कॉलम / नजरिया

संसद की मर्यादा तोड़ते राजनेता

संसद की मर्यादा तोड़ते राजनेता

मीडियावाला.इन। देश के संसदीय इतिहास में 2012 के मॉनसून सत्र को सबसे ज्यादा गतिरोध वाला सत्र माना जाता है. तब कोयला खदानों में आवंटन में हुई गड़बड़ी का मुद्दा था और इस पर यूपीए सरकार को विपक्ष ने...

बेटी बचाओ में महाराष्ट्र के करमला तालुका ने रचा इतिहास

बेटी बचाओ में महाराष्ट्र के करमला तालुका ने रचा इतिहास

डॉक्टर, वकील, कोचिंग, कटिंग वाले नहीं लेंगे बेटी के पिता से पैसे पुणे के डॉ. गणेश राख की मुहिम रंग ला रही है बेटी के जन्म पर निशुल्क प्रसूति करने वाले डॉ.गणेश राख ने...

अटारी सीमा पर जब हमारा पसीना छूटा

अटारी सीमा पर जब हमारा पसीना छूटा

लफ्जों से तो कई बार हम कहते हैं कि सीमा पर जब हमारे सिपाही जागते रहते हैं तब हम अपने घरों में चैन की नींद सोये रहते हैं। झुलसा देने वाली धूप, हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड और...

यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं है?

यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं है?

मीडियावाला.इन। सवाल तो यही है कि अपने अधिकारों की रक्षा की खातिर आवाज उठाने के लिए क्या दूसरों के अधिकारों की बलि चढ़ा देनी चाहिए? जिस तरह से सड़कों पर उपद्रव मचाया गया, सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया गया,...

आसाराम के पड़ोस में सलमान

आसाराम के पड़ोस में सलमान

मीडियावाला.इन। जोधपुर सेंट्रल जेल की बैरक नंबर दो में यौन शोषण के कथित आरोपी आसाराम बापू ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि सलमान खान भी उसी बैरक में रात गुजारेंगे।बीस साल से सलमान और उनके साथी कलाकारों...

इस घटाघोप को छाँटिए वरना इतिहास माफ नहीं करेगा..! साँच कहै ता..जयराम शुक्ल

इस घटाघोप को छाँटिए वरना इतिहास माफ नहीं करेगा..! साँच कहै ता..जयराम शुक्ल

मीडियावाला.इन। सड़कों पर पंद्रह लाशों (अवर्णों-सवर्णों की) के बिछनें, सैकड़ों के घायल होने, अरबों की संपत्ति फुँकने के बाद उन कलेजों को जरूर कुछ ठंडक मिली होगी जो सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या को अपनी डूबती राजनीति के लिए संजीवनी...

कैंसर रोगियों का जीवन अमृत - सिप्ला फाउंडेशन

कैंसर रोगियों का जीवन अमृत - सिप्ला फाउंडेशन

रोग का इलाज करना और रोगी में जीवन के प्रति अनुराग पैदा करना ये दोनों अलग-अलग मसले हैं। इस मामले में पुणे का सिप्ला पेलिएटिव केयर  सेंटर अपने आप में  अकेला, अदभुत और अनुकरणीय है। यहाँ कैंसर जैसे जानलेवा...

इनके ही लहू से सियासत सुर्ख दिखती है

इनके ही लहू से सियासत सुर्ख दिखती है

"सड़कों पर बिछी लाशें, बहते खून,जलती बसें और दुकानों की आँच से इस मौसमी तपिश में भी उन कलफदारों के कलेजे में ठंडक पहुँच रही होगी जो इस बात पर यकीन करते हैं कि सड़कों पर बहने वाले...

बापू से साक्षात्कार का एहसास

बापू से साक्षात्कार का एहसास

मैं खड़ी थी सत्याग्रह भवन के सामने और दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में यह मेरी यात्रा का सम्मेलन स्थल से पृथक पहला दर्शनीय स्थल बना। यहाँ चलने का हमने नहीं कहा था पर यहाँ सबसे पहले पहुँचाने का श्रेय...

