Cabinet Decisions: MP के 7 संभागों में शुरु होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

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Cabinet Decisions: MP के 7 संभागों में शुरु होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

 

भोपाल: मध्यप्रदेश के सात संभागों में जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में आज इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस सेवा के जरिए प्रदेश के ग्रामीण, शहरी और इंटरसिटी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। प्रदेश की यात्री परिवहन संबंधी भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस नवीन योजना में सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

यात्रियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सकेगा। नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी।

सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नवीन योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। इन बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा। नवीन योजना में यात्रियों एवं बस आॅपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा नवीन परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस आॅपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें कन्टीन्यू बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में की गई है, जिससे आपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हो और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।

कैबिनेट में वन विभाग में चीफ कंजरवेटर आॅफिसर का एक पद बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा शासकीय सेवकों को देय भत्तों के पुनरीक्षण पर विचार किया गया। नीमच में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के लिए निश्चित प्रीमियम और भूभाटक जमा कराकर जमीन देने पर भी चर्चा की गई। एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली पर भी कैबिनेट में विचार किया गया।