कॉलम / नजरिया

जादूगर नहीं, हाकी के वैज्ञानिक थे दद्दा

जादूगर नहीं, हाकी के वैज्ञानिक थे दद्दा

मीडियावाला.इन। खेल के प्रग्या पुरुष मेजर ध्यानचन्द हाकी के जादूगर नहीं.. हाकी के वैग्यानिक थे.. जादूगरी भ्रम में डालने की ट्रिक है..जबकि विज्ञान..यथार्थ ..।   -कैप्टन बजरंगी प्रसाद.. (देश के प्रथम अर्जुन अवार्डी) ने राष्ट्रीय खेल दिवस की...

रिजर्ब बैंक की दरियादिली या मजबूरी ?

रिजर्ब बैंक की दरियादिली या मजबूरी ?

मीडियावाला.इन। रिजर्ब बैंक के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास की ही तरह मैंने अर्थशास्त्र में कोई उपाधि नहीं ली है लेकिन मेरे मन में भी आज वे सब सवाल खदबदा रहे हैं जो आम भारतीय के मन में हैं ।...

कश्मीरः जुबान प्यारी या जान ?

कश्मीरः जुबान प्यारी या जान ?

मीडियावाला.इन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फ्रांस में हुई भेंट अगर इमरान खान ने देखी होगी तो पता नहीं उन पर क्या गुजरी होगी ? ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है कि उनके द्वारा...

हे प्रिय  पाहुन अब न पधारो  !

हे प्रिय पाहुन अब न पधारो !

मीडियावाला.इन। हमारे देश में पाहुना भगवान के समान होता है ,लेकिन अब जमाना बदल गया है।आप अपने पाहुने को न्यौता देकर बुलाएं और दरवाजे से लाठियाकर वापस कर दें तो भी आपका कोई कुछ नहीं कर सकता,क्योंकि अब देश...

बल्लेबाजी के लिए पिच की तलाश में विपक्ष

बल्लेबाजी के लिए पिच की तलाश में विपक्ष

मीडियावाला.इन। श्रीनगर एयरपोर्ट से रिटर्न टिकट कटवाकर लौटा विपक्ष भारत की राजनीतिक जमीन पर एक ऐसे पिच की तलाश में है जिसमें धुआंधार बल्लेबाजी कर नरेंद्र मोदी-अमित शाह की विजय यात्रा को रोक सके। इसके लिए समूचे विपक्ष की...

माना जन्नत क़रीब है,पर गाँव  कष्ट में हैं

माना जन्नत क़रीब है,पर गाँव कष्ट में हैं

मीडियावाला.इन। यह बात निर्विवाद है कि भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है,और दुनिया की सबसे तेज आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक है.लेकिन,टुकड़ों-टुकड़ों में कुछ चीजें ऐसी भी हैं,जो आईने की तरह हमें चेता रही हैं...

इस अत्याचार का जख्म जिंदगीभर नहीं भरता!

इस अत्याचार का जख्म जिंदगीभर नहीं भरता!

मीडियावाला.इन। यौन विकृतियों से पीड़ित लोगों को बच्चे सबसे सॉफ्ट टारगेट लगते हैं। इसलिए कि बच्चों का बालमन ये भी समझ नहीं पाता कि उनके साथ जो हो रहा है, वो एक घृणित कृत्य है! वे...

संवादहीनता के दौर में गौर और जेटली का जाना ,,,,

संवादहीनता के दौर में गौर और जेटली का जाना ,,,,

मीडियावाला.इन। सच बहुत ही अजीब लग रहा है कि ग्राउंड रिपोर्ट के लिये अपने प्रिय नेता बाबूलाल गौर पर लिखने बैठा हूं और टीवी स्क्रीन पर अरूण जेटली के निधन की दुखद खबर चल रही है। जेटली के कुछ...

20 साल से हजारों प्रसूताओं को सिखा रही हैं नवजात को स्तनपान कराना

20 साल से हजारों प्रसूताओं को सिखा रही हैं नवजात को स्तनपान कराना

मीडियावाला.इन। 20 साल से हजारों प्रसूताओं को सिखा रही हैं नवजात को स्तनपान कराना  ० मप्र में इंदौर के निजी अस्पताल में शुरु होगा पहला मिल्क बैंक  ०शिशु रोग विशेषज्ञों की कांफ्रेंस पर भी नजर रख रही...

यादों में  अरुण जेटली.  अरुण कभी अस्त नहीं होता...

यादों में अरुण जेटली. अरुण कभी अस्त नहीं होता...

