
Breach of Trust : बंधक रखे प्लाटों को अमानत में खयानत करते हुए बगैर अनुमति के बेचने वाले भू-माफिया मनीष सुराणा को 3 वर्ष का सश्रम कारावास, 22 सौ रूपए जुर्माना!
Ratlam : न्यायालय श्रीमान प्रगति असाटी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने आरोपी मनीष (42) पिता पूनमचन्द्र सुराना निवासी 19 बिचलावास को भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 420 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए एवं धारा 201 में 6 माह का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के जुर्माने के अलावा मप्र नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत धारा 292 सी में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रूपए के जुर्माने से एवं धारा 36 में 4 माह का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रूपए की सजा सुनाई। प्रभारी सहायक निदेशक अभियोजन योगेश कुमार तिवारी ने बताया कि थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र को एसपी का पु.अ./रत/रीडर/3946-ए/09.06.2010 का प्राप्त हुआ था।
पत्र के साथ आवेदक चांदनचौक निवासी भगवतीलाल पिता श्यामसुन्दर सोनी निवासी के आवेदन की छायाप्रति, नगर निवेश कार्यालय समिति की रिपोर्ट जिसमें गोपाल नगर कालोनी, ग्राम राजगढ़ के कालोनाईजर भू-माफिया मनीष सुराना द्वारा नगर निवेश द्वारा स्वीकृत नक्शे से विपरित कृत्य किया जाना व सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गई भूमि पर अवैध निर्माण करवाकर अवैध लाभ अर्जित का लेख किया जाने से आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने के सम्बंध में लेख किया जाने से तत्कालिन थाना प्रभारी एस आर पाटीदार द्वारा आरोपी मनीष के विरूद्ध अपराध क्रमांक 308/10 धारा 420 भादंवि का पंजीबद्ध कर प्रकरण के अनुसंधान में पाया गया कि आरोपी मनीष सुराना द्वारा सर्वे नम्बर 102/1 व 102/2 के स्वीकृत अभिन्यास अनुसार कुल रकबा 0.470 हेक्टर में से 0.050 हेक्टर (497 वर्ग मीटर) बगीचे के लिए आरक्षित की गई थी किन्तु बगीचे तथा रास्ते की 1400 वर्गफीट भूमि पर छत विहीन निर्माण किया गया था।
कालोनी की सड़क की चौड़ाई 24 फीट 06 इंच के स्थान पर 20.9 फीट की सड़क बनाकर 4 फीट सड़क कम कर दी गई। स्वीकृत अभिन्यास अनुसार भूखण्ड की चौड़ाई 11 फीट तथा लंबाई 45 फीट को बदल कर विभिन्न चौड़ाई मे विभक्त कर भूखंड़ों के आगे व पिछे 8 फीट व 5 फीट खुला सीमांत क्षेत्र नही छोड़कर सम्पूर्ण भूखंड पर निर्माण किया गया। आरोपी मनीष सुराणा द्वारा गोपाल नगर के कुल भूखण्डों में से 25 प्रतिशत अर्थात 17 भूखण्ड भवन सरल क्रमांक 13 से 17 तथा 42 से 49 तक के बंधक रखे गए थे। उक्त बंधक भूखण्डों को अनाधिकृत रूप से बंधक मुक्त करवाए बिना भूखण्डों को बेच डाला था। साक्षी धर्मराज यादव, रेखा दुबे, सलामत खान, कृष्णवल्लभ शर्मा तथा समिति के सदस्य उपयंत्री नगर निगम रतलाम अनवर कुरैशी, पटवारी निनामा, राजस्व निरीक्षक भेरूलाल रावल के कथन लिए गए थे।
अनुसंधान के दौरान नगर निगम रतलाम से बंधक भूखण्डों के नामांतरण तथा भवन निर्माण की अनुमति की जानकारी बंधकनामा की प्रमाणित प्रति प्राप्त की गई। जिला पंजीयक कार्यालय से बंधक भूखण्डों को आरोपी मनीष सुराणा द्वारा बेचने की रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रतिलिपीयां प्राप्त की गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार बंधक भूखण्डों को नगर निगम अधिकारी संदेश शर्मा, जी.के. जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा द्वारा बंधक रखे गए भूखण्डों पर भवन निर्माण की अनुमति व नामांतरण किया गया। जबकि कालोनी का निर्माण पूर्ण नही हुआ था एवं उक्त बंधक भूखण्डों को बंधक मुक्त नहीं करवाया गया था।
आरोपीयों द्वारा आरोपी मनीष सुराणा के साथ षड़यंत्र में शामिल होकर बंधक भूखण्डों की भवन निर्माण अनुमति व नामान्तरण इनके द्वारा किया गया जो धारा 120 बी भादंवि का कृत्य किया पाया गया।
आरोपी संदेश शर्मा, जी.के. जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा की गिरफ्तारी की आवश्कता नही होने से 8 मई 2018 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए धारा 41 (क) जाफो. का सूचना पत्र तामील करवाया गया था। प्रकरण में धारा 120 बी भादंवि तथा धारा 293 मप्र. नगर निगम अधिनियम धारा 36 घ मप्र. नगर एवं निवेश अधिनियम 1973, धारा 292-सी मप्र. कालोनाईजर एक्ट की बढाई गई थी।
विवेचना में कथन गवाहों, नगर निवेश कार्यालय की जांच रिपोर्ट एवं नगर निगम से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मनीष सुराणा ने नगर निगम में बंधक (गिरवी) भूखण्डों को बेचकर नगर निगम तथा भूखण्ड खरीददारों के साथ धोखाधड़ी करना व आरोपी संदेश शर्मा, जीके जायसवाल, ओमप्रकाश शर्मा द्वारा बंधक भूखण्डों की भवन निर्माण अनुमति व नामांतरण कर षड़यंत्र में शामिल होने से इन तीनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध धारा 420, 120-बी भादवि तथा 293 नगर निगम एक्ट, धारा 36 घ मप्र. नगर एवं निवेश अधिनियम 1973, धारा 292 सी मप्र. कालोनाईजर एक्ट का अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय द्वारा अभियोजन की और से कुल 12 साक्ष्य करवाए गए थे एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त मनीष पिता पूनमचन्द्र सुराना निवासी 19 बिचलावास को दोषी करार दिया। इसके अलावा न्यायालय प्रकरण के अन्य तीनों आरोपी गिरीराज कुमार जायसवाल (नगर निगम), संदेश शर्मा (नगर निगम), ओमप्रकाश शर्मा (नगर निगम) को दोषमुक्त किया। प्रकरण में शासन की और से पैरवी हेमन्त राठौर ने की। जानकारी सहायक मीडिया प्रभारी अच्छूसिंह गोयल ने दी!





