कॉलम / नजरिया

कोरोना के इस काल में हम क्या करें?

कोरोना के इस काल में हम क्या करें?

मीडियावाला.इन। हमारे केंद्र और राज्यों की सरकारें कोरोना से लड़ने में कसर नहीं छोड़ रही हैं लेकिन हम एक अरब 38 करोड़ लोग घरों में बैठे-बैठे क्या कर रहे हैं? यदि हम डाॅक्टरों, नर्सों, पुलिसवालों, ड्राइवरों, भोजन...

सवाल पूछे ही नहीं जा रहे हैं, जवाब मिलते जा रहे हैं!

सवाल पूछे ही नहीं जा रहे हैं, जवाब मिलते जा रहे हैं!

मीडियावाला.इन। हवा का रुख़ देखकर लगता है कि लोगों की बेचैनी बढ़ रही है, वे पहले के मुक़ाबले ज़्यादा नाराज़ होने लगे हैं और अकेलेपन से घबराकर बाहर कहीं टूट पड़ने के लिए छटपटा रहे हैं। मनोवैज्ञानिक...

बरसों बाद भी 'दूरदर्शन' के ये सीरियल आज भी बेजोड़!

बरसों बाद भी 'दूरदर्शन' के ये सीरियल आज भी बेजोड़!

मीडियावाला.इन। पने शुरूआती काल से अभी तक टेलीविजन में बहुत कुछ बदलाव आया है। तकनीकी विस्तार के अलावा सीरियलों के कथानक भी बदले और दर्शकों का सोच भी! इन सालों में निजी चैनलों ने मनोरंजन की ऐसी नईदुनिया रच...

कोरोना का पलटवार रोकने सीमित लॉक डाउन जरूरी

कोरोना का पलटवार रोकने सीमित लॉक डाउन जरूरी

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिये  जिस तरह से पहले जनता कर्फ्यू , फिर लॉक डाउन की घोषणा कर उसे लागू किया, उसकी सराहना दुनिया ने की और देशवासियों ने भी...

जब हमने ‘रामायण’ के लक्ष्मण को बना दिया आइसक्रीम वाला..!!!

जब हमने ‘रामायण’ के लक्ष्मण को बना दिया आइसक्रीम वाला..!!!

मीडियावाला.इन। ‘रामायण’ के लक्ष्मण आइसक्रीम बेच रहे हैं !!!.. चौंकना लाजमी है, हम भी 27 साल पहले यह ‘एक्सक्लूसिव’ जानकारी पाकर आश्चर्य में पड़ गए थे। यह खबर मैंने 7 अप्रैल 1993 को लिखी थी और देशबंधु...

प्रधानमंत्री के आह्वान में छुपा  ज्योतिषीय, पौराणिक और तिथि का महत्व!

प्रधानमंत्री के आह्वान में छुपा ज्योतिषीय, पौराणिक और तिथि का महत्व!

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट तक अपने घरों की बत्तियां बुझाकर घर के बाहर दीपक या मोमबत्ती का प्रकाश करने की अपील की है। उनके इस आह्वान से...

फिर कह रहा हूँ सूक्ष्म परीक्षण और जांच कीजिए, चंद लोग मौत बाँटने निकले हैं.....

फिर कह रहा हूँ सूक्ष्म परीक्षण और जांच कीजिए, चंद लोग मौत बाँटने निकले हैं.....

मीडियावाला.इन। कुछ लोगों को राजनीति करना, यह उनका हक है। यह कितना न्यायोचित है, यह निर्णय कल अवाम करेगा। मैंने पहले भी गिना है कि पत्थर फेंकने...

इतना सन्नाटा क्यों है भाई.......

इतना सन्नाटा क्यों है भाई.......

मीडियावाला.इन। पहले एक दिन का जनता कर्फ्यू, फिर २१ दिन का करोना कर्फ्यू और इसी दरम्यान चौदह दिन के सेल्फ आइसोलेशन के चलते घर से निकलना बिल्कुल ही कम हो गया है। मगर जब निकलो तो हर...

बागियों-भाजपा नेताओं में संतुलन बनाना रस्सी पर चलने जैसा

बागियों-भाजपा नेताओं में संतुलन बनाना रस्सी पर चलने जैसा

मीडियावाला.इन। वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद चंबल-ग्वालियर अंचल की राजनीति करवट बदल रही है। भाजपा नेता बेचैन हैं। उन्हें अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंता है। भाजपा की शिवराज सरकार...

देश हित में लॉक डाउन को क्रमश: खोला जाये

देश हित में लॉक डाउन को क्रमश: खोला जाये

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिये  जिस तरह से पहले जनता कर्फ्यू , फिर लॉक डाउन की घोषणा कर उसे लागू किया, उसकी सराहना दुनिया ने की और देशवासियों ने भी...