मीडियावाला.इन। 66 वर्ष कोई उम्र नहीं होती.पर क्या करें अरुण जेटली की यही उम्र थी.वो हैं या नहीं है.इस पर मै भ्रमित हूँ  और शोकाकुल भी .अरुण जी क साथ ऐसा क्यों हुआ? कैसे हो गया.क्या जरुरी था ईश्वर...

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

मीडियावाला.इन। कृष्ण अकेले हैं, जिन्हें आप कोई चुनौती नहीं दे सकते। अन्य देवताओं के बारे में लोग दोनों तरह के विचार रख सकते हैं। कृष्ण उन सबमें अपवाद हैं। उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि वे जो हैं,...

चिंदंबरम: यह खाला का घर नहीं है

चिंदंबरम: यह खाला का घर नहीं है

मीडियावाला.इन। कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्तंत्री पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी को इतना नाटकीय रुप देने की जरुरत क्या थी ? यदि उच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी तो कौनसा आसमान टूट रहा था ? वे...

राम, कृष्ण और स्वाधीनता के मायने

राम, कृष्ण और स्वाधीनता के मायने

मीडियावाला.इन। सावन और भादौं तिथि त्योहारों के महीने हैं। यह सिलसिला डिहठोन तक चलता है। इन्हीं महीनों में एक महान राष्ट्रीय पर्व पंद्रह अगस्त पड़ता है उसके आगे पीछे या कभी-कभी साथ में ही कृष्णजन्माष्टमी आती है।  मुझे...

ट्रंप का गोरखधंधा

ट्रंप का गोरखधंधा

मीडियावाला.इन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गोरखधंधा भी बड़ा मजेदार है। भारत सरकार द्वारा उनकी मध्यस्थता से इंकार के बावजूद वे मध्यस्थता किए जा रहे हैं। कभी वे नरेंद्र मोदी से बात करते हैं तो कभी...

गौर साहब जैसा कोई और नहीं..!

गौर साहब जैसा कोई और नहीं..!

मीडियावाला.इन। बाबूलाल गौर खुद को कृष्ण का वंशज मानते थे। संयोग देखिए कि हलषष्ठी के दिन उनके जीवन का अंतिम संस्कार हुआ। जब वे मुख्यमंत्री थे तब बलदाऊ जयंती मनाने का कार्यक्रम शुरू किया था, हलषष्ठी को...

मंदी भी तो मुमकिन है

मंदी भी तो मुमकिन है

मीडियावाला.इन। देश अचानक मंदी की चपेट में आ गया है तो घबड़ाने की जरूरत नहीं है।मंदी भी तो एक मुमकिन चीज है ।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रहे जब कश्मीर से अनुच्छेद 370  समाप्त हो सकता है...

खय्याम के साथ संगीत के स्वर्ण युग के अंतिम कड़ी टूटी!

खय्याम के साथ संगीत के स्वर्ण युग के अंतिम कड़ी टूटी!

मीडियावाला.इन।  संगीतकार ख़य्याम के साथ एक युग का अंत हो गया! हिंदी फिल्मों के जिस दौर को संगीत का गोल्डन युग कहा जाता है, उस दौर की वे अंतिम कड़ी थे। खय्याम के साथ ये कड़ी भी टूट...

पुलिस की रेवड़ में काली भेड़ों को ढूंढने की जरुरत!

पुलिस की रेवड़ में काली भेड़ों को ढूंढने की जरुरत!

मीडियावाला.इन। आम आदमी के जहन में बरसों से पुलिस को लेकर एक ख़ास छवि रही है। लोग मानते हैं कि पुलिस सभ्य लोगों की मदद के लिए नहीं होती! क्योंकि, सभ्य लोग पुलिस से डरते...

यह 'प्रलय'तो पानी का हमसे 'बदला'है

यह 'प्रलय'तो पानी का हमसे 'बदला'है

मीडियावाला.इन। भारत में इन दिनों आये जल-प्रलय ने अभी तक 200 जानें ले ली हैं.बेघर होने वाले लोगों की संख्या 10 लाख से थोड़ी ज्यादा ही है.प्रभावित 9 राज्यों में जिंदगी तहस-नहस हो चुकी है. केंद्र और राज्यों के...

परमाणु बमः शाब्दिक बल्लेबाजी

परमाणु बमः शाब्दिक बल्लेबाजी

मीडियावाला.इन। रक्षा मंत्री राजनाथसिंह ने भारत के परमाणु शस्त्रास्त्रों के इस्तेमाल के बारे में ऐसा बयान दे दिया है, जिस पर दुनिया के सभी देशों का ध्यान जाए बिना नहीं रहेगा, खासतौर से पाकिस्तान का। उन्होंने कहा...