सोना खरीदने का यह है सही समय... जल्द ही कीमत फिर पहुंचेगी 45 हजार के पार

सोना खरीदने का यह है सही समय... जल्द ही कीमत फिर पहुंचेगी 45 हजार के पार

मीडियावाला.इन।

शेयर बाजार में जारी गिरावट और म्यूचुअल फंडों पर हो रहे असर के बीच लोग निवेश को लेकर भारी असमंजस में हैं। एक तरफ इक्विटी में बढ़ते जोखिम तो दूसरी ओर एफडी, एनपीएस जैसी पारंपरिक जमाओं पर घटते ब्याज को देखते हुए मौजूदा समय सोने में निवेश के लिए सबसे मुफीद है। कोरोना संकट के बीच सोने और चांदी की कीमतों आई बड़ी गिरावट ने इन धातुओं में निवेश को और आकर्षक बना दिया है। अभी हाजिर और वायदा बाजार में क्या है सोने की स्थिति और कितना सही है इसमें निवेश, इसी पर पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-

वैश्विक अर्थव्यवस्था और इक्विटी बाजार में जब भी भूचाल आता है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सबसे ज्यादा मांग सोने की होती है। ऐसे में देखा जाए तो मौजूदा समय में सोने की मांग के साथ कीमतों में भी इजाफा होना चाहिए जबकि इसका ठीक उल्टा हो रहा है। इसकी वजह यह है कि निवेशक अपने इक्विटी के घाटे को पूरा करने के लिए सोने से मार्जिन कमा रहे हैं और इसकी बिकवाली कर रहे हैं। यही कारण है कि सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दिख रही है। छह मार्च को जहां दिल्ली में सोने का भाव 45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था, वहीं 17 मार्च को यह यह घटकर 39,719 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। हालांकि, पिछले शुक्रवार को सोना एक ही दिन में 1,394 रुपये चढ़ गया और आने वाले दो-तीन महीनों में यह दोबारा 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव को पार कर सकता है। अगर आप भी सोना या इससे बने गहने खरीदने का मन बना रहे हैं, तो मौजूदा समय सबसे मुफीद है।

गोल्ड ईटीएफ या पेपर गोल्ड भी विकल्प

कोरोना वायरस के डर से लोग बाजार में खरीदारी करने या ज्वैलर्स की दुकान तक जाने में परहेज कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए गोल्ड ईटीएफ या पेपर गोल्ड में पैसे लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसे शेयरों की तरह एनएसई के कैश मार्केट में खरीदा-बेचा जा सकता है। इसकी एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। अगर आप चाहें तो यूनिट को एकमुश्त या सिप के जरिये किस्तों में भुगतान कर भी खरीद सकते हैं।

गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड ईटीएफ के यूनिट खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट खाते से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। गोल्ड ईटीएफ की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई मिलावट संभव नहीं है। यहां खरीदे गए सोने की शुद्धता गारंटी 99.5 फीसदी की होती है और उसकी कीमत भी इसी पर तय की जाती है। इसके अलावा न तो निवेशक को कोई टैक्स देना होता है, न ही मेकिंग चार्ज।

चांदी भी चमका सकती है किस्मत

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट आई है। पिछले दो महीने में चांदी करीब 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर चुकी है। दरअसल, चांदी को अर्थव्यवस्था का आधार माना जाता है। बेस्ट थर्मल और इलेक्ट्रिकल कंडक्टर होने के नाते औद्योगिक क्षेत्र में चांदी का सबसे ज्यादा उपयोग होता है। मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और सोलर पैनल में भी इसका इस्तेमाल होता है।

कोरोना संकट के बीच औद्योगिक उत्पादन ठप होने से दुनियाभर में इसकी मांग में कमी आई है, जिसका असर कीमतों पर भी पड़ा। एमसीएक्स एक्सचेंज पर चांदी का वायदा भाव आठ जनवरी 2020 को 49,423 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 16 मार्च 2020 को 33,756 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया। हालांकि, पिछले शुक्रवार को इसमें 2,829 रुपये की तेजी दिखी और जल्द ही यह फिर 50 हजार का स्तर पार कर सकती है।

क्या कहते हैं जानकार

केडिया एडवाइजरी के प्रबंध निदेशक और रिसर्च हेड अजय केडिया ने बताया कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी साफ दिखाई दे रही है। ये हालात 2008 की मंदी की तरह ही हैं, जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में लगातार कटौती की थी। इस बार भी हमने देखा कि पिछले एक-डेढ़ महीने में फेड रिजर्व ने तीन बार ब्याज घटाया है।

इसके साथ ही यूरोपीय और एशियाई देशों के भी तमाम केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है। आगे जैसे ही कोरोना संकट का असर थोड़ा कम होगा, सोने की कीमत में जोरदार उछाल आएगा और वापस 45 हजार को पार कर जाएगी। इसके अलावा करंसी मजबूत करने के लिए रिजर्व बैंक को भी सोना खरीदना पड़ेगा जिससे तेजी आएगी। यानी सोने के भाव में वापसी के सभी संकेत दिखाई दे रहे हैं।

amar ujala

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