
पढ़ना जारी रखें
अधिकारियों का मानना है कि जब कागजों पर दिख रहे लेन-देन और जमीन पर माल की आपूर्ति के बीच कोई तालमेल नहीं मिला, तो यह साफ हो गया कि यह केवल फर्जी इनवॉइस के जरिए अवैध रूप से पैसा कमाने की साजिश थी। CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिसमें 5 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी होने पर गैर-जमानती वारंट और 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ उनका अभियान और भी तेज होगा। विभाग ने कारोबारियों से अपील की है कि वेजीएसटी कानूनों का ईमानदारी से पालन करें, क्योंकि डेटा एनालिटिक्स और अन्य तकनीकी माध्यमों से अब ऐसी चोरियों को पकड़ना बेहद आसान हो गया है।जब कागजों पर दिख रहे लेन-देन और जमीन पर माल की आपूर्ति के बीच कोई तालमेल नहीं मिला, तो यह साफ हो गया कि यह केवल फर्जी इनवॉइस के जरिए अवैध रूप से पैसा कमाने की साजिश थी। CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिसमें 5 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी होने पर गैर-जमानती वारंट और 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।