Friday, February 21, 2020

कॉलम / नजरिया

फैसले ने संविधान के समदर्शी रूप  की प्राणप्रतिष्ठा की है

फैसले ने संविधान के समदर्शी रूप की प्राणप्रतिष्ठा की है

मीडियावाला.इन। भारतीय संविधान सिर्फ ग्रंथरूप में ही समदर्शी, सर्वस्पर्शी नहीं है, व्यवहार रूप में भी है। रामजन्मभूमि प्रकरण पर शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय के पाँच न्यायाधीशों की न्यायपीठ के फैसले के बाद इस अवधारणा की प्राणप्रतिष्ठा हो...

अयोध्या फैसले के बाद की शांति

अयोध्या फैसले के बाद की शांति

मीडियावाला.इन। शुक्रवार की रात नौ बजे ही थे कि सूरज का फोन आ गया। ये क्या कल अयोध्या विवाद का फैसला आ रहा है कोई चैनल चला रहा है, मैंने कहा फैसला आना तो है मगर गुरूनानक...

तथ्यों से दिया भावना से जुड़ा फैसला

तथ्यों से दिया भावना से जुड़ा फैसला

मीडियावाला.इन। पांच जजों की संविधान पीठ ने अयोध्या विवाद पर जो ऐतिहासिक फैसला दिया है, उसने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि अदालतें भावनाओं का सम्मान तो करती हैं, लेकिन फैसले लेने में आधार तथ्यों का...

किसको कहेें मसीहा किस पर यकीं करें साँच कहै ता

किसको कहेें मसीहा किस पर यकीं करें साँच कहै ता

मीडियावाला.इन। (नोटबंदी दिवस पर विशेष) आज डिहठोन के पर्व पर देश में पुष्यनक्षत्र सा कोई योग बन रहा है। एक कालाधन दिवस मना रहे है, तो दूजे धन का कालादिवस। एक दिन में...

जन सेवकों को हर बार नए घर क्यों? वो भी हरियाली की कीमत पर क्यों?

जन सेवकों को हर बार नए घर क्यों? वो भी हरियाली की कीमत पर क्यों?

मीडियावाला.इन। एक तरफ दुनिया भर के वैज्ञानिक पर्यावरण बचाने के लिए अपीलें कर रहे हैं। खुद भोपाल जैसे शहर की हवा प्रदूषित होती जा रही है, वहीं प्रदेश की इस राजधानी में मौजूदा हरियाली को भी पलीता लगाया जा...

चीन के चंगुल से बचा भारत

चीन के चंगुल से बचा भारत

मीडियावाला.इन।   भारत ने थोड़ी हिम्मत दिखाई और वह चीन के चंगुल से बच निकला। पूर्वी एशिया के 16 देशों के संगठन (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) में यदि भारत हां में हां मिलाता रहता तो उसकी अर्थ व्यवस्था...

वकीलों की अनुशासनहीनता

वकीलों की अनुशासनहीनता

मीडियावाला.इन। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को धन्यवाद देना होगा कि  उन्होंने वकीलों की हिंसात्मक घटनाओं को न केवल दिखाया बल्कि उन पर खुली चर्चा आयोजित की। प्रिंट मीडिया ने पता नहीं किस कारण से इन सभी घटनाओं को बहुत ही दबी...

शायद इसीलिए कविता ने कुत्ते के लिए मरना मंजूर किया...

शायद इसीलिए कविता ने कुत्ते के लिए मरना मंजूर किया...

मीडियावाला.इन। ‘कुत्ते की मौत’ मुहावरा सभी ने सुना होगा, क्योंकि इसमे इंसान के प्रति सबसे वफादार प्राणी को लेकर आदर और तुच्छता का समन्वित भाव है, लेकिन किसी कुत्ते के लिए भी कोई मर जाए, यह जरा नया और...

भूगोल बदला,इतिहास की बारी

भूगोल बदला,इतिहास की बारी

मीडियावाला.इन। राजपत्र जारी होने के बाद भारत के भूगोल में मामूली सी तब्दीली हो गयी है ।अब जम्मू-कश्मीर के साथ लेह-लद्दाख खड़ा दिखाई नहीं देगा ।बड़ों के लिए ये कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन स्कूली बच्चों के लिए...

ये पांड़े जी का प्राइमटाइम है.!

ये पांड़े जी का प्राइमटाइम है.!

मीडियावाला.इन। ये कौन..? मीडिया के इस बातूनी चेहरे को भला कौन नहीं जानता.. उस दिन गृहमंत्री द्वारा रफेल की पारंपरिक पूजा में नीबू-मिर्च लगाकर पूरा प्राइम टाइम होम दिया था..। आज सूर्य भगवान की आराधना हेतु छठ की पूजनसामग्री...

