Friday, February 21, 2020

कॉलम / नजरिया

21 बच्चे हमेशा के लिए सो गए फिर भी हम नहीं जागेंगे, हैं ना.

21 बच्चे हमेशा के लिए सो गए फिर भी हम नहीं जागेंगे, हैं ना.

मीडियावाला.इन। "कुछ विषय ऐसे होते हैं जिनपर लिखना खुद की आत्मा पर कुफ्र तोड़ने जैसा है, सूरत की बिल्डिंग में आग...21 बच्चों की मौत...आग और घुटन से घबराए बच्चों को इससे भयावह वीडियो आज तक नहीं देखा....इससे ज्यादा छलनी मन...

मध्यप्रदेश में छाए थे मोदी और राष्ट्रवाद

मध्यप्रदेश में छाए थे मोदी और राष्ट्रवाद

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुनामी ने मध्य प्रदेश के समर में अनेक दिग्गजों के किले ढहा दिए. देश के 3 राज्यों राजस्थान , छत्तीसगढ़  मध्य प्रदेश से कांग्रेस विशेष उम्मीद संजोए बैठी थी ,जहां 5...

अपमान की क्रोधाग्नि में ढह गया सिंधिया का किला

अपमान की क्रोधाग्नि में ढह गया सिंधिया का किला

मीडियावाला.इन। द्रोपदी ने जब दुर्योधन का अट्टहास कर अपमान किया था तो उसे पता नहीं था कि यह अपमान महाभारत रच रहा है। दुर्योधन यह अपमान कभी नही भूला और अपमान की आग में जलता रहा। खुद के...

अब विरोधी दल क्या करें ?

अब विरोधी दल क्या करें ?

mediawala.in इस चुनाव के परिणाम आने के बाद देश के विरोधी दलों की हवा निकली हुई-सी क्यों लग रही है ? चुनाव के पहले वे एकजुट न हो सके तो चुनाव के बाद क्या वे एकजुट हो सकेंगे ? उन्हें...

वर्ष की महान ‘धार्मिक’ फिल्म पीएम नरेन्द्र मोदी

वर्ष की महान ‘धार्मिक’ फिल्म पीएम नरेन्द्र मोदी

मीडियावाला.इन। अच्छा हुआ कि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के पहले फिल्म पीएम नरेन्द्र मोदी के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी, वरना एनडीए को इतने वोट नहीं मिलते। विवेक ओबेरॉय किसी कोण से नरेन्द्र मोदी नहीं लगते...

स्वार्थ, वंशवाद, जाति, नकारात्मक प्रचार पर  राष्ट्रवादी सर्जिकल स्ट्राइक

स्वार्थ, वंशवाद, जाति, नकारात्मक प्रचार पर राष्ट्रवादी सर्जिकल स्ट्राइक

लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचण्ड जीत के मायने क्या हैं यह जीत दर्ज कराने वाली भाजपा और उसके सहयोगी दलों को तो समझना ही है वहीं कांग्रेस पार्टी को भी इस हार की समीक्षा के लिए आत्मावलोकन  ...

मध्यप्रदेश में अब आगे क्या..!  जमीन खिसक गई और ये समझ न पाए

मध्यप्रदेश में अब आगे क्या..!  जमीन खिसक गई और ये समझ न पाए

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की इतनी करारी पराजय के बाद मध्यप्रदेश में स्वाभाविक तौर पर लोगों की नजरें इन सवालों के उत्तर पर टिक गई हैं कि क्या कमलनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की पहल करेंगे..? क्या प्रदेश...

जनादेश का स्वागत है

जनादेश का स्वागत है

मीडियावाला.इन।जनादेश का स्वागत हैनतीजे लगभग साफ हो चुके हैं, एक बार फिर मोदी सरकार देश की संसद की चौखट चूमने जा रही है। न्यूज चैनल प्रशस्तियां गा रहे हैं कि नेहरू और इंदिरा के बाद मोदी तीसरे व्यक्ति हैं, जो...

यादगार चुनाव.

यादगार चुनाव.

मीडियावाला.इन।बुद्धिजीवी कुछ भी कहें, 2019 के चुनाव हमेशा यादगार रहेंगे क्योंकि इस बार लोकतंत्र के जन ने राजा-रजवाड़ों-राजकुमारों को पदच्युत कर साबित कर दिया, भीड़ भेड़चाल चल सकती है लेकिन गुलाम मानसिकता से इंकार करना सीख गई है। देश को...

बस पर्दा उठने की देर है

बस पर्दा उठने की देर है

मीडियावाला.इन। अब हार-जीत में सिर्फ चंद घंटों का फासला है। पूरा देश धडक़नों को साधे हुए उस घड़ी का इंतजार कर रहा है। इंतजार उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जो बदलाव या ठहराव के माध्यम बनने वाले हैं। उनके...

