Cabinet Decisions; भोपाल में 25 करोड़ 75 लाख में बनेगा वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान , चना और मसूर की होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

मुख्यमंत्री डॉ यादव की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णय

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Cabinet Decisions; भोपाल में 25 करोड़ 75 लाख में बनेगा वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान , चना और मसूर की होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

भोपाल: प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने और आर्थिक रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भोपाल में 25 करोड़ 75 लाख खर्च कर वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान बनाया जाएगा। वहीं मध्यप्रदेश में किसानों से चना और मसूर की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।।वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कर्मचारियों को केन्द्रीयकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी भोपाल के परिसर में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कर्मचारियों को केन्द्रीयकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा। जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता से गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध तरीके से एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जाएगी। संस्थान हेतु पदों के सृजन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। इस परियोजना पर तीन वर्षो में कुल 25 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2028-29 तक प्रदेश में दलहनी फसलों चना और मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। इसके लिए दो वर्षो तक राज्य सहकारी विपणन संघ यह खरीदी करेगा। खरीदी में मंडी शुल्क और निराश्रित शुल्क में छूट दी जाएगी। वर्ष 25-26 में चना और मसूर के उपार्जन पर 7050 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए पंद्रह प्रतिशत कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने के लिए तीन वर्षो के उपार्जन कार्य हेतु 26-27 के लिए 1058 करोड़ रुपए एक वर्ष के लिए वर्ष 27-28 के लिए 1058 करोड़ एक वर्ष के लिए और 28-29 के लिए भी 1058 करोड़ रुपए एक वर्ष की अवधि के लिए नि:शुल्क शासकीय गारंटी विपणन संघ को उपलब्ध कराई जाएगी।

एक अन्य फैसले में स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत बच्चों की आरटीई में प्रवेश लेने पर टयूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3038 करोड़ 87 लाख रुपए देने की स्वीकृति प्रदान की गई। नि:शुल्क पाठय पुस्तक वितरण योजना के तहत पांच वर्षो के लिए योजना की लागत का 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई। पीएम श्री विद्यालय में प्रधान मंत्री स्कूल फार राइजिंग इंडिया को निरंतर पांच वर्ष तक चलाने के लिए 2350 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियो को छात्र गृह योजना के अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग की भांति प्रति माह दस हजार रुपए के भुगतान की मंजूरी दी गई। पूर्व से अध्ययनत विद्यार्थियों को नवीनीकरण सहित प्रवेश दिया जाकर लाभान्वित किया जाएगा।

उज्जैन में विमानतल के विस्तार के लिए 437.5 एकड़ भूमि के अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। यहां 320 एयर बस विमानों के संचालन के लिए विकास और विस्तार कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके बनने से महाकाल मंदिर आने वालों और औद्योगिक निवेशक इच्छुक उद्यमियों का आवागमन सुगम हो सकेगा।

*कई योजनाओं को निरंतर रखने की मंजूरी*

वाणिज्य कर विभाग को मध्यप्रदेश नगरीय अधोसंरचना विकास निधि के लिए 2031 तक निरंतर रखने का अनुमोदन किया गया। वाणिज्य कर विभाग को विभागीय परिसम्पत्तियों के के संधारण, आबकारी सामग्री की खरीदी, विभागीय दुकानों के संचालन, कार्यालय भवन निर्माण के लिए 31 तक निरंतर जारी रखने मंजूरी दी गई। स्टांपों की लागत का वर्ष 31 तक निरंतर रखने का अनुमोदन किया गया। वाणिज्य कर विभाग को मुख्यालय स्थापना व्यय और जिला कार्यपालिक स्थापना पांच वर्ष तक निरंतर रखने अनुमोदन किया गया। सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 2031 तक निरंतर रखने 5215 करोड़ की मंजूरी दी गई। इसमें वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य कराए जाएंगे।