कॉलम / नजरिया

विपक्षी दल देश के साथ कब खड़े होंगे?

विपक्षी दल देश के साथ कब खड़े होंगे?

मीडियावाला.इन। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी के संवैधानिक अधिकार को विपक्ष ने कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा के दौर में भी इतनी सुगमता और सहजता से उपयोग किया है कि लगने लगा है कि हम किसी संकट...

मज़दूरों की मज़बूरी और सत्ता का टैलेंट हंट कार्यक्रम

मज़दूरों की मज़बूरी और सत्ता का टैलेंट हंट कार्यक्रम

मीडियावाला.इन। बिहार में दरभंगा क्षेत्र के एक छोटे से गाँव की पंद्रह-वर्षीय बहादुर बालिका ज्योति कुमारी पासवान के अप्रतिम साहस और उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि को अब सत्ता प्रतिष्ठानों से जुड़े हुए लोग लॉक डाउन की देन बताकर उसे सम्मानित...

इंदौर को हॉटस्पॉट बनाने वाली कुछ गलतियाँ!

इंदौर को हॉटस्पॉट बनाने वाली कुछ गलतियाँ!

मीडियावाला.इन।  देश का सबसे साफ शहर इंदौर कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है, ये सबसे बड़ी विडंबना है। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीन बार यह शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित...

कोरोना के बहाने चेतें, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाकर मिसाल पेश करें

कोरोना के बहाने चेतें, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाकर मिसाल पेश करें

मीडियावाला.इन। जब ये तय हो तुका है कि कोरोना अनचाहा मेहमान होकर जल्दी टलने वाला भी नहीं है तो क्यों न हम भी ऐसा वातावरण तैयार कर दें कि वह चलता तो बने ही, आयंदा भी वह...

लोअर मिडिल क्लास: न दिल का दर्द कह पाए न रो पाए...

लोअर मिडिल क्लास: न दिल का दर्द कह पाए न रो पाए...

मीडियावाला.इन। कोरोना संकट में प्रवासी मजदूरों के हल्ले और मानवीय संवेदना के सवालों के बीच देश का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जिसके बारे में ज्यादा कोई नहीं सोच रहा। न सरकार न समाज। कोरोना के...

लॉक डाउन: खुलेगा जरूर पर उतना खुला खुला थोड़ी होगा !

लॉक डाउन: खुलेगा जरूर पर उतना खुला खुला थोड़ी होगा !

मीडियावाला.इन। बकरे की मां आखिर कब तक खैर मनाएगी कि तर्ज पर मई नहीं तो जून में तो लॉकडाउन खोलना ही पड़ेगा। आखिर सरकार और कलेक्टर भी कोरोना से ज्यादा लॉकडाउन पर लोगों की नाराजी कब तक झेलेंगे। स्वाइन फ्लू...

अभी कोरोना से मुक्ति संभव नहीं, अगले साल तक इंतजार कीजिए!

अभी कोरोना से मुक्ति संभव नहीं, अगले साल तक इंतजार कीजिए!

मीडियावाला.इन। जब भी कोई खगोलीय घटना होती है, उसका असर मानव जीवन पर जरूर पड़ता है। प्रकृति काफी समय पूर्व सावधान रहने के लिए अपना संकेत भी देती है। लेकिन, ये जानने के लिए हमें कुछ समय...

कोरोना की छूटती कमान: न ट्रेनों को चलने, न प्लेनों को उड़ने का भान..!

कोरोना की छूटती कमान: न ट्रेनों को चलने, न प्लेनों को उड़ने का भान..!

मीडियावाला.इन। लगता है देश में लाॅक डाउन 4.0 खत्म होते होते सरकार के हाथ से कमान छूटने लगी है। मुल्क को कोरोना से बचाने के लिए लाॅक डाउन सख्‍ती से लागू तो कर दिया गया, लेकिन उससे...

स्मृति शेष: विनम्र श्रद्धांजलि दे रही हूँ, देनी ईद मुबारक थी, इलियाज भाई

स्मृति शेष: विनम्र श्रद्धांजलि दे रही हूँ, देनी ईद मुबारक थी, इलियाज भाई

मीडियावाला.इन। इस बार ये कैसी ईद ओर कैसा चाँद निकला? आज 25 मई को ईद उल फितर का त्यौहार पूरे देश में मनाया जा रहा है। दुनिया में चांद दिखने का वक्त अलग-अलग होता है, इसलिए ईद...

बंगला पॉलिटिक्स; यह राजनीतिक सदभाव बिगाड़ने की कोशिश....

बंगला पॉलिटिक्स; यह राजनीतिक सदभाव बिगाड़ने की कोशिश....

