कॉलम / नजरिया

अपनी खास प्रबंधन शैली , पहचान है कमलनाथ की 

अपनी खास प्रबंधन शैली , पहचान है कमलनाथ की 

आज मध्य प्रदेश के 18 वें मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके कमलनाथ की खास प्रबंधन शैली उनकी पहचान है । वे दिल्ली , भोपाल या छिंदवाड़ा में जहां भी हो -  आम आदमी और कार्यकर्ताओं से नियमित तौर...

श्रीमंत की ठसक या कसक से टल गए मंत्रिमंडल के नाम 

श्रीमंत की ठसक या कसक से टल गए मंत्रिमंडल के नाम 

००० अकेले शपथ लेने के साथ कर्ज माफी की घोषणा करेंगे कमलनाथ ००० पहली प्रशासनिक सर्जरी में बड़े जिलों के कलेक्टरों की बिदाई    मीडियावाला.इन। श्रीमंत के कारण पिछले तीन दिनों में मप्र कांग्रेस में...

कांग्रेस की नई अँगड़ाई 

कांग्रेस की नई अँगड़ाई 

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शानदार विजय भविष्य की राजनीति के लिए एक नई दिशा निर्धारित करेगी।  अनेक विश्लेषकों एवं विवेचकों ने कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार के लिए अपने मौलिक विचार प्रस्तुत...

रफालः अदालत अंधेरे में क्यों ?

रफालः अदालत अंधेरे में क्यों ?

रफाल-सौदे ने हमारी सरकार के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय की इज्जत भी पैंदे में बिठा दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला आंख मींचकर कर दिया है। उसने सरकार के सरासर झूठ को भी सत्य कहकर परोस दिया है।...

पीएमओ फुर्सत में है क्या?

पीएमओ फुर्सत में है क्या?

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, अभी ट्विटर पर आपके प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किये गए इस ट्वीट को देखकर अच्छा नहीं लगा।  अगर यह ट्वीट आप (नरेन्द्र मोदी) के पर्सनल ट्विटर हैंडल से किया जाता तो शायद ठीक होता। ...

चुनाव में अंदाज़ों के 'अबूझमाड़' बने हमारे गाँव

चुनाव में अंदाज़ों के 'अबूझमाड़' बने हमारे गाँव

मैनेजमेंट वाले कहते हैं कि यदि आपने आपको मिला लक्ष्य पूरा कर लिया है,तो आप अपने बॉस की टेबल पर टांग रखकर भी बात कर सकते हैं,और थोड़ा भी चूक गए हैं,तो आप कितनी भी अच्छी या भरोसा...

चेहरों में नहीं , लेकिन चर्चाओं में जरूर रहे दिग्विजय !

चेहरों में नहीं , लेकिन चर्चाओं में जरूर रहे दिग्विजय !

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की बेला में लगभग 1 साल पूर्व नर्मदा परिक्रमा की बात हो या मतदान के बाद भोपाल के इंडियन कॉफी हाउस में अपने दोस्तों के साथ गपशप हो -  दिग्विजय सिंह सदैव चर्चा का...

और मध्यप्रदेश में देखते वक्त बदल गया

और मध्यप्रदेश में देखते वक्त बदल गया

भोपाल के लिंक रोड पर कांग्रेस दफतर इंदिरा गांधी भवन के बाहर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा। रोड के दोनों रास्ते दूर से ही बंद और रास्तों पर दोनों तरफ गाडियों जिनमें ज्यादातर एसयूवी ही थीं की...

खुदा जब वापस लेता है

खुदा जब वापस लेता है

साहब बहादुर सुबह उठे। आंख खुलते ही चौंक गए। पीछे कोई बेड टी लेकर नहीं खड़ा था। आईने में खुद की सूरत देखी तो कुछ धुंधला सा लगा। वही घर, वही लोग फिर भी सबकुछ बदला हुआ था।...

17 को शपथ शाम चार बजे ली तो स्थिर रहेगी सरकार, नहीं तो कमलनाथ को भी जूझना पड़ सकता है उमा भारती और अरविंद केजरीवाल की तरह 

17 को शपथ शाम चार बजे ली तो स्थिर रहेगी सरकार, नहीं तो कमलनाथ को भी जूझना पड़ सकता है उमा भारती और अरविंद केजरीवाल की तरह 

मप्र के 18वें और कांग्रेस के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में पहले कमलनाथ 15 दिसंबर को शपथ लेने वाले थे, अब 17 दिसंबर को करीब 20 मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे। उनका यह शपथ समारोह ऐसे दिन होगा...

