कॉलम / नजरिया

खट्टर की ‘कमजोर निष्क्रियता’ और खेमका की सक्रिय ईमानदारी है?

खट्टर की ‘कमजोर निष्क्रियता’ और खेमका की सक्रिय ईमानदारी है?

मीडियावाला.इन। अब जबकि इस बात की पूरी संभावना है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी की लंगड़ी जीत के बाद पार्टी नेता मनोहरलाल खट्टर दोबारा सीएम होंगे, तब इसी प्रदेश के एक चर्चित और ईमानदारी का खमियाजा भुगत रहे...

महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों पर महत्वपूर्ण दस बिंदु

महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों पर महत्वपूर्ण दस बिंदु

मीडियावाला.इन। 1.  राज ठाकरे और मनसे का कोई भविष्य महाराष्ट्र में नहीं बचा है।    2. भाजपा की सीटें गत चुनाव से कम हुई हैं  और शिव सेना की बढ़ी हैं...

भाजपा: बिना ब्रेक की गाड़ी

भाजपा: बिना ब्रेक की गाड़ी

मीडियावाला.इन। हरयाणा और महाराष्ट्र के चुनावों के जो ‘एक्जिट पोल’ आए हैं, वे क्या बता रहे हैं ? दोनों राज्यों में कांग्रेस का सूंपड़ा साफ है। विरोधी दल बुरी तरह से पटकनी खा रहे हैं। हरयाणा की 90 सीटों...

छप्पन इंची छाती की धड़कन और एनसीआरबी के आंकड़े..

छप्पन इंची छाती की धड़कन और एनसीआरबी के आंकड़े..

मीडियावाला.इन। छप्पन इंची छाती रखने वाली, पाकिस्तान को आए दिन ठोकने वाली और कश्मीर से धारा 370 एक झटके में हटाने वाली मोदी सरकार भला आंकड़ों से क्यों डरती है? बेजान से लगने वाले इन आंकड़ों में ऐसी कौन...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभी तक का सफर - कितना सफल ?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभी तक का सफर - कितना सफल ?

मीडियावाला.इन। वर्ष 1925 में विजयादशमी के पावन दिवस पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा एक शाखा प्रांरभ कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी सौवीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है।...

‘कल्कि भगवान’ की अकूत दौलत और अध्यात्म का सुपरमार्केट..!

‘कल्कि भगवान’ की अकूत दौलत और अध्यात्म का सुपरमार्केट..!

मीडियावाला.इन। ‘कल्कि पुराण’ के अनुसार तो ‘भगवान कल्कि’ को कलियुग के अंतिम चरण में अवतरित होना था, लेकिन लगता है इस भविष्यवाणी में कहीं एरर आ गया और भारत भूमि पर ‘कल्कि भगवान’ बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में ही...

मिलावटी सामान से भरा बाजार, पकड़-धकड़ का पाखंड!

मिलावटी सामान से भरा बाजार, पकड़-धकड़ का पाखंड!

मीडियावाला.इन।                                                 खाद्य विभाग और प्रशासन को नकली मिठाई और मावा त्यौहार के नजदीक आते ही दिखाई देता है! ऐसा साल में दो या तीन बार ही होता है! लेकिन, त्यौहार के बाद सारी सख्ती नदारद हो जाती है! सरकार किसी...

किसानी के इस संकट से हम सब अछूते थोड़े ही रहेंगे

किसानी के इस संकट से हम सब अछूते थोड़े ही रहेंगे

मीडियावाला.इन। आने वाले संकट से निपटने की तैयारी पहले से करना,और सब लोगों को बराबरी से इससे वाक़िफ़ रखना किसी भी सभ्य समाज का जरूरी काम है.यह तो ठीक है,आने वाले संकट को पहले से पहचान ही लेना उससे ज्यादा ...

विजन के मामले में उद्योगपतियों को पूर्व सीएम से हजार गुना बेहतर लगे कमलनाथ

विजन के मामले में उद्योगपतियों को पूर्व सीएम से हजार गुना बेहतर लगे कमलनाथ

मीडियावाला.इन। सीएम से अधिक सीईओ वाली भूमिका में रहे कमलनाथ ००० मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक पर खौफ नजर आया सीएम का ००अरबपतियों के बीच भी परंपरागत कुर्ता पाजामा में ही नजर आए कमलनाथ कांग्रेस सरकार की...

झाबुआ उपचुनाव दोनों पार्टियों के लिए 'अहम्' का मुद्दा!

झाबुआ उपचुनाव दोनों पार्टियों के लिए 'अहम्' का मुद्दा!

मीडियावाला.इन।   झाबुआ में चुनाव प्रचार थम गया! उपचुनाव के लिए दोनों प्रमुख प्रतिद्वंदी पार्टियों की सारी कवायद पूरी कर ली! बाकी जो प्रबंधन बचा है, वो आज रात पूरा हो जाएगा! कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनाव जीतने...