डांवाडोल विपक्ष

डांवाडोल विपक्ष

मीडियावाला.इन। भारत के विपक्षी दलों की दुर्दशा देखने लायक है। चुनाव के पहले वे कोई संयुक्त मोर्चा खड़ा नहीं कर सके और चुनाव के बाद चार दिन निकल गए लेकिन अभी तक वे हवा में लट्ठ घुमा रहे हैं। वे...

मंत्रियों के क्षेत्र से कम वोट मिलने पर भी   कमलनाथ किसी को नहीं हटा सकेंगे 

मंत्रियों के क्षेत्र से कम वोट मिलने पर भी  कमलनाथ किसी को नहीं हटा सकेंगे 

मीडियावाला.इन।  मध्यप्रदेश में कांग्रेस लोकसभा की कितनी सीटें जीतेगी यह गुरुवार की रात तक स्पष्ट हो जाएगा।यह आंकड़ा कमलनाथ का परफारमेंस भी तय करेगा क्योंकि मुख्यमंत्री के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष का दायित्व भी उनके ही पास...

चुनाव परिणाम जो भी हो,हासिल क्या ?

चुनाव परिणाम जो भी हो,हासिल क्या ?

करीब चार दशक से पत्रकारिता करते हुए सुन रहा हूँ कि हमारा लोकतंत्र हर चुनाव के बाद परिपक्व होता जा रहा है । सत्रहवीं लोकसभा के लिये सात दौर में सम्पन्न मतदान के बाद सोच रहा हूँ, यह...

एग्जिट पोल  : एक मनोरंजक फ़िल्म "नँद के घर आनंद भयो"

एग्जिट पोल  : एक मनोरंजक फ़िल्म "नँद के घर आनंद भयो"

चुनाव बाद से जो कुछ चल रहा है उसमें अचंभित करनेवाला कुछ भी नहीं है, बीजेपी को फिर बड़ी जीत का भरोसा है तो उसमें गलत क्या है ,कांग्रेस कह रही है ज्यादा उछलें मत नतीजे आने दो...

वाकई कठिन साबित हो रही है भोपाल सीट दिग्गी राजा के लिए

वाकई कठिन साबित हो रही है भोपाल सीट दिग्गी राजा के लिए

मध्य प्रदेश और अन्य प्रदेशों से कई मित्रों ने भोपाल में 12 तारीख को पोलिंग के बाद फोन किया। अभी तक फोन आ रहे हैं। सबकी उत्सुकता ये जानने में थी और है कि भोपाल में कौन जीतेगा।...

भानुमती कौन बनेगा इस बार ?

भानुमती कौन बनेगा इस बार ?

वो जमाना गया जब भारत में किसी एक दल की सरकार बन जाती थी .1977  में नाकाम हुआ गठबंधन का दौर आज चार दशक बाद गठबंधन धर्म में तब्दील हो चुका है. इस गठबंधन सियासत में हर बार...

एक्जिट पोलः अंदाजी घोड़े

एक्जिट पोलः अंदाजी घोड़े

एक्जिट पोल की खबरों ने विपक्षी दलों का दिल बैठा दिया है। एकाध को छोड़कर सभी कह रहे हैं कि दुबारा मोदी सरकार बनेगी। विपक्षी नेता अब या तो मौनी बाबा बन गए हैं या हकला रहे हैं।...

सटोरियों के देश में लोकतंत्र

सटोरियों के देश में लोकतंत्र

जब तक देश में टीवी नहीं था तब तक सब ठीक-ठाक था .न जिंटा हमराह होती थी और न खामखां की अटकलबाजियां चुनाव और मतदाता को प्रभावित करती थीं लेकिन जब से टीवी आया है और जब से...

अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

मीडियावाला.इन।यदि इस 2019 के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाए और एक स्थिर सरकार बन जाए तो भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे बढ़िया बात तो कोई हो ही नहीं सकती। वह सरकार पिछले पांच साल की सरकार से...

मरती नदियां और संकट में आती ज़िन्दगी

मरती नदियां और संकट में आती ज़िन्दगी

मीडियावाला.इन। चौंकिए मत.मैंने सही शब्द इस्तेमाल किये हैं.हमारे देश की अधिकाँश नदियां,बीमार तो छोड़िये,मरणासन्न हैं.उदाहरण के बतौर,तमाम हल्ले,हंगामे और प्रचार के बावजूद,सच तो यह है कि गंगोत्री से डायमंड हार्बर तक,गंगा में प्रतिदिन जितना कचरा छोड़ा जाता है,वह गंगा-किनारे...