Friday, February 21, 2020

कॉलम / नजरिया

भाषा का मृत्यु पत्र

भाषा का मृत्यु पत्र

मीडियावाला.इन। भरी सभा में अजीब कोलाहल है। भाषा कांच के ताबूत में सबके सामने है। पक्ष, विपक्ष, निष्पक्ष सब अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। भाषा को बचाने के अपने मंसूबे बता रहे हैं। चारणों की तरह चीख रहे हैं।...

हवा-पानी में बेइमानी घोलने वालो सुनों!

हवा-पानी में बेइमानी घोलने वालो सुनों!

मीडियावाला.इन। देशभर का अमन चैन हरने वाली दिल्ली की नीद हराम है। वो धुंधकाल से गुजर रही है। हर साल यह और गहन होता जाता है। मैंने मित्र से पूछा तो बोले पता नहीं किनके पापों का फल भोग...

दुनिया में ऐसा वन्यजीव प्रेमी और कहां!

दुनिया में ऐसा वन्यजीव प्रेमी और कहां!

मीडियावाला.इन। इंदिरा गांधी को विरोधी पक्ष भले ही स्वेच्छाचारी व निरंकुश कहे पर यथार्थ में वे बेहद संवेदनशील और करुणा की प्रतिमूर्ति थीं।  निजी उपक्रमों का राष्ट्रीयकरण, प्रीवीपर्स विलोपन, बांग्ला विजय, आपातकाल, आपरेशन स्वर्णमंदिर के लिए उनका नाम...

रिस्क उठा नाम कमा,डर के आगे जीत है!

रिस्क उठा नाम कमा,डर के आगे जीत है!

मीडियावाला.इन। कई विग्यापनों के स्लोगन बड़े प्रेरक होते हैं। बैद्धिक लोग प्रायः इन्हें बाजारू समझकर अपने विमर्श से दूर ही रखते हैं, जबकि एक पंक्ति के कुछ शब्द इनके निबंधों, कविताओं पर बहुत भारी पड़ते हैं। जहाँ...

अयोध्या के अपराध

अयोध्या के अपराध

मीडियावाला.इन।      9 नवम्बर के ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने डेढ़ सौ वर्ष पुराने अयोध्या विवाद का निपटारा कर दिया।हिंदुओं को उनके द्वारा दावा की गई राम लला मंदिर के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित भूमि दे दी...

एनडीए का बदलता  डीएनए

एनडीए का बदलता डीएनए

मीडियावाला.इन। देश में इनदिनों  किसी एक पार्टी के बारे में नहीं बल्कि गिरोहों के बारे में सोचना पड़ता है।अब न अकेली कांग्रेस है और न अकेली भाजपा।एक के गिरोह का नाम यूपीए है तो दूसरे का नाम...

'मूल अधिकार'नहीं स्वास्थ्य तो अब लूट का साधन है

'मूल अधिकार'नहीं स्वास्थ्य तो अब लूट का साधन है

मीडियावाला.इन। अपना संविधान जब बना था तब वाक़ई उसके निर्माताओं की दृष्टि दूर तक देखने में सक्षम थी.तभी तो इसके अनुच्छेद 21 में "जीवन के मूल अधिकार" के तहत चिकित्सा सेवाओं को नागरिकों के मूल अधिकार के...

जब्बार जिसने कभी ना मानी हार,

जब्बार जिसने कभी ना मानी हार,

मीडियावाला.इन। वो इंडियन काफी हाउस की दोपहर ही थी जब दिग्विजय सिंह ने हम पत्रकार मित्रों के बीच फोन लगाकर प्रदेश के मुख्य सचिव को कहा था कि अब्दुल जब्बार के जल्दी भोपाल से बाहर देश के किसी अच्छे...

ब्रिक्स में भारत की बुलंदी

ब्रिक्स में भारत की बुलंदी

मीडियावाला.इन। ब्राजील में हुआ ब्रिक्स सम्मेलन भारत की दृष्टि से काफी सार्थक रहा। इसमें पांच देशों- ब्राजील, भारत, चीन, रुस और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया है, उसमें वे सभी मुद्दे हैं, जिन्हें...

मरजांवा फ़िल्म समीक्षा

मरजांवा फ़िल्म समीक्षा

मीडियावाला.इन। हे प्रभु, मुझे माफ़ कर, मैंने मरजाँवा देख ली!   मुझे पागल कुत्ते ने नहीं काटा था, लेकिन फिर भी मैं मरजाँवा फिल्म देखने के लिए चला गया।  आप किसी भी...

वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

मीडियावाला.इन। जननायक बिरसा मुंडा जयंती पर विशेष "रामायण कथा वनवासियों के पराक्रम और अतुल्य सामर्थ्य की कथा है, जिसमें उन्होंने राम के नेतृत्व में पूंजीवाद, आतंकवाद के पोषक साम्राज्यवादी रावण को पराजित कर...

इस मीडियावी दुनिया में हमारे बच्चों के लिए क्या..!

इस मीडियावी दुनिया में हमारे बच्चों के लिए क्या..!

मीडियावाला.इन। अभी कुछ दिन पहले एक कवि सम्मेलन में जाना हुआ। कभी कविताई भी कर लेता था सो पुराना कवि मानते हुए आयोजकों ने अध्यक्ष बना दिया। संगोष्ठी और कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करना बड़ा दुश्कर काम है। सबकी...

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मुद्दे पर मुद्दा भारी है

मीडियावाला.इन। हमारे मुल्क में मुद्दे ढंग से न खुशी  मनाने देते हैं न गम ।यानि एक मुद्दा दूसरे पर इतनी आसानी से अतिक्रमण कर लेता है कि  हैरानी होने लगती है ।राम जन्म भूमि विवाद के शांतिपूर्ण निबटारे का...

ये नेता नहीं, कुर्सीदास हैं

ये नेता नहीं, कुर्सीदास हैं

मीडियावाला.इन। भारतीय राजनीति के घोर अधःपतन का घिनौना रुप किसी को देखना हो तो वह आजकल के महाराष्ट्र को देखे। जो लोग अपने आप को नेता कहते हैं, वे क्या हैं ? वे सिर्फ कुर्सीदास हैं। कुर्सी के लिए...

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

किला भी ढहा और दर्प भी चकनाचूर

मीडियावाला.इन। सियासत में मेरी दिलचस्पी जब-जब कम होती है,तब-तब कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जो इस दिलचस्पी को दिलचस्प बना देता है ।अबकी भारतीय राजनीति में महाराष्ट्र ने कमाल कर दिया। भग्न जनादेश के बावजूद सरकार बनाने...

महाराष्ट्र में राजनीति का महाभारत

महाराष्ट्र में राजनीति का महाभारत

मीडियावाला.इन। राजनीति में सब कुछ संभव है' कई अवसरों पर बोले जाने वाली इस लाइन के हर तरीके से अर्थ को महाराष्ट्र में सरकार बनाने को आतुर दलों की जोड़तोड़ और राज्यपाल कोश्यारी की होशियारी से समझ आ जाना...

स्मृति शेष: मेरे प्रश्न पर तब शेषन ऐसे भड़के थे कि  प्रेस कांफरेंस अधूरी छोड़ कर चले गए थे

स्मृति शेष: मेरे प्रश्न पर तब शेषन ऐसे भड़के थे कि प्रेस कांफरेंस अधूरी छोड़ कर चले गए थे

मीडियावाला.इन। टीएन शेषन (तिरुनेलै नारायण अइयर शेषन) इंदौर आए थे सत्यसांई स्कूल के वार्षिक समारोह में शामिल होने।सुबह रेसीडेंसी पर उनसे प्रेस कांफरेंस के दौरान मेरी उनसे कुछ ऐसी हॉट टॉक हो गई कि वे गुस्से में प्रेस कांफरेंस...

भगवा जुनून: इसे अंधी श्रद्धा कहें या लोगों की आस्था का उपहास?

भगवा जुनून: इसे अंधी श्रद्धा कहें या लोगों की आस्था का उपहास?

मीडियावाला.इन। देश में ' विजय के जश्न' के बीच यह खबर भी यूपी से ही आई है। पसंद तो आप इसे लोगों की भोली आस्था का मजाक उड़ाना कहें,...

मुक़दमों में फंसा किसान और मौज़ करते कारकून

मुक़दमों में फंसा किसान और मौज़ करते कारकून

मीडियावाला.इन। कहते हैं कि जब रोम जल रहा था,तब वहां का राजा 'नीरो'बांसुरी बजा रहा था. ऐसी ही एक किंवदंती अपने देश में भी है कि किसी दुश्मन के हमले के समय कोई नवाब साहब इसलिए नहीं...

हिंदू व मुस्लिमः दोनों जीत गए

हिंदू व मुस्लिमः दोनों जीत गए

मीडियावाला.इन। अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, उससे मैं बहुत प्रसन्न हूं। पहली बात तो यह कि यह फैसला सर्वसम्मति से आया है और फिर बड़ी बात यह कि देश...