बदला बदला सा इन्वेस्टर समिट नजर आया

बदला बदला सा इन्वेस्टर समिट नजर आया

मीडियावाला.इन। तीन साल पहले वो भी अक्टूबर के ही दिन थे जब इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के हाल में सामने बैठे पत्रकारों के सामने उस समय के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिन के इन्वेटस्टर समिट की समाप्ति...

कांग्रेस भूल गयी है सियासत खेलना

कांग्रेस भूल गयी है सियासत खेलना

मीडियावाला.इन। पिछले छह साल से देश में अनेक चुनाव देख रहा हूँ। अधिकाँश चुनावों में कांग्रेस की मात हो रही है। पिछले साल हुए तीन राज्यों के चुनाव अपवाद थे ।आम चुनावों के अलावा उप चुनावों में भी कांग्रेस...

हिंदुओं का नारीवाद

हिंदुओं का नारीवाद

मीडियावाला.इन।   सुश्री कुसुम मेहदेले,जो मंत्री के रूप मे विशेष सफल नहीं थी, ने एक महत्वपूर्ण ट्वीट में पूछा है कि पुरुष महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत क्यों नहीं  रखते हैं।इस साधारण प्रश्न ने मुझे हिन्दू धर्म और समाज...

चौदहवीं और चौथ का चांद

चौदहवीं और चौथ का चांद

मीडियावाला.इन। चांद वैसे तो महीनेभर का साथी है, फिर चाहे वह पूर्णिमा का पूर्णचंद्र हो या फिर अमावस का रिक्त स्थान, लेकिन दो चांद हम अर्से से सीने से चिपटाए घूम रहे हैं। एक चौदहवीं का तो दूसरा चौथ...

प्रश्न विरोध की मर्यादा और स्तर का भी..!

प्रश्न विरोध की मर्यादा और स्तर का भी..!

मीडियावाला.इन। डाक्टर राममनोहर लोहिया के व्यक्तित्व के इतने आयाम हैं जिनका कोई पारावार नहीं। उनसे जुडा़ एक प्रसंग प्राख्यात समाजवादी विचारक जगदीश जोशी ने बताया था, जो विपक्ष के विरोध की मर्यादा और उसके स्तर के भी उच्च आदर्श...

गोपाल भार्गव के चुनावी भाषण के निहितार्थ समझिए!

गोपाल भार्गव के चुनावी भाषण के निहितार्थ समझिए!

मीडियावाला.इन। भाजपा के कुछ नेताओं ने कमलनाथ सरकार गिराने का शिगूफा छोड़कर ख़बरों में छाए रहने का अचूक फार्मूला ढूंढ लिया है! वे जानते हैं कि राजनीति के मंच से बोली गई, ये लाइनों के सुर्खियां बनने में देर...

भूख इंडेक्स

भूख इंडेक्स

मीडियावाला.इन।  GHI की रिपोर्ट में भारत को विश्व में भूख इंडेक्स में 102 वाँ स्थान मिला है।इस सर्वे में 117देश थे।इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में भूख की स्थिति कितनी भया वह है। विगत...

रावण को जलाने  के बाद अब स्वयं दीपक बन जलना होगा सबको

रावण को जलाने के बाद अब स्वयं दीपक बन जलना होगा सबको

मीडियावाला.इन। तभी बुराईयों  के रावण का नाश  हो पायेगा। तभी लोक तंत्र को तमाशा बनने से रोका जा सके गा। तभी  सत्ता तंत्र को जनतंत्र  के प्रति जबावदेह  बनाया  जा सकेगा। रावण  को नहीं रावण वृत्ति को जलाना होगा।...

बीसीसीआई बनाम ‘बोर्ड ऑफ कंट्रोल फाॅर कजिन्स इन इंडिया’...!

बीसीसीआई बनाम ‘बोर्ड ऑफ कंट्रोल फाॅर कजिन्स इन इंडिया’...!

मीडियावाला.इन।फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की मशहूर कव्वाली है-‘जब रात है ऐसी मतवाली फिर सुबह का आलम क्या होगा?’ देश के सबसे अमीर खेल संगठन बीसीसीआई ( बोर्ड ऑफ कंट्रोल फाॅर क्रिकेट इन इंडिया) के नए अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव...

कीर्तिमान बनना था पौधरोपण का, बन गया घोटाले का!

कीर्तिमान बनना था पौधरोपण का, बन गया घोटाले का!

मीडियावाला.इन।शिवराजसिंह की भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के किनारों पर पौधारोपण करके विश्व कीर्तिमान बनाने का दावा किया गया था। 2 जुलाई 2017 को एक दिन में 7 करोड़ 10 लाख से ज्यादा पौधे लगाकर 'गिनीस बुक ऑफ़...