'अमृत जल' और 'अमृत मिट्टी'का अमृत-पुरुष चला गया

'अमृत जल' और 'अमृत मिट्टी'का अमृत-पुरुष चला गया

मीडियावाला.इन। भारतीय खेती और किसानों के मानसिक त्रास पर,अब इतनी बातें हो चुकी हैं कि लगभग हर व्यक्ति जानने लगा है कि यह बहुत-बहुत कष्ट की आजीविका है.इसमें सिवाय घाटे और कर्जे के,कुछ भी नहीं है. उत्पादन की असुरक्षा,दामों...

भूरिया की जीत और कांग्रेस का आत्मविश्वास

भूरिया की जीत और कांग्रेस का आत्मविश्वास

मीडियावाला.इन।   बृहस्पतिवार की दोपहर ग्यारह बजे मध्यप्रदेश विधानसभा के विधानसपरिपद सभागार में जब कांतिलाल भूरिया को विधानसभाध्यक्ष नर्मदाप्रसाद प्रजापति विधायक पद की शपथ दिला रहे थे तो माहौल उर्जा से भरा हुआ था। इस मौके पर ज्योतिरादित्य...

यह जासूसी कौन करवा रहा है ?

यह जासूसी कौन करवा रहा है ?

मीडियावाला.इन। इस्राइल की एनएसओ नामक एक साॅफ्टवेयर कंपनी की एक जबर्दस्त तिकड़म अभी-अभी पकड़ी गई है। इस कंपनी ने दुनिया के लगभग आधा दर्जन देशों के 1400 लोगों के फोन टेप करने उनके व्हाट्साप  संदेशों को इकट्ठा कर लिया...

बाल नहीं, तो लड़की नहीं

बाल नहीं, तो लड़की नहीं

मीडियावाला.इन। दिलों की बात करता है जमाना, लेकिन मोहब्बत अब भी चेहरे से ही शुरू होती है। चेहरे और शरीर की बनावट को लेकर बनी उजड़ा चमन फिल्म में सब कुछ साधारण है। अभिनय, निर्देशन, गीत-संगीत, छायांकन, सभी...

इसलिए जानना जरूरी है  'विंध्यप्रदेश' की हत्याकथा

इसलिए जानना जरूरी है 'विंध्यप्रदेश' की हत्याकथा

मीडियावाला.इन। हर साल 1 नवंबर की तारीख मेरे जैसे लाखों विंध्यवासियों को हूक देकर जाती है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस का जश्न हमें हर साल चिढ़ाता है। जो इतिहास से सबक नहीं लेता वह बेहतर भविष्य को लेकर सतर्क...

कश्मीर में हिंसा

कश्मीर में हिंसा

मीडियावाला.इन। कश्मीर के हाल देखने के लिए इधर से 23 यूरोपीय सांसद श्रीनगर पहुंचे और उधर कुलगाम में आतंकवादियों ने पांच मजदूरों की हत्या कर दी। इस खबर के आगे मोदी की सउदी यात्रा और बगदादी की हत्या की...

इसलिए राष्ट्रवादियों के नायक हैं सरदार पटेल

इसलिए राष्ट्रवादियों के नायक हैं सरदार पटेल

मीडियावाला.इन। पटेल चाहते थे कि पाकिस्तान से सभी हिन्दू सिख निकल आएं। मुसलमानों को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं थी क्योंकि उन्हें पाकिस्तान मिल चुका था...। -यदि नेहरू कश्मीर की आशक्ति छोडकर पटेल के फार्मूले पर अड़ जाते तो...

भाजपा को झाबुआ की हार से कुछ सीखना चाहिए!

भाजपा को झाबुआ की हार से कुछ सीखना चाहिए!

मीडियावाला.इन। भारतीय जनता पार्टी के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि उसे चुनावी हार बर्दाश्त नहीं होती! पार्टी के नेताओं में इतना ज्यादा आत्मविश्वास घर कर गया है, कि उन्हें चुनाव की रणनीति बनाते...

राजनीति का दुष्यंतिकरण

राजनीति का दुष्यंतिकरण

मीडियावाला.इन। भारतीय राजनीति अब एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है ।दशकों पूर्व जिस राजनीति का आयाराम-गयारामकरण हुआ था,आज वो ही राजनीति दुष्यंत के प्रभाव  में है ।राजनीति देशकाल के अनुरूप कायांतरण करती रहती है ात:इसके लिए किसी...

भ्रष्टाचार: (अरे पुलिस निरीक्षक ने ये क्या कह  दिया )

भ्रष्टाचार: (अरे पुलिस निरीक्षक ने ये क्या कह दिया )

मीडियावाला.इन।         प्रदेश के पूर्वोत्तर कोने मे स्थित थाना बरगवॉं, जिला सिंगरौली के थाना प्रभारी, निरीक्षक अनिल उपाध्याय ने कथित रूप से यह कह दिया कि सभी थाना प्रभारियों को जनता से धन लूटना पड़ता है क्योंकि इसके बिना...