कॉलम / नजरिया

महाराष्ट्र में सत्ता के लिए ‘हाॅर्स ट्रेडिंग’ और शर्मिंदा घोड़े...!

महाराष्ट्र में सत्ता के लिए ‘हाॅर्स ट्रेडिंग’ और शर्मिंदा घोड़े...!

मीडियावाला.इन। महाराष्ट्र में घोड़ों की कोई स्थानीय नस्ल नहीं पाई जाती, लेकिन राज्य में घोड़ा बाजार के नाम पर सत्ता की छीना-झपटी का जो खेल खेला जा रहा है, उससे सबसे ज्यादा शर्मिंदा अगर कोई है तो वो घोड़े...

राजनीति में सहिेष्णुता, सहजता और सादगी की आश्वस्ति थे कैलाश जोशी

राजनीति में सहिेष्णुता, सहजता और सादगी की आश्वस्ति थे कैलाश जोशी

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश जोशी का जाना भारतीय राजनीति की उस पीढ़ी के एक और स्तम्भ का ढह जाना है, जिसने आजादी के संघर्ष को देखा, स्वतंत्र भारत में सियासत के...

मरे पर मार हैं मिलावटी खाद बीज और दवाईयां

मरे पर मार हैं मिलावटी खाद बीज और दवाईयां

मीडियावाला.इन। आज किसान और किसानी की हालत किसी से भी छुपी हुई नहीं है.मौसम हो या बाज़ार,खाद-बीज हों,या कीड़ा-मार दवाईयों का खर्च या फिर सरकारी लापरवाही,भ्रष्टाचार या अफसरशाही ही क्यों न हो, हर तरफ से मार ही मार पड़...

*मुंबई में रातों-रात तख्ता-पलट*

*मुंबई में रातों-रात तख्ता-पलट*

मीडियावाला.इन। अभी मैं दुबई में हूं। जैसे ही सुबह नींद खुली, मैं धक से रह गया। चार-पांच दिन पहले मैंने लिखा था कि मुंबई में भाजपा और राकांपा की सरकार भी बन सकती है। सारे देश ने...

ये नालायक भतीजे और लोकतंत्र के दरवाजे

ये नालायक भतीजे और लोकतंत्र के दरवाजे

मीडियावाला.इन।     तो फिर एक भतीजा नालायक निकला। बेटी ने मान लिया परिवार और पार्टी दोनों टूट गई है। चाचा हाथ में माइक पकड़े सफाई दे रहे हैं। विशेष भारतीय गालियां निकल आई हैं। कुछ-कुछ वैसी ही...

नया नहीं है राजनीति में बाजी पलटने का खेल

नया नहीं है राजनीति में बाजी पलटने का खेल

मीडियावाला.इन। वैसे तो घर पर टीवी कम देखता हूं मगर शुक्रवार की रात में टीवी देखकर सोने से पहले फेसबुक और टविटर पर अपडेट डाला था कि महाराप्ट में अब सरकार का संकट सुलझा, पवार ने किया है इशारा...

‘संवैधानिक ट्रांसजेंडर’: सामी का कटाक्ष या केन्द्र शासित प्रदेश का दर्द?

‘संवैधानिक ट्रांसजेंडर’: सामी का कटाक्ष या केन्द्र शासित प्रदेश का दर्द?

मीडियावाला.इन। इसे तगड़ा व्यंग्य न माने तो भी यह सवाल बनता है कि क्या इस लोकतांत्रिक देश में विधानसभा वाले केन्द्र शासित प्रदेशों की हालत ट्रांसजेंडर जैसी है? अगर केन्द्र शासित प्रदेश ( यूनियन टेरेटरी) पुदुच्चेरी ( पूर्व में...

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

भगवान क्यों बोलेंगे यश सर !

मीडियावाला.इन। आसमान में जितने भगवान है वे तो दस रूपये के प्रसाद से मान भी जाएँ लेकिन धरती के भगवान का पेट तो कभी भरता ही नहीं,ऊपर से वे अब गुर्राने भी लगे हैं ।हमारे शहर के...

परदे पर राम का चरित्र हर युग में खरा सोना!

परदे पर राम का चरित्र हर युग में खरा सोना!

मीडियावाला.इन। राम नाम की इन दिनों कुछ ज्यादा ही गूंज है। राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन दिनों भगवान राम चर्चा में हैं। सारा मामला किसी हाईवोल्टेज फिल्मी ड्रामें से कम...

