कॉलम / नजरिया

सँभल सको तो सँभलो आगे अंधी खोह है.! साँच कहै ता

सँभल सको तो सँभलो आगे अंधी खोह है.! साँच कहै ता

मीडियावाला.इन। देश में हिंदू-मुसलमान को लेकर आज जो चल रहा है उसे देखते हुए मेरे अवचेतन मन में अपने गाँव के कुछ वाकए, कई निर्दोष किस्से रह-रह कर याद आते हैं..। ढूँढिये आपके इर्द-गिर्द भी ऐसे ही बिखरे मिलेंगे।...

किताबों का पुष्य नक्षत्र कहाँ  गायब  है?

किताबों का पुष्य नक्षत्र कहाँ गायब है?

मीडियावाला.इन। देश में पुस्तकों का महा कुम्भ चल रहा है लेकिन देश के सारे ज्योतिषी शीत निद्रा में हैं,कोई नहीं बता रहा की किताबें खरीदने के लिए फिलहाल कोई पुष्य नक्षत्र है भी या नहीं? दरअसल हम...

कमलनाथ की ख़ामोशी में ही छुपी है उनकी ताकत!

कमलनाथ की ख़ामोशी में ही छुपी है उनकी ताकत!

मीडियावाला.इन। कमलनाथ के कम बोलने में ही छुपी है उनकी ताकत!  राजनीति में कोई व्यक्ति कम बोलकर कैसे सफल हो सकता है, ये मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पहले साल में साबित कर दिया।...

अमेरिका व ईरान के बीच जंग की आहट और भारत की मुश्किलें

अमेरिका व ईरान के बीच जंग की आहट और भारत की मुश्किलें

मीडियावाला.इन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बदले की कार्रवाइयों के बीच भारत के कई उर्दू अखबारों ने इसे दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की आहट के रूप में देखना शुरू कर दिया है। फिलहाल इसे दूर की कौड़ी...

पिता ठंड में अलाव है

पिता ठंड में अलाव है

मीडियावाला.इन। उज्जैन के विक्रम यूनिवर्सिटी कैम्पस में सुबह 7.30 बजे एक्जाम से पहले बच्चों के आने की शुरुआत हुई। एक्जाम 8 बजे शुरू होना थी, लेकिन अब तक डिपार्टमेंट के गेट भी नहीं खुले थे। बाहर ठंड अलग ही...

पांवों पर  कुल्हाड़ी मारते  लोग

पांवों पर कुल्हाड़ी मारते लोग

मीडियावाला.इन। मैं उन दुर्भाग्यशाली लोगों में से हूँ जो जेएनयू या एएमयू जैसे किसी नाम-चीन्ह शिक्षा संस्थान में नहीं पढ़े। घर वालों की हैसियत भी नहीं थी और सोच भी और आज लगता है कि जो हुआ...

ये अस्पताल हैं या कब्रिस्तान ?

ये अस्पताल हैं या कब्रिस्तान ?

मीडियावाला.इन। भारत में सरकारी अस्पतालों की कितनी दुर्दशा है, इस पर मैं पहले भी लिख चुका हूं। लेकिन इधर राजस्थान में कोटा के जेके लोन अस्पताल में सौ से भी ज्यादा बच्चों की मौत ने पूरे देश का ध्यान...

मौसम के इस बदलते‍  मिजाज को शरारत न समझें..!

मौसम के इस बदलते‍ मिजाज को शरारत न समझें..!

मीडियावाला.इन। पूरा उत्तर भारत इन दिनो सर्दी से सिहर रहा है। बारिश के बाद जिस सर्दी का बेसब्री से इंतजार था, वह ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ के मोड़ में आ गई है। बीते साल में कुछ इसी...

सँभल सको तो सँभलो, आगे..अंधी खोह है.!

सँभल सको तो सँभलो, आगे..अंधी खोह है.!

मीडियावाला.इन। देश में हिंदू-मुसलमान को लेकर आज जो चल रहा है उसे देखते हुए मेरे अवचेतन मन में अपने गाँव के कुछ वाकए, कई निर्दोष किस्से रह-रह कर याद आते हैं..। ढूँढिये आपके इर्द-गिर्द भी ऐसे ही...

मूर्तियों को खंडित करने का दौर कब तक.....

मूर्तियों को खंडित करने का दौर कब तक.....

मीडियावाला.इन। भोपाल के बाहर बैरागढ़ से जब इंदौर रोड पर जाते हैं तो थोड़ी दूर पर ही आता है आकाश मैरिज गार्डन। आमतौर पर यहां पर शादियों की धूमधाम होती है मगर इन दिनों यहां पर जो...

