बड़ी खबर! RBI ने शॉपिंग के लेन-देन से जुड़े दो बड़े नियम बदलें, ग्राहकों को होगा सीधा फायदा

बड़ी खबर! RBI ने शॉपिंग के लेन-देन से जुड़े दो बड़े नियम बदलें, ग्राहकों को होगा सीधा फायदा

मीडियावाला.इन।

मुंबई. अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो अब आपको 2000 रुपये तक के ट्रांजेक्शन के लिए वन-टाइम-पासवर्ड (ओटीपी) की जरूरत नहीं होगी. साथ ही, आरबाई ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI-Prepaid Payment Instrument) ) भी पेश किया है. इसके लिए 10 हजार रुपये तक की शॉपिंग की जा सकती है. देश की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी और मोबाइल ऐप ट्रांजेक्‍शन में वन-टाइम-पासवर्ड (ओटीपी) की जरूरत को खत्‍म कर चुके हैं. इसको खत्म करने पीछे मुख्य वजह ट्रांजेक्‍शन (पैसों के लेन-देन) को तेज और सुविधाजनक बनाना है. कंपनियों ने ये फैसला RBI ने बैंकों को बिना ओटीपी ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन की सुविधा देने की इजाजत दे दी है. यह बात उस मामले में लागू है जहां मर्चेंट कस्‍टमर को वेरिफाई कर सकता है. RBI का फैसला- RBI चरणबद्ध तरीके से नियमों में ढील देने की वजह से बिना ओटीपी के ट्रांजैक्शंस संभव हो पाया है. आरबीआई ने ट्रांजैक्शंस को सुगम बनाने के लिए बैंकों को बिना ओटीपी के ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस की मंजूरी दी है.

अब क्या होगा- अब ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त फटाफट ट्रांजेक्शन कर पाएंगे. फ्लिपकार्ट ने वीजा के साथ एक नई सेवा शुरू की है. इसका नाम वीजा सेफ क्लिक (वीएससी) है. इसकी मदद से फ्लिपकार्ट पर 2,000 रुपये तक के ट्रांजेक्‍शन के लिए वन टाइम पासवर्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी.
 



10 हजार रुपये की शॉपिंग को लेकर भी किया नया ऐलान- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक नया प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) पेश किया है. इस पीपीआई से अधिकतम 10,000 रुपए की खरीदारी या अन्य सेवाओं के लिए भुगतान किया जा सकेगा. इस पीपीआई में सिर्फ बैंक अकाउंट से ही पैसे डाले जा सकेंगे.

पीपीआई का उपयोग डिजिटल भुगतान में हो सकेगा, जिसमें बिल भुगतान, मर्चेंट भुगतान, आदि शामिल होंगे. आरबीआई ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ाने में पीपीआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.पीपीआई एक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें पहले से पैसे डाल कर रखे जा सकते हैं. इस पैसे से वस्तु और सेवाएं खरीदी जा सकती है.

पीपीआई से दोस्त या रिश्तेदार, आदि को पैसे भी भेजे जा सकते हैं. अभी देश में तीन प्रकार के पीपीआई काम कर रहे हैं.ये हैं सेमी क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई, क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई और ओपन सिस्टम पीपीआई. पीपीआई को कार्ड और मोबाइल वॉलेट के रूप में जारी किया जा सकता है.

अभी देश में काम कर रहे कुछ प्रमुख पीपीआई में पेटीएम, मोबिक्विक (सेमी क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई), गिफ्ट कार्ड (क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई), ट्रैवल, डेबिट या क्रेडिट कार्ड (ओपन सिस्टम पीपीआई) शामिल हैं.

पीपीआई को बैंक और गैर-बैंकिंग इकाइयां जारी करेंगी. आरबीआई ने कहा, इस पीपीआई में पैसे भरे जा सकते हैं और इसे कार्ड या इलेक्ट्रानिक रूप में जारी किया जा सकता है.

इसमें पैसा बैंक खाते ही भरे जा सकेंगे. इस प्रकार के पीपीआई का उपयोग केवल वस्तु और सेवाओं की खरीद में किया जा सकेगा. बचे हुए पैसे को को फिर से अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा.

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