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नेत्र दान से मिलेगी नई जिंदगी!
उनके नेत्र एमके इंटरनेशनल आई बैंक को दान की गई। उनकी आंखें दो लोगों को रोशनी देंगी और देह मेडिकल छात्रों की शरीर संरचना पढ़ाई एवं प्रैक्टिकल में अमूल्य योगदान देगी, इस पुण्य कार्य में पुत्र प्रवीण, पोत्र कार्तिकेय व चैतन्य, दामाद संदेश शर्मा (पूर्व नगर निगम अधिकारी), पुत्रवधू डॉक्टर सुनीता एवं पारिवारिक मित्र बंधु की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रतलाम शहर नेत्रदान एवं देहदान में अग्रणी है। शासकीय सम्मान प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस पुनीत कार्य में गति आई। कोरोना के बाद यहां 20 से अधिक देहदान हो चुके हैं। यहां से आसपास के शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय को शव उपलब्ध करवाए जा रहें हैं।
मृतात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि क्षेत्रीय पार्षद हितेश पेमाल, नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत, सुशील मीनू माथुर, गिरधारीलाल वर्धानी, ओमप्रकाश अग्रवाल, नवनीत मेहता एवं साथी, सदस्यों, मेडिकल कॉलेज पीजी डॉक्टर, स्टूडेंट, स्टाफ ने गायत्री मंत्र के साथ अर्पित की। संचालन गोविंद काकानी ने किया!