कॉलम / नजरिया

मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाए

मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाए

मीडियावाला.इन। गोपालदास नीरज जी मेरे सदा सर्वप्रिय गीतकार रहे हैं। धर्म-संप्रदाय को लेकर बहस में जब मुझे कोई छोर नहीं मिलता तो उनका एक गीत गुनगुनाने लगता हूँ। इस समस्या का इससे श्रेष्ठ हल और कहीं नहीं...

भगतसिंह: मैं नास्तिक क्यों हूं ?

भगतसिंह: मैं नास्तिक क्यों हूं ?

मीडियावाला.इन। सविनय अवज्ञा आंदोलन भूल गए क्या आप? भूल गए महात्मा गांधी की शिक्षा और महामना मदन मोहन मालवीय के तेज को ...! माँजी छोटे-छोटे...

अगर सत्ता और सरकार का नशा नहीं टूटा तो हालात और बिगड़ेंगे।

अगर सत्ता और सरकार का नशा नहीं टूटा तो हालात और बिगड़ेंगे।

मीडियावाला.इन। CAA और NRC का विरोध आज एक्ट के विरोध से ज्यादा सरकार की नीयत पर संदेह, उस पर अवाम के अविश्वास और उसके इस गुरुर, कि संसद में बहुमत से किसी को भी रौंदा जा सकता है, को...

जामिया से जबलपुर तक ये कैसा दिसंबर

जामिया से जबलपुर तक ये कैसा दिसंबर

मीडियावाला.इन। पत्रकारिता के दिनों के बीस साल सिर्फ टेलीविजन पत्रकारिता में गुजारने के बाद भी टीवी स्क्रीन पर पहले कभी ऐसा नजारा इतने दिनों तक लगातार नहीं देखा। जो भी चैनल चलाओ स्क्रीन पर अनेक विंडो में हिंसा ही...

भारत-अमेरिका: नए आयाम

भारत-अमेरिका: नए आयाम

मीडियावाला.इन। हमारे रक्षामंत्री राजनाथसिंह और विदेश मंत्री जयशंकर की यह अमेरिका-यात्रा दोनों देशों के संबंधों में कुछ नए आयाम जोड़ रही है। अब दोनों देश जब शस्त्र-निर्माण में आपसी सहयोग करेंगे तो गैर-सरकारी शस्त्र-निर्माताओं को वे गोपनीय...

सलमान का रजनीकांतीकरण ‘दबंग-3’

सलमान का रजनीकांतीकरण ‘दबंग-3’

मीडियावाला.इन। फिल्म समीक्षा : दबंग-3 दबंग-3 सलमान खान की फॉर्मूला फिल्म है, जिसमें सलमान खान, सलमान खान कम और रजनीकांत ज्यादा नजर आए। एक्शन और फाइट के सीन दक्षिण भारतीय फिल्मों की तरह है।...

अलोकतांत्रिक पाबंदियों का दौर

अलोकतांत्रिक पाबंदियों का दौर

मीडियावाला.इन। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का बड़ा हल्ला होता आया है। इस आजादी के लिए लोग अपनी जान देने तक पर आमादा होते हैं लेकिन आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार कदम-कदम पर...

ट्रंप-विरोधी नौटंकी

ट्रंप-विरोधी नौटंकी

मीडियावाला.इन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे तीसरे राष्ट्रपति हैं, जिन पर वहां की संसद महाभियोग चलाएगी। उनके पहले 1868 में एंड्रू जाॅन्सन और 1998 में बिल क्लिंटन पर यह बड़ा मुकदमा चल चुका है। ये दोनों...

अब ‘राशन एकीकरण’ की तैयारी, क्या हाजमा भी एक होगा?

अब ‘राशन एकीकरण’ की तैयारी, क्या हाजमा भी एक होगा?

मीडियावाला.इन। ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ के बहाने ‘राष्ट्रीय एकीकरण अभियान’ के तहत केन्द्र की मोदी सरकार की सूची में अगला नंबर अब राशन कार्ड का है। इसे सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' नाम दिया है।...

कमलनाथ की जय-जय बोल

कमलनाथ की जय-जय बोल

मीडियावाला.इन। आज का शीर्षक पढ़कर आपको 'चमचत्व' की गंध आएगी, आना ही चाहिए क्योंकि मै अक्सर इस विधा से दूर रहता हूँ। यूँ भी मैं अपने मुख्यमंत्री कमलनाथ की चमचागिरी नहीं कर रहा, मैं आजतक न कमलनाथ...

