गोकशी के विरोध में राणापुर में कैंडल मार्च

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गोकशी के विरोध में राणापुर में कैंडल मार्च

▪️कमलेश नाहर

राणापुर: झाबुआ जिले की मेघनगर तहसील के ग्राम सजेली नानियासात में सामने आए गोकशी के मामले के विरोध में सोमवार रात राणापुर में आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में नागरिक हाथों में कैंडल और दीप लेकर विरोध मार्च में शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संदेश के साथ आयोजित किया गया, जिसमें गौ माता के सम्मान और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

● अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर हुआ एकत्रीकरण

कैंडल मार्च में शामिल सभी लोग पुराना बस स्टैंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर एकत्र हुए। यहां से पूरे कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

● सामूहिक हनुमान चालीसा से कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से की गई। इसके बाद वातावरण में धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने इसे गौ माता के सम्मान और समाज की चेतना से जोड़कर देखा।

● झाबुआ में होने वाले आंदोलन की रूपरेखा बताई

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के गोरक्षा प्रभाग प्रमुख जगदीश धाकड़ ने मंगलवार को झाबुआ में प्रस्तावित विशाल विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गोकशी जैसी घटनाएं समाज की संवेदनाओं पर आघात हैं और इनके खिलाफ संगठित, शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक आंदोलन जरूरी है।

● बालिकाएं और मातृशक्ति रहीं सबसे आगे

कैंडल मार्च के दौरान सबसे आगे बालिकाएं और मातृशक्ति चल रही थीं। यह दृश्य आंदोलन की गंभीरता और सामाजिक सहभागिता को दर्शा रहा था। उनके पीछे बड़ी संख्या में पुरुष, युवा और वरिष्ठजन शामिल रहे।

● शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा मार्च

कैंडल मार्च सुभाष मार्ग, आजाद मार्ग, जवाहर मार्ग, शिवाजी चौक, सरदार मार्ग और एमजी रोड से होते हुए पुनः पुराना बस स्टैंड पहुंचा। पूरे मार्ग में लोगों ने गौ माता के सम्मान में नारे लगाए और गोकशी के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया।

● गूंजे विरोध के नारे

मार्च में शामिल लोग “गौ माता के सम्मान में

राणापुर मैदान में”, “बंद करो बंद करो गो हत्या बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए चल रहे थे। नारों के माध्यम से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की गई।

● झाबुआ पहुंचने का किया गया आह्वान

कार्यक्रम के समापन पर सभी लोगों से मंगलवार को झाबुआ पहुंचकर प्रस्तावित विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक गांव या क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और संवेदनाओं से जुड़ा विषय है।

गोकशी की घटना के विरोध में आयोजित यह कैंडल मार्च क्षेत्र में सामाजिक चेतना और संगठित प्रतिरोध का प्रतीक बनकर सामने आया है।