कॉलम / नजरिया

मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

मीडियावाला.इन। जनरल परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के अपराध में सजा-ए-मौत हो गई। यह अनहोनी है। क्यों है ? क्योंकि आज तक किसी पाकिस्तान की अदालत की यह हिम्मत नहीं हुई कि वह अपने किसी फौजी तानाशाह को देशद्रोही कहे...

फास्टैग जुनून: अच्छी नीयत के साथ नजाकत भी चाहिए...

फास्टैग जुनून: अच्छी नीयत के साथ नजाकत भी चाहिए...

मीडियावाला.इन। कोई भी नई व्यवस्था, कितनी भी अच्छी क्यों न हो, बगैर पूरी तैयारी के लागू हो तो हालत फास्टैग जैसी हो जाती है। बीते 15 दिसंबर से पूरे देश में ई टोलिंग की फास्टैग व्यवस्था लागू हो चुकी...

नैसर्गिक अभिनय के 'नटसम्राट' की भूमिका का अंत!

नैसर्गिक अभिनय के 'नटसम्राट' की भूमिका का अंत!

मीडियावाला.इन। स्मृति शेष : श्रीराम लागू  जब मैंने 'घरौंदा' फिल्म देखी तब मेरी उम्र बहुत कम थी! इतनी कम कि फिल्म को समझना भी मेरे लिए संभव नहीं था! लेकिन, फिल्म देखने...

कहां सावरकर और कहां राहुल?

कहां सावरकर और कहां राहुल?

मीडियावाला.इन। हमारे आजकल के नेताओं से यह आशा करना कि वे नेहरु, लोहिया, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, विनोबा, अटलबिहारी वाजपेयी और नरसिंहराव की तरह पढ़े-लिखे होंगे, उनके साथ अन्याय करना होगा। वे सत्ता में हों या विपक्ष हों, उनका...

‘दूध’ को ‘जहर’ बनाने वाली दानवता के खिलाफ निर्णायक ‘युद्ध’ जरूरी...

‘दूध’ को ‘जहर’ बनाने वाली दानवता के खिलाफ निर्णायक ‘युद्ध’ जरूरी...

मीडियावाला.इन। जिस देश में (मां के) दूध की शपथ सत्यनिष्ठा के लिए ली जाती हो, उसी देश और खासकर मध्यप्रदेश में दूध के साथ यह अनाचार सचमुच गुस्से से भर देने वाला है। राज्य में पांच महीने...

वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक चिन्तन

वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक चिन्तन

मीडियावाला.इन। पत्रकारिता के पुरोधा पुरूष  स्व. प्रेमशंकर  दुबे के 28 वें वार्षिक पुण्य स्मरण प्रसंग पर जिला पत्रकार संघ इटारसी का "वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियाँ"' विषय पर एक सार्थक चिंतन कदाचित पहली बार इतनी बेबाकी ...

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर पार्टी के अंदर घमासान जारी है। सतह पर शांति नजर आ रही है, पर नीचे जमकर राजनीति चल रही! एक तरफ वर्तमान अध्यक्ष राकेश सिंह को दोबारा अध्यक्ष बनाए...

भूमाफियों को संरक्षण देने वाला सहकारिता विभाग भी राडार पर !

भूमाफियों को संरक्षण देने वाला सहकारिता विभाग भी राडार पर !

मीडियावाला.इन। भाजपा से चुनाव लड़ने को आतंकी होने जगदीश कनौज के इंदौर प्रेम की छानबीन के निर्देश मिले भोपाल से इंदौर। मुख्यमंत्री कमलनाथ के...

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। शीर्षक पढ़कर चौंकिए बिलकुल मत ।मैंने जो लिखा है बहुत सोच-समझकर लिखा है। बचपन से मुझे बताया गया था कि   लाठी का रिश्ता या तो भैंस से होता है या फिर बुढ़ापे से लेकिन बाद में मैंने अपने...

शक्तिशाली मध्यप्रदेश के लिए रखें बड़ी सोच

शक्तिशाली मध्यप्रदेश के लिए रखें बड़ी सोच

मीडियावाला.इन। एक साल बीत गया। सरकार की स्थिरता के सम्बन्ध में  तमाम अटकलों  का अंत हो गया है। मैंने बार-बार दोहराया   कि जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, यह सरकार लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों...

सीएम के वादे और चुनावी मैनेजमेंट से इंदौर दुग्ध संघ अब कांग्रेस का

सीएम के वादे और चुनावी मैनेजमेंट से इंदौर दुग्ध संघ अब कांग्रेस का

मीडियावाला.इन। मप्र में अगले कुछ महीनों में स्थानीय निकाय और पंचायतों के चुनाव की सुगबुगाहट शुरु होना है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र के पहले बड़े इंदौर दुग्ध संघ अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस को एकतरफा सफलता मिली है।...

