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सरकार की ओर से आश्वासन जरूर मिला है। डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली से लौटने के बाद पूरे मामले पर चर्चा कर प्रतिनिधिमंडल को बुलाया जाएगा और तब तक धरना समाप्त करने की अपील की गई है। लेकिन सवाल यही है कि सात साल से सिर्फ आश्वासन ही क्यों मिल रहे हैं?
अभ्यर्थियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भी अपनी स्थिति बताई। कुछ दिन पहले उनका यह कहना कि “नक्सली होते तो शायद करियर बेहतर होता” भले ही तीखा हो, लेकिन यह व्यवस्था के प्रति गहरे अविश्वास को दिखाता है। दूसरी ओर शासन-प्रशासन की भी मजबूरी है। भर्ती (CAF Recruitment) प्रक्रिया, नियम और कानूनी पेच।