किसका है देश, हम किसके लिए मरें!

किसका है देश, हम किसके लिए मरें!

मीडियावाला.इन। इस साल का सोलह दिसम्बर वीर जवानों के पराक्रम और बलिदान को हमने भोपाल के शौर्य स्मारक में दिए जलाकर और रात को रवीन्द्र भवन में कविताएं सुनते हुए मनाया। मानें तो यह दिन देश के...

मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

मीडियावाला.इन। जनरल परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के अपराध में सजा-ए-मौत हो गई। यह अनहोनी है। क्यों है ? क्योंकि आज तक किसी पाकिस्तान की अदालत की यह हिम्मत नहीं हुई कि वह अपने किसी फौजी तानाशाह को देशद्रोही कहे...

फास्टैग जुनून: अच्छी नीयत के साथ नजाकत भी चाहिए...

फास्टैग जुनून: अच्छी नीयत के साथ नजाकत भी चाहिए...

मीडियावाला.इन। कोई भी नई व्यवस्था, कितनी भी अच्छी क्यों न हो, बगैर पूरी तैयारी के लागू हो तो हालत फास्टैग जैसी हो जाती है। बीते 15 दिसंबर से पूरे देश में ई टोलिंग की फास्टैग व्यवस्था लागू हो चुकी...

नैसर्गिक अभिनय के 'नटसम्राट' की भूमिका का अंत!

नैसर्गिक अभिनय के 'नटसम्राट' की भूमिका का अंत!

मीडियावाला.इन। स्मृति शेष : श्रीराम लागू  जब मैंने 'घरौंदा' फिल्म देखी तब मेरी उम्र बहुत कम थी! इतनी कम कि फिल्म को समझना भी मेरे लिए संभव नहीं था! लेकिन, फिल्म देखने...

कहां सावरकर और कहां राहुल?

कहां सावरकर और कहां राहुल?

मीडियावाला.इन। हमारे आजकल के नेताओं से यह आशा करना कि वे नेहरु, लोहिया, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, विनोबा, अटलबिहारी वाजपेयी और नरसिंहराव की तरह पढ़े-लिखे होंगे, उनके साथ अन्याय करना होगा। वे सत्ता में हों या विपक्ष हों, उनका...

‘दूध’ को ‘जहर’ बनाने वाली दानवता के खिलाफ निर्णायक ‘युद्ध’ जरूरी...

‘दूध’ को ‘जहर’ बनाने वाली दानवता के खिलाफ निर्णायक ‘युद्ध’ जरूरी...

मीडियावाला.इन। जिस देश में (मां के) दूध की शपथ सत्यनिष्ठा के लिए ली जाती हो, उसी देश और खासकर मध्यप्रदेश में दूध के साथ यह अनाचार सचमुच गुस्से से भर देने वाला है। राज्य में पांच महीने...

वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक चिन्तन

वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक चिन्तन

मीडियावाला.इन। पत्रकारिता के पुरोधा पुरूष  स्व. प्रेमशंकर  दुबे के 28 वें वार्षिक पुण्य स्मरण प्रसंग पर जिला पत्रकार संघ इटारसी का "वर्तमान पत्रकारिता व भविष्य की चुनौतियाँ"' विषय पर एक सार्थक चिंतन कदाचित पहली बार इतनी बेबाकी ...

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर पार्टी के अंदर घमासान जारी है। सतह पर शांति नजर आ रही है, पर नीचे जमकर राजनीति चल रही! एक तरफ वर्तमान अध्यक्ष राकेश सिंह को दोबारा अध्यक्ष बनाए...

भूमाफियों को संरक्षण देने वाला सहकारिता विभाग भी राडार पर !

भूमाफियों को संरक्षण देने वाला सहकारिता विभाग भी राडार पर !

मीडियावाला.इन। भाजपा से चुनाव लड़ने को आतंकी होने जगदीश कनौज के इंदौर प्रेम की छानबीन के निर्देश मिले भोपाल से इंदौर। मुख्यमंत्री कमलनाथ के...

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

जिसकी लाठी, उसका लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। शीर्षक पढ़कर चौंकिए बिलकुल मत ।मैंने जो लिखा है बहुत सोच-समझकर लिखा है। बचपन से मुझे बताया गया था कि   लाठी का रिश्ता या तो भैंस से होता है या फिर बुढ़ापे से लेकिन बाद में मैंने अपने...