मीडियावाला.इन। - लॉकडाउन के दौरान जब देश-प्रदेश में हर तरह की जरूरी गतिविधियां ठप हैं, ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा आनन-फानन पूर्व मंत्रियों से बंगले खाली कराने की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। अभी मंत्रिमंडल का पूरी तरह...

सिंधिया से छेड़छाड़ का मकसद

सिंधिया से छेड़छाड़ का मकसद

मीडियावाला.इन। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की याद भाजपा को सताये या न सताये लेकिन कांग्रेसियों को जरूर सत्ता रही है ,उन्होंने दो महीने से लापता ज्योतिरादित्य सिंधिया का पता बताने और उनसे जनसेवा करने वाले...

कोरोना नरसंहार और ‘न्यूयाॅर्क टाइम्स’ का पत्रकारीय नवाचार..

कोरोना नरसंहार और ‘न्यूयाॅर्क टाइम्स’ का पत्रकारीय नवाचार..

मीडियावाला.इन। बेशक यह अत्यंत क्षोभ का क्षण है और पत्रकारीय नवाचार का भी। अमेरिका के तीसरे सबसे बड़े अखबार ‘न्यूयाॅर्क टाइम्स’ ने कोरोना वायरस के कारण देश में लगातार हो रही मौतों और भयावहता को 24 मई...

सलमान को इस बार ईदी नहीं, कोरोना में फंसी 'राधे'

सलमान को इस बार ईदी नहीं, कोरोना में फंसी 'राधे'

मीडियावाला.इन। सलमान खान पिछले कई सालों से (2013 को छोड़कर) अपने चाहने वालों ईद पर किसी फिल्म का तोहफा देते हैं! बदले में उन्हें दर्शकों से फिल्म के अच्छे कारोबार की ईदी मिलती है। लेकिन, इस बार की ईद...

उपचुनाव: शिवराज और वीडी शर्मा की असली चुनौती, क्या भाजपा अपनों से पार पा लेगी

उपचुनाव: शिवराज और वीडी शर्मा की असली चुनौती, क्या भाजपा अपनों से पार पा लेगी

मीडियावाला.इन। मप्र भाजपा में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर दुविधा और फिर 24 सीटों पर होने वाले उप चुनाव को लेकर जो नजारे आम हो रहे हैं, वे अनुशासित मानी जाने वाली भाजपा के कर्णधारों के चेेहरे पर शिकन...

मंत्रिमंडल विस्तार: भाजपा नेतृत्व को सुलझाना होगी उलझी गुत्थी

मंत्रिमंडल विस्तार: भाजपा नेतृत्व को सुलझाना होगी उलझी गुत्थी

मीडियावाला.इन। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जो गुत्थी उलझी है उसे सुलझा पाना भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के बूते से बाहर दिख रहा है। इसी कारण बैठकों के दौर चल रहे हैं लेकिन मंत्रियों की सूची फाइनल नहीं हो पा...

मंदी का आगाज़ तो हो चुका

मंदी का आगाज़ तो हो चुका

मीडियावाला.इन। कोई कितने भी दावे करे, पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दायर है यह। भारत भी इससे अछूता नहीं रह सकता।  अमेरिका जैसे देश में हाल ही में तीन करोड़ तीस लाख लोगों ने अपने बेरोज़गार होने का...

किसान जहां था आज भी वही है, जरूरत है कृषि सुधार की

किसान जहां था आज भी वही है, जरूरत है कृषि सुधार की

मीडियावाला.इन। शहरी बुद्धिजीवियों और मीडिया को किसान और उनकी समस्याओं से कोई विशेष सरोकार नहीं रहता है। राजनीति वालों को किसान केवल एक वोट बैंक दिखाई पड़ते हैं। ये सभी लोग केवल कर्ज़ माफ़ी या किसानों की आत्महत्याओं के...

करोना काल और उसके बाद का मीडिया

करोना काल और उसके बाद का मीडिया

मीडियावाला.इन। करोना के लाकडाउन ने जिंदगी को नया अनुभव दिया है, अच्छा भी बुरा भी। जो जहां जिस वृत्ति या कार्यक्षेत्र में है उसे कई सबक मिल रहे और काफी कुछ सीखने को भी। ये जो सबक और सीख...

मंत्रिमंडल विस्तार की डगर, अमृत कम ज्यादा है जहर

मंत्रिमंडल विस्तार की डगर, अमृत कम ज्यादा है जहर

मीडियावाला.इन। विस्तार करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती और कठिन कार्य होता है। उद्योगपतियों की बात करें तो एक इकाई की शुरुआत करने के बाद उसका विस्तार करने में पूरा जीवन खप जाता है। अगली पीढिय़ों तक विस्तार...