कॉलम / नजरिया

लदे नहीं हैं अखबारों के दिन

लदे नहीं हैं अखबारों के दिन

मीडियावाला.इन। दुनिया का पता नहीं लेकिन भारत में अखबार तब निकाले गए जबकि अब केवल तोप थी .आज तोपें भीं है और तोपचन्द भी .अखबार आज भी निकल रहे हैं लेकिन अखबारों के वजूद को लेकर आशंकाएं  भी कम...

रानी दुर्गावती और अकबर

रानी दुर्गावती और अकबर

मीडियावाला.इन। भारत के इतिहास के उपेक्षित और लगभग भूले-बिसरे किरदारों मंे से एक हैं रानी दुर्गावती। आजादी के बाद अकबर की तथाकथित महानता के पाठ हमें जीवन रक्षक घोल की तरह पिलाए गए हैं। इन्हीं अकबर "महान्' ने अपनी...

भाजपा-विरोधी 'राष्ट्रमंच' की नाकामी

भाजपा-विरोधी 'राष्ट्रमंच' की नाकामी

मीडियावाला.इन। तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहल की और अपने ‘राष्ट्रमंच’ की ओर से देश के राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई। विपक्षी दलों की इस बैठक की हफ्ते भर से...

'आपातकाल' भारतीय लोकतंत्र के चेहरे पर अमिट काला धब्बा

'आपातकाल' भारतीय लोकतंत्र के चेहरे पर अमिट काला धब्बा

मीडियावाला.इन। 25 जून 1975 देश के लिए वह काला दुर्भाग्यशाली दिन था जिस दिन कांग्रेस नेत्री और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने अत्यंत क्रूरता से देश पर अकारण आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं को  तार-तार...

विपक्षी एकता;केर-बेर का संग

विपक्षी एकता;केर-बेर का संग

मीडियावाला.इन। देर-सवेर ही सही लेकिन भाजपा के खिलाफ देश के विपक्षी दलों में एक मंच पर खड़े होकर संघर्ष करने की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है .धीरे-धीरे हासिये पर जा रहे देश के पूर्व कृषि मंत्री और एनसीपी के...

सिमटते अखबार और सोशल मीडिया में सूचनाओं का लंगर...!

सिमटते अखबार और सोशल मीडिया में सूचनाओं का लंगर...!

मीडियावाला.इन। कोरोना की पहली लहर में अखबारों को एनीमिक बनाया तो दूसरी लहर ने उनकी बची खुची कमर भी तोड़ दी है। अखबार एक एक कर बंद होते जा रहे हैं। वहां काम करने वाले मीडिया सड़क पर आते...

रिकाॅर्ड ‍टीकाकरण की इस रफ्‍तार को स्थायी बनाना होगा...!

रिकाॅर्ड ‍टीकाकरण की इस रफ्‍तार को स्थायी बनाना होगा...!

मीडियावाला.इन। ‘योग दिवस’ पर भारत सरकार द्वारा छेड़े गए कोविड 19 टीकाकरण महाभियान के तहत भारत भर में रिकाॅर्ड 75 लाख टीके एक दिन में लगाए जाने की खबर इस दृष्टि से भी उत्साहजनक है क्योंकि वैक्सीन को लेकर...

शिवराज को पसंद आया गोविंद का सुझाव....

शिवराज को पसंद आया गोविंद का सुझाव....

मीडियावाला.इन। कोरोना से माता-पिता की मृत्यु पर अनाथ हुए बच्चों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस योजना की घोषणा की है, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। योजना में अनाथ बच्चों की परिवरिश...

शेरनी: नाम के विपरीत कुछ फीकी फीकी सी है फिल्म

शेरनी: नाम के विपरीत कुछ फीकी फीकी सी है फिल्म

मीडियावाला.इन। आतिश का वो मशहूर शेर तो आप सब को याद ही होगा; “बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का , जो चीरा तो एक कतरा-ए-खूँ ना निकला” | नक्सल और चुनाव जैसे विषय पर सलीके...

ट्विटर और टीवी की निरंकुशता

ट्विटर और टीवी की निरंकुशता

मीडियावाला.इन। ट्विटर और टीवी चैनलों पर सरकार अंकुश लगाना चाहती है लेकिन कुछ पत्रकार संगठन और विपक्षी नेता इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता का हनन है।...