आखिर इन बस्तियों से ही पत्थर क्यों आते हैं?

आखिर इन बस्तियों से ही पत्थर क्यों आते हैं?

मीडियावाला.इन। वसुदैव कुटुम्बकम और सर्वे भवंतु सुखिना में विश्वास करने वाली संस्कृति और सभ्यता वाले देश में आपने सुना होगा कि कुछ दिन पहले लोगों को डर लगता था। ऋषियों और मुनियों के इस देश में कुछ लोग सहिष्णुता...

आर्थिक सुधार चालू आहेत

आर्थिक सुधार चालू आहेत

मीडियावाला.इन। लॉकडाउन है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार कोई काम नहीं कर रही।  सरकार अपनी जगह है और वह भविष्य के लिए योजनाएं बनाने में लगी है। लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था में कुछ समय ...

क्या देश की जनता इसी ‘रोशनी’ की प्रतीक्षा कर रही थी  ?

क्या देश की जनता इसी ‘रोशनी’ की प्रतीक्षा कर रही थी ?

मीडियावाला.इन। किसी भी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री को अपने ही नागरिकों के साथ क्या बात करना चाहिए ,ख़ासकर उस स्थिति में जिसमें कि सारी दुनिया आज है यानी कोई भी एक मुल्क दूसरे की उस तरह से मदद करने की...

प्रधानमंत्री का आव्हान: जानिए क्या है दीप प्रज्वलन के पीछे का मनोविज्ञान 

प्रधानमंत्री का आव्हान: जानिए क्या है दीप प्रज्वलन के पीछे का मनोविज्ञान 

मीडियावाला.इन। असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ (हमको) असत्य से सत्य की ओर ले चलो । अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ।। मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥। प्रधानमंत्री नरेंद्र...

कोरोनाः सरकारें अपना मौन तोड़ें

कोरोनाः सरकारें अपना मौन तोड़ें

मीडियावाला.इन। कोरोना-युद्ध में केंद्र और दिल्ली की सरकार को उसी सख्ती का परिचय देना चाहिए था, जो इंदिरा गांधी ने 1984 में पंजाब में दिया था। दो हफ्ते तक मरकजे-तबलीगी जमात के जमावड़े को वह क्यों बर्दाश्त...

लॉकडाउन में ख़त्म हो गए ये  6 सरकारी बैंक

लॉकडाउन में ख़त्म हो गए ये 6 सरकारी बैंक

मीडियावाला.इन। लॉकडाउन चल रहा है और अगर इनमें से बैंक में काम करते हैं या  आपका बैंक खाता इन छह बैंकों ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्र बैंक, कार्पोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक या  सिंडिकेट...

कोरोना :टकराव और पथराव दुर्भाग्यपूर्ण

कोरोना :टकराव और पथराव दुर्भाग्यपूर्ण

मीडियावाला.इन। देश में महामारी बन कर दुनिया में आतंक फैला रहे  कोरोना वायरस के आक्रमण को रोकने के लिए देश में 21  दिन के सम्पूर्ण  लाकडाउन के दौरान स्वास्थ्य दलों पर पथराव और तब्लीग में शरण लेने...

अगर डाॅक्टर भी ‘शैतान’ है तो फरिश्ता कौन है?

अगर डाॅक्टर भी ‘शैतान’ है तो फरिश्ता कौन है?

मीडियावाला.इन। तब्लीगी जमात प्रकरण ने कोरोना के खिलाफ देशव्यापी जंग को साम्प्रदायिक मोड़ दे ही दिया था, अब मप्र के इंदौर, बिहार के मधुबनी और झारखंड के रांची में धर्मांध और जाहिल लोगो ने जांच के लिए...

कोरोनाई माहौल में ‘छिपने’, ‘जमने’ और ‘फंसने’ की सूक्ष्म मीमांसा..

कोरोनाई माहौल में ‘छिपने’, ‘जमने’ और ‘फंसने’ की सूक्ष्म मीमांसा..

मीडियावाला.इन। कोरोनाई दशहत के इस माहौल में मीडिया में हाल में तीन तीन खबरें नमूदार हुईं। उनका बुनियादी मजमून एक ही था। पेशकारी अलग-अलग थी। जरा भाषा पर गौर करें। पहली, निजामुद्दीन मरकज में छिपे जमातियों को...

‘वसुधैव कुटुंबकम’ को चरितार्थ करता ‘कोरोना’

‘वसुधैव कुटुंबकम’ को चरितार्थ करता ‘कोरोना’

मीडियावाला.इन। अभी तक दुनिया के सभी मंचों पर भारतीय भावना वसुधैव कुटुम्बकम को सैद्धांतिक तौर पर सुना जाता था। अर्थ की दृष्टि से वैश्वीकरण के भाव को मूर्त रूप देने के प्रयास को निहित स्वार्थों का प्रतीक...