बेवकूफी का ऐप डाउनलोड करने जैसा है ‘पागलपंती’ देखना

बेवकूफी का ऐप डाउनलोड करने जैसा है ‘पागलपंती’ देखना

मीडियावाला.इन। फिल्म समीक्षा : पागलपंती पागलपंती फिल्म देखना वैसे ही है जैसे कि किसी बेवकूफी का ऐप डाउनलोड करना। मल्टी स्टारर पागलपंती के निर्देशक इसके पहले नो एंट्री, वेलकम, सिंग इज किंग,...

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

ऐसे तो बन गए विश्व गुरु आप

मीडियावाला.इन। हमारे जीवन मूल्य और संस्कारों की कलई खुल रही है और ये सब हो रहा है उन संस्थानों के माध्यम से जो कल के नागरिक तैयार करते हैं ।जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के हड़ताली छात्रों की मारकूट से...

भाषा का मृत्यु पत्र

भाषा का मृत्यु पत्र

मीडियावाला.इन। भरी सभा में अजीब कोलाहल है। भाषा कांच के ताबूत में सबके सामने है। पक्ष, विपक्ष, निष्पक्ष सब अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। भाषा को बचाने के अपने मंसूबे बता रहे हैं। चारणों की तरह चीख रहे हैं।...

हवा-पानी में बेइमानी घोलने वालो सुनों!

हवा-पानी में बेइमानी घोलने वालो सुनों!

मीडियावाला.इन। देशभर का अमन चैन हरने वाली दिल्ली की नीद हराम है। वो धुंधकाल से गुजर रही है। हर साल यह और गहन होता जाता है। मैंने मित्र से पूछा तो बोले पता नहीं किनके पापों का फल भोग...

दुनिया में ऐसा वन्यजीव प्रेमी और कहां!

दुनिया में ऐसा वन्यजीव प्रेमी और कहां!

मीडियावाला.इन। इंदिरा गांधी को विरोधी पक्ष भले ही स्वेच्छाचारी व निरंकुश कहे पर यथार्थ में वे बेहद संवेदनशील और करुणा की प्रतिमूर्ति थीं।  निजी उपक्रमों का राष्ट्रीयकरण, प्रीवीपर्स विलोपन, बांग्ला विजय, आपातकाल, आपरेशन स्वर्णमंदिर के लिए उनका नाम...

रिस्क उठा नाम कमा,डर के आगे जीत है!

रिस्क उठा नाम कमा,डर के आगे जीत है!

मीडियावाला.इन। कई विग्यापनों के स्लोगन बड़े प्रेरक होते हैं। बैद्धिक लोग प्रायः इन्हें बाजारू समझकर अपने विमर्श से दूर ही रखते हैं, जबकि एक पंक्ति के कुछ शब्द इनके निबंधों, कविताओं पर बहुत भारी पड़ते हैं। जहाँ...

अयोध्या के अपराध

अयोध्या के अपराध

मीडियावाला.इन।      9 नवम्बर के ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने डेढ़ सौ वर्ष पुराने अयोध्या विवाद का निपटारा कर दिया।हिंदुओं को उनके द्वारा दावा की गई राम लला मंदिर के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित भूमि दे दी...

एनडीए का बदलता  डीएनए

एनडीए का बदलता डीएनए

मीडियावाला.इन। देश में इनदिनों  किसी एक पार्टी के बारे में नहीं बल्कि गिरोहों के बारे में सोचना पड़ता है।अब न अकेली कांग्रेस है और न अकेली भाजपा।एक के गिरोह का नाम यूपीए है तो दूसरे का नाम...

'मूल अधिकार'नहीं स्वास्थ्य तो अब लूट का साधन है

'मूल अधिकार'नहीं स्वास्थ्य तो अब लूट का साधन है

मीडियावाला.इन। अपना संविधान जब बना था तब वाक़ई उसके निर्माताओं की दृष्टि दूर तक देखने में सक्षम थी.तभी तो इसके अनुच्छेद 21 में "जीवन के मूल अधिकार" के तहत चिकित्सा सेवाओं को नागरिकों के मूल अधिकार के...

जब्बार जिसने कभी ना मानी हार,

जब्बार जिसने कभी ना मानी हार,

मीडियावाला.इन। वो इंडियन काफी हाउस की दोपहर ही थी जब दिग्विजय सिंह ने हम पत्रकार मित्रों के बीच फोन लगाकर प्रदेश के मुख्य सचिव को कहा था कि अब्दुल जब्बार के जल्दी भोपाल से बाहर देश के किसी अच्छे...

ब्रिक्स में भारत की बुलंदी

ब्रिक्स में भारत की बुलंदी

मीडियावाला.इन। ब्राजील में हुआ ब्रिक्स सम्मेलन भारत की दृष्टि से काफी सार्थक रहा। इसमें पांच देशों- ब्राजील, भारत, चीन, रुस और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया है, उसमें वे सभी मुद्दे हैं, जिन्हें...