रफाल—सौदा: ज़हर की पुड़िया

रफाल—सौदा: ज़हर की पुड़िया

मीडियावाला.इन। रफाल-सौदे के बारे में सर्वोच्च न्यायालय की राय ने आज भाजपा में नई जान फूंक दी है। तीन हिंदी राज्यों में पटकनी खाई भाजपा अपने घाव सहला रही थी कि अदालत ने उसे एक पुड़िया थमा दी।...

जादूगर गहलोत का सियासी जादू और सिद्धू का काला तीतर...!

जादूगर गहलोत का सियासी जादू और सिद्धू का काला तीतर...!

चुनावी  उठापटक,  सरकारें बदलने और  तीन राज्यों में कांग्रेस में मुख्य मंत्री बनने के लिए चली जोर आजमाइश  से हटके दो ऐसी खबरें भी आईं, जो अराजनीतिक होते हुए भी गहरा राजनीतिक अर्थ रखती हैं। ये खबरें  भी...

स्मार्टफोन से दूर रहो और एक साल में एक लॉख डॉलर जीतो

स्मार्टफोन से दूर रहो और एक साल में एक लॉख डॉलर जीतो

मीडियावाला.इन। कोला कोला कंपनी ने अपने एक नए एनर्जी ड्रिंक विटामिनवॉटर को प्रचारित करने का अनूठा तरीका खोजा है। इसके लिए कोका कोला ने एक प्रतियोगिता रखी है कि जो भी व्यक्ति पूरे एक साल तक स्मार्टफोन उपयोग...

चुनाव में ‘नोटा’ की तासीर और करामात को लेकर कुछ सवाल 

चुनाव में ‘नोटा’ की तासीर और करामात को लेकर कुछ सवाल 

ताजा विधानसभा चुनाव नतीजों से एक बात साफ है कि आने वाले समय में भी नोटा राजनीतिक दलों के लिए एक अदृश्य शत्रु होगा। ऐसा शत्रु, जो वायरस की तरह गुपचुप नतीजों को बदलने में निष्णात होगा। मप्र...

काँग्रेसः रसातल से धरातल तक, जमीन पर खड़े होकर आसमान की हकीकत को नापिए जनाब

काँग्रेसः रसातल से धरातल तक, जमीन पर खड़े होकर आसमान की हकीकत को नापिए जनाब

मध्यप्रदेश का एक वोटर होने के नाते मुझसे कोई पूछे कि इस जनादेश के मायने क्या..? तो मेरा जवाब होगा- भाजपा के लिए अहंकार को सबक और काँग्रेस के लिए स्वेच्छाचरिता पर लगाम। मध्यप्रदेश के चुनाव...

बस सीएम के हॉट सीट पर बैठने का इंतजार कर रहे हैं किसान!

बस सीएम के हॉट सीट पर बैठने का इंतजार कर रहे हैं किसान!

तीन राज्यों का अन्नदाता अब अपने सामने कैलेंडर में साल के इस अंतिम माह वाला पन्ना खोल कर बैठा है। उसे इससे कोई मतलब नहीं कि मप्र में कमलनाथ बने या ज्योतिरादित्य क्यों नहीं सीएम बने। उसकी दिलचस्पी...

मुसाफ़िरनामा 2

मुसाफ़िरनामा 2

तो कांग्रेस ने सत्तासीन दल को हिला डाला। तीन राज्यों में सत्ता बदलने को है खूब। मुख्यमंत्री का चुनाव अटका है बड़े बड़े लोगों के बीच। यह भी खूब। काहे नहीं एमएलए बाबू को हक़ देते अपना नेता...

"शिव के पात्रों" ने न अभिनय ठीक किया न ताली बटोरी

"शिव के पात्रों" ने न अभिनय ठीक किया न ताली बटोरी

भारतीय जनता पार्टी खुश हो सकती है कि उसे कांग्रेस ने छत्तीसगढ़,राजस्थान की तरह बुरी तरह शिकस्त दी। सवाल यह है कि 165 और अबकी बार 200 पार के आत्मविश्वास से चुनाव मैदान में शिवराज की फौज 109...

पराजय की भाजपाई स्वीकारोक्ति में छिपा कांग्रेसी कल्चर...? 

पराजय की भाजपाई स्वीकारोक्ति में छिपा कांग्रेसी कल्चर...? 

क्या भाजपा भी चुनावी हार की जिम्मेदारी तथा जीत के श्रेय के मामले में अब कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलने लगी है? यह सवाल  ‍इसलिए कि मध्यप्रदेश सहित तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार...

मध्यप्रदेश में उम्मीदों के साथ हुआ कांग्रेस का सूर्योदय

मध्यप्रदेश में उम्मीदों के साथ हुआ कांग्रेस का सूर्योदय

मध्य प्रदेश में 15 साल के वनवास के बाद निजाम के गलियारों में कांग्रेस पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। लंबे समय से मायूस हो चुके कार्यकर्ता और समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है ।...