अभिव्यक्ति पर राजनीति का फंदा कितना मजबूत

अभिव्यक्ति पर राजनीति का फंदा कितना मजबूत

मीडियावाला.इन। अखबार, टी वी न्यूज़ चैनल, वेबसाइट के बाद अब ट्वीटर, फेस बुक पर भी कानून का नया फंदा| हर दूसरे तीसरे हफ्ते अभिव्यक्ति की आज़ादी के दुरुपयोग अथवा सत्ता के दबाव का मुद्दा अदालत पहुँच रहा...

जंगल के साथ परदे से भी जानवर गुम!

जंगल के साथ परदे से भी जानवर गुम!

मीडियावाला.इन। किसी भी फिल्म की जान उसके नायक और नायिका होते हैं। कथानक के केंद्र बिंदु में यही दो चरित्र छाए रहते हैं। दर्शक भी फिल्म के बारे कोई अनुमान लगाने से पहले उसके नायक और नायिका पर नजर...

चाहने वालों की चाहत का आलम

चाहने वालों की चाहत का आलम

मीडियावाला.इन। चाहने वाले किसे पसंद नहीं हैं , पर कभी कभी चाहने वालों की दीवानगी भी मुसीबत का कारण बन जाती है | खेल हो , राजनीति हो , साहित्य हो या फ़िल्मी स्क्रीन के सितारे हों ; यानी...

चंबल-ग्वालियर: ज्योतिरादित्य के भाजपा सांसदों से संबंध बेपटरी

चंबल-ग्वालियर: ज्योतिरादित्य के भाजपा सांसदों से संबंध बेपटरी

मीडियावाला.इन। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की पटरी चंबल-ग्वालियर अंचल के सांसदों के साथ नहीं बैठ पा रही है। खासकर ग्वालियर के विवेक शेजवलकर और गुना-शिवपुरी क्षेत्र के केपी यादव से सिंधिया के साथ संबंध...

भाजपा में सिधिंया ताकतवर क्या हुए, असहज हो गए दिग्विजय-कमलनाथ

भाजपा में सिधिंया ताकतवर क्या हुए, असहज हो गए दिग्विजय-कमलनाथ

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश की राजनीति में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ऐसे दो पूर्व मुख्यमंत्री है। जिनका अब राजनीति लक्ष्य कांग्रेस की सरकार को गिराकर भारतीय जनता पार्टी की मजबूत सरकार बनाने वाले एक मात्र किरदार  महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमजोर करना...

संदर्भ लोकेश जांगिड़: सरकार से बड़ा कोई नहीं

संदर्भ लोकेश जांगिड़: सरकार से बड़ा कोई नहीं

मीडियावाला.इन। अपने 40 साल के प्रशासकीय अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि सरकार से बड़ा कोई नहीं। मेरा आशय साफ है कि कोई भी अधिकारी या उद्योगपति या अन्य कोई पावरफुल नेता यह...

IAS जांगिड़ के बहाने ईमानदारी पर बहस

IAS जांगिड़ के बहाने ईमानदारी पर बहस

मीडियावाला.इन। भारतीय  प्रशासनिक सेवा के 2014  बैच के अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ के बहाने आज एक बार फिर हम ' ईमानदारी ' पर चर्चा करने का अवसर पा चुके हैं .मध्यप्रदेश कैडर के इस नौजवान अधिकारी को 4 साल...

मोदी, योगी में द्वंद्व बढ़ा तो भुगतेगी भाजपा

मोदी, योगी में द्वंद्व बढ़ा तो भुगतेगी भाजपा

मीडियावाला.इन। राम मंदिर परिसर के विस्तार के लिए खरीदी गई जमीन के अनाप,शनाप दाम को लेकर उठे विवाद का असली मकसद क्या भाजपा के अंदर से ही नरेंद्र मोदी और उनके विश्वसनीय लोगों की छवि को नुकसान...

क्या हर ‘जांगिड़’ की नियति ‘खेमका’ होना ही है?

क्या हर ‘जांगिड़’ की नियति ‘खेमका’ होना ही है?

मीडियावाला.इन। सरकारी ही क्यों, किसी भी नौकरी में निष्पक्षता, स्वविवेक और सचमुच ईमानदारी से काम करने की कोई गुंजाइश होती है? व्यवस्था को चुनौती देने वाली हर आवाज का हश्र एक जैसा ही क्यों होता है? और...