फेसबुक के विकल्प भी कम नहीं

फेसबुक के विकल्प भी कम नहीं

जब से यह खबर सुर्खियों में आई है कि फेसबुक के डाटा का उपयोग कुछ कंपनियां शोध के लिए कर रही है और वे राजनैतिक विज्ञापनों में उसे काम में लेती है, तब से फेसबुक पर आपत्तियां आने...

कहानी हेमंत और प्रिंशु की

कहानी हेमंत और प्रिंशु की

मध्यप्रदेश से उपजी यह एक दिलचस्प स्टोरी है। इसमें प्यार के ड्रामे भी हैं। सेक्स का तड़का है। बेहिसाब पैसा है। सत्ता का नशा है। महत्वाकांक्षा का बुखार है। इश्क है। तड़प है। वादे हैं। खुशनुमा जिंदगी हर तरह...

सारी दुनिया एक ही नक़्शे में - लॉस वेगास

सारी दुनिया एक ही नक़्शे में - लॉस वेगास

बस जीवन में एक बार असली टेबल पर खेल लिया पोकर और बन गई जुआरी जीतने का दाँव कृत और हारने का दाँव कलि कहलाता था। बौद्ध ग्रंथों में भी कृत तथा कलि का यह विरोध संकेतित किया गया...

भाग-2 - संघ को खूब कोसिए, बिल्कुल मत छोड़िए

भाग-2 - संघ को खूब कोसिए, बिल्कुल मत छोड़िए

1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया तो देश के सारे विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनसे किसी भी रूप में जुड़े बेकसूर लोगों को भी जेलों में ठूंस दिया गया था। हर जेलों में आरएसएस के लोग...

एक कपूत, कायर प्रेमी और भगोड़ा पति

एक कपूत, कायर प्रेमी और भगोड़ा पति

एक अनारकली मर गई। अकबर ने उसे दीवार में नहीं चुनवाया। धोखेबाज साला सलीम ही निकला। अब वह किस बादशाह से भिड़ती। बेचारी खुद ही चल बसी। प्रीति के मामले में साहब, पद्मिनी की किस्मत में राणा रतनसिंह की...

समाचार या अत्याचार

समाचार या अत्याचार

किसी भी अच्छे-भले आदमी की मौत एक दुखद खबर है। अगर वो राजनीति, सिनेमा या क्रिकेट की कोई जानी-मानी शख्सियत हो तो खबर बड़ी होगी। हालांकि सरहद पर दुश्मन से लड़ते हुए शहीद हुए फौजी की खबर उतनी बड़ी...

सेल्फी पोस्ट करने के पहले करें ये 3 सवाल

सेल्फी पोस्ट करने के पहले करें ये 3 सवाल

सायकोलॉजी टुडे नामक पत्रिका में सोशल मीडिया को लेकर तरह-तरह के रिसर्च लेख छपते रहते हैं। इन लेखों में सोशल मीडिया के लती लोगों के बारे में नए-नए तथ्य उजागर होते रहते हैं। इनमें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों...

सरदार सरोवर का सार संक्षेप

सरदार सरोवर का सार संक्षेप

मेधा पाटकर को आखिर क्या चाहिए? तीन दशकों से यह औरत सड़कों पर है। हरसूद में 1989 की रैली के समय पहली बार मेधा का नाम देश के स्तर पर सुना गया था। वे इंदिरा सागर बांध की डूब...

पहला भाग - बीजेपी का जश्न और संघ की साधना

पहला भाग - बीजेपी का जश्न और संघ की साधना

असम के बाद त्रिपुरा में बीजेपी के बहुमत की सरकार। नगालैंड में शानदार बढ़त। मेघालय में बराबर की टक्कर। उत्तर-पूर्व के पहाड़ों पर बीजेपी का परचम फहराया है तो बेशक सियासी तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह...

मेरे देश के दो बड़े स्पीडब्रेकर

मेरे देश के दो बड़े स्पीडब्रेकर

दो बेडरूम के फ्लैट में चार सदस्य बढ़कर चालीस हो जाएं तो उस घर की दशा क्या होगी? अकेली टेक्नोलॉजी के बूते पर ऐसे घर की कितनी समस्याओं के हल हो सकेंगे जबकि घर में लोग लगातार बढ़ ही रहे...