कॉलम / नजरिया

‘उल्लू बनाविंग’ का सियासी फार्मूला और तेलंगाना में उल्लुअों की शामत !

‘उल्लू बनाविंग’ का सियासी फार्मूला और तेलंगाना में उल्लुअों की शामत !

कुछ साल पहले राजनेताअों पर कटाक्ष करता आइडिया का एक विज्ञापन बहुत चर्चित हुआ था-‘नो उल्लू बनाविंग।‘ लेकिन तेलंगाना विधानसभा चुनाव में तो नेताअों के कारण खुद उल्लुअों की ही शामत आ गई है। वहां 7 दिसंबर...

इमरान मानें राजनाथ की बात

इमरान मानें राजनाथ की बात

जिस बात को मैं पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को कहता रहा हूं, मुझे खुशी है कि वही बात अब भारत सरकार के गृहमंत्री राजनाथसिंह ने सार्वजनकि रुप से कह दी है। राजनाथजी ने...

जस्टिस कुरियन के मीडिया मे उद्गार

जस्टिस कुरियन के मीडिया मे उद्गार

नेताओं और अभिनेताओं के बाद अब माननीय न्यायाधीशों को भी मीडिया का चस्का लगता जा रहा है। किसी ज़माने में केवल अपने ऐतिहासिक निर्णयों से बोलने वाले जज  आज मीडिया के माध्यम से सनसनी फैलाने में नेताओं से भी आगे...

स्ट्रांग रुम और भयभीत राजनेताओं का मनोविज्ञान

स्ट्रांग रुम और भयभीत राजनेताओं का मनोविज्ञान

मीडियावाला.इन। मतदान के बाद नेताओं के भाग्य की मशीनें स्ट्रांग रुम में आराम फरमा रही हैं। बाहर हथियारबंद सिपाही खड़े हैं। अचानक गई बिजली से घबराये नेता अपनी जीत के अपहरण की आशंका से घिरे हैं। आशंका के...

सर्टिफिकेट में तब्दील होती प्रशंसा के दौर में कलेक्टर का दिल छूता खत

सर्टिफिकेट में तब्दील होती प्रशंसा के दौर में कलेक्टर का दिल छूता खत

अपनी प्रशंसा सुनना हमारी प्रसन्नता का स्थाई भाव है। परिश्रम के बाद मुखिया द्वारा कहे गए प्रशंसा के दो बोल सफर के सारे कष्ट को सुकून के पलों में बदल देता है। थकान कपूर सी काफूर हो जाती...

सिन्धन् के एतरो न रजा़यों....

सिन्धन् के एतरो न रजा़यों....

  कहा तो जाता है कि माल बेचने की कला चीनी जानते हैं जो गंजे को भी कंघा बेच देते हैं।चीन की इस कला का जिक्र करते वक्त हम भूल जाते हैं कि सिंधी समाज...

रविवारीय गपशप

रविवारीय गपशप

जिले में कलेक्टर को चुनाव सम्पन्न होने पर वैसा ही सुकून मिलता है जैसी किसी बेटी के बाप को शादी सम्पन्न होने पर बेटी की विदाई के बाद मिलता है | हालाँकि मतगणना का काम बाक़ी रह जाता...

पार्टियों के घोषणा-पत्र और दिल टूटने का डर 

पार्टियों के घोषणा-पत्र और दिल टूटने का डर 

नई सरकार का इंतज़ार अब बस एक हफ्ते का ही बचा है.चुनाव की घोषणा और परिणामों के बीच हुए राजनैतिक वादों और जारी हुए घोषणापत्रों ने कुछ ऐसे प्रश्न खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब या तो बहुत...

हम मीडियावालों को आत्मावलोकन करना ही चाहिए

हम मीडियावालों को आत्मावलोकन करना ही चाहिए

मीडियावाला.इन। स्ट्रांग रुम, ईवीएम-वीवीपेड मशीनों की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। भारत में समय-समय पर इनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते रहे हैं, इनके साथ छेड़छाड़ कर मतदान को अपने पक्ष में करने के आरोप सत्तापक्ष पर...

कक्का कहें,सुनो तो सुनो

कक्का कहें,सुनो तो सुनो

इस से पहले कि मुद्दे पर आया जाए, आवश्यक है कि इस कॉलम के पात्रों से पाठकगण को मिला दिया जाए। तो कक्का हैं फौज से रिटायर्ड चाचा (चाचा चतुर) जिन्हें बात करने का शौक कुछ ज़्यादा ही...

मामा से लगाव का, या वक्त है बदलाव का !

मामा से लगाव का, या वक्त है बदलाव का !

2018 के विधानसभा चुनाव ने सट्टाबाजार को भी दुविधा में डाल दिया है। सट्टाबाजार ने पहले कांग्रेस की सरकार बना दी, तो फिर भूलसुधार कर भाजपा को बढ़त दिला दी। ऐसा लगा कि मानो चुनाव में कंफ्यूजन के...

क्या ये तूफान के पहले की शांति है ...

क्या ये तूफान के पहले की शांति है ...

आखिर जब रहा नहीं गया तो रजनी ने कह ही दिया तीन दिन हो गये हैं और हर वक्त फोन पर एक ही मुददे पर बातें एक जैसे सवाल उनके एक जैसे जबाव, हैरान हूं कि एक जैसा...

पाकिस्तान फर्जी राष्ट्र तो नहीं ?

पाकिस्