केवल सावरकर पर हमला कर भारत को कैसे बचाएंगे राहुल गांधी?

केवल सावरकर पर हमला कर भारत को कैसे बचाएंगे राहुल गांधी?

मीडियावाला.इन। मोदी 2.0 कार्यकाल में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की पहली प्रभावी विरोध रैली ‘भारत बचाओ’ से ‘सावरकर हटाओ बनाम सावकर बचाओ’ में कैसे और क्यों तब्दील हो गई, यह राजनीतिशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए रोचक विश्लेषण...

मुखिया का फ्री हेंड : क्‍या मप्र सच में माफिया मुक्‍त होगा, या नूरा कुश्‍ती ही हासिल है ?

मुखिया का फ्री हेंड : क्‍या मप्र सच में माफिया मुक्‍त होगा, या नूरा कुश्‍ती ही हासिल है ?

मीडियावाला.इन।   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस और प्रशासन को ‘फ्री हेंड’ दिया है कि वह मप्र से माफिया राज खत्‍म करे। इस आदेश के बाद भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्‍वालिया में पुलिस और प्रशासन माफिया पर टूट पड़े हैं।...

अंतर्विरोधों में फंसी खेती और हमारी लाचारी

अंतर्विरोधों में फंसी खेती और हमारी लाचारी

मीडियावाला.इन। खेती-बाड़ी के भारतीय उत्पादक और उपभोक्ता की क़िस्मत में शायद हमेशा लुटना ही लिखा है।भारत सहित सभी एशियाई देशों को छोड़कर, शेष विश्व के बारे में जो लोग भी थोड़ा जानते...

लंदन में दोस्ताना सरकार

लंदन में दोस्ताना सरकार

मीडियावाला.इन। ब्रिटेन के आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता बोरिस जाॅनसन की विजय का भारत स्वागत करता है, क्योंकि लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन के मुकाबले जॉनसन ने भारत और ब्रिटेन के भारतीयों के प्रति काफी मैत्रीपूर्ण...

एक साल पहले क्या हो रहा था इन दिनों…

एक साल पहले क्या हो रहा था इन दिनों…

मीडियावाला.इन। कहते हैं पत्रकारिता जल्दबाजी में लिखा इतिहास होता है, 2018 के विधानसभा चुनाव पर लिखी अपनी किताब ‘ चुनाव है बदलाव का ‘ के पन्ने पलट रहा हूं, और पिछले  साल इन दिनों का भोपाल में हुआ राजनीतिक...

बुजुर्गों की सेवा करते पहचान मिली शिकागो की मदर टेरेसा की

बुजुर्गों की सेवा करते पहचान मिली शिकागो की मदर टेरेसा की

मीडियावाला.इन। इंदौर कीर्ति राणा ।भारत में जन्मी और शिकागो (यूएसए) में रच बस गईं श्रीमती संतोष कुलश्रेष्ठ कुमार ने सतत 30 वर्षों से वहां के बुजुर्गों की सेवा करते हुए इतना नाम कमा लिया कि वहां की संसद (कांग्रेस)...

ये कम्बख्त मन जो जो न करा दे!

ये कम्बख्त मन जो जो न करा दे!

मीडियावाला.इन। व्यंग, निबंध, लेख तो रोज पढ़ते हैं, आज मेरा प्रवचन पढ़ें। प्रवचन पवित्र शब्द है जो आत्मसात करने की बजाय दूसरों को सुनाने के काम आता है। काम-क्रोद-मद-मोह-लोभ पर प्रवचन देने वालों में कई आज भले जेल में...

कैब के खिलाफ नौकरशाहों की इस ‘सविनय अवज्ञा’ का अर्थ...

कैब के खिलाफ नौकरशाहों की इस ‘सविनय अवज्ञा’ का अर्थ...

मीडियावाला.इन। संसद से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के खिलाफ भड़कती आग और इसे लागू करने के मोदी सरकार की जिद के बीच देश में कुछ नौकरशाहों ने भी इसके विरोध में ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ छेड़ दिया है ।...

साहसी महिला को मर्दानी कहना प्रशंसा है या तंज

साहसी महिला को मर्दानी कहना प्रशंसा है या तंज

मीडियावाला.इन। फिल्म समीक्षा : मर्दानी-2 डिस्क्लैमर : किसी साहसी महिला को मर्दानी कहना उसकी प्रशंसा नहीं, एक लिंगभेदी टिप्पणी है। उसे प्रशंसा के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इंदिरा गांधी के...