की

बूंद गुलाबजल की

मीडियावाला.इन। इस बार हरिद्वार जाना है, यह सोच लिया था। बाबूजी का अस्थिकलश भी वहीं गंगाजी में प्रवाहित करना है। इसी बहाने तीर्थ भी हो जाएगा और तीन साल से रमिया बुआ से नहीं मिली थी, सो उनसे मिलना...

पत्रकारों के बींच सम्मान से बापू पुकारे जाते थे:स्मृति शेष महेंद्र बाफना

पत्रकारों के बींच सम्मान से बापू पुकारे जाते थे:स्मृति शेष महेंद्र बाफना

मीडियावाला.इन।इंदौर |पारिवारिक मित्र ,शहर के जानेमाने पत्रकार साथी महेंद्र भैया का  जाना कर गया स्तब्ध ..यूँ अचानक ?कितने ख्याल आये क्या  सोच कर निकले  होंगे ,कहाँ जा रहे होंगे ,खबर  ने परिवार पर कैसा वज्रपात किया होगा ?मन का बेहद...

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा"जीवित मिट्टी वह होती है जिसका हम बार-बार उपयोग कर सकें :शशिकांत मुंडी को श्रद्धांजलि

मीडियावाला.इन।टालस्टॉय का कला के लिए कहा गया यह कथन महत्वपूर्ण है ‘रंग, ध्वनी, शब्द, कार्य आदि के द्वारा भावों की वह अभिव्यक्ति जो श्रोता, दर्शक आैर पाठक के मन में वही भाव उत्पन्न कर दे कला है।’मेरे  घर के ड्राइंग...

यात्रा संस्मरण  ड्रीम ऑफ़ लाइफ द गोल्डन गेट ब्रिज- सेन फ्रांसिस्को

यात्रा संस्मरण ड्रीम ऑफ़ लाइफ द गोल्डन गेट ब्रिज- सेन फ्रांसिस्को

मीडियावाला.इन। में एक कहानी सुनी थी एक गाँव में एक बार तूफान आया और कई पेड़ गिर पड़े| तूफ़ान थमने पर लोगों ने देखा नदी किनारे वाला विशाल वृक्ष उखड़ कर गिर गया था| नदी के पाट को पार कर...

स्वप्न महल

स्वप्न महल

मीडियावाला.इन। पिछले एक साल से हमारे बीच स्वयं का घर और घर में शिफ्ट होना एक ऐसा मुद्दा बना हुआ है, जिसके चलते हम सहज बात शुरू होने पर भी लड़ने लगते और कई बार चुप इसलिये होना पड़ता कि...