बाप रे...! इन आचार्य श्री को ठंड नहीं लगती?

बाप रे...! इन आचार्य श्री को ठंड नहीं लगती?

मीडियावाला.इन। घना कोहरा ऐसा कि लॉन में पेड़ बनने की राह पर बढ़ रहे घनेरे पौधों की पत्तियों से भी ठंडी बूंदे टपक रही थी। पेपर उठाकर तेजीसे दरवाजा बंद कर दिया कि कहीं पीछा करता कोहरा...

ईरानः भारत की भूमिका ?

ईरानः भारत की भूमिका ?

मीडियावाला.इन। ईरानी सेनापति कासिम सुलेमानी की हत्या को डोनाल्ड ट्रंप कितना ही जरुरी और सही ठहराएं लेकिन यह काम एक अघोषित युद्ध की तरह ही है। सुलेमानी ईरान के सिर्फ बड़े सैनिक अफसर भर ही नहीं थे। वे सर्वोच्च...

उम्मीदों का गणतंत्र और झांकियों तक फैलता सियासत का जहर....

उम्मीदों का गणतंत्र और झांकियों तक फैलता सियासत का जहर....

मीडियावाला.इन। बीते साल की एक ‘उपलब्धि’ यह भी मान लें कि देश में सियासत का जहर अब झांकियों तक फैल गया है। इस बार 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड में तीन राज्यों की झांकियों को खारिज...

विदेश नीतिः नरम-गरम, दोनों

विदेश नीतिः नरम-गरम, दोनों

मीडियावाला.इन। कई लोग पूछ रहे हैं कि विदेश नीति के हिसाब से पिछला साल कैसा रहा ? मैं कहूंगा कि खट्टा-मीठा और नरम-गरम दोनों रहा। कश्मीर के पूर्ण विलय को चीन के अलावा सभी महाशक्तियों ने भारत का आतंरिक...

क्या मानवीय संवेदनाएं भी दलीय निष्ठाओं से तय होनी चाहिए?

क्या मानवीय संवेदनाएं भी दलीय निष्ठाओं से तय होनी चाहिए?

मीडियावाला.इन। दुर्भाग्य से यह देश तभी जागता है, जब किसी सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मासूमों की मौत होती है। ताजा मामला राजस्थान के कोटा के एक सरकारी अस्पताल जे.के.लोन मातृत्व एवं शिशु अस्पताल का है,...

इस साल 20-20 की पारी आप कैसे खेल रहे है?

इस साल 20-20 की पारी आप कैसे खेल रहे है?

मीडियावाला.इन। यह साल 20-20 (ट्वेन्टी-ट्वेन्टी) है।  नए साल की पारी अब शुरू होने वाली है।  दोनों पारियों में 120 गेंदों से खेला जाने वाला 20-20 क्रिकेट (Twenty-Twenty Match) जोश, जूनून व रोमांच से भरा खेल होता है। परंपरागत क्रिकेट...

कल क्या होगा, किसको पता!

कल क्या होगा, किसको पता!

मीडियावाला.इन। समय की गति के हिसाब से हर नया विहान ही नया वर्ष है। हर क्षण अगले क्षण की पृष्ठभूमि बनता जाता है। सृष्टि के अस्तित्व में आने के बाद से समय की गति ऐसी ही है......

नया सेना-प्रधानः कुछ सवाल?

नया सेना-प्रधानः कुछ सवाल?

मीडियावाला.इन। भारत को आजाद हुए 72 साल हो गए लेकिन देश के सेना प्रमुख या सेनापति या सेनाध्यक्ष या प्रधान सेनापति की नियुक्ति अब हो रही है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को बधाई!...

वे मुँह चलाने वाले, जिनके पास कोई काम नहीं बचा!

वे मुँह चलाने वाले, जिनके पास कोई काम नहीं बचा!

मीडियावाला.इन।       राजनीति की अपनी एक मर्यादा और संस्कार होते हैं! विपक्षी नेताओं पर भी शाब्दिक हमलों के समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि वे किसी की भावनाओं को आहत न करें! ये भी...

सालभर का लेखा जोखा 'कबीर सिंह' का कमाल, साल के अंत में  छाया 'दबंग' और 'गुड न्यूज़ का जलवा!

सालभर का लेखा जोखा 'कबीर सिंह' का कमाल, साल के अंत में छाया 'दबंग' और 'गुड न्यूज़ का जलवा!

मीडियावाला.इन। साल 2019 को फिल्मों से होने वाली कमाई और दर्शकों की पसंद के नजरिए से अच्छा साल माना जा रहा है। इस साल कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई की और दर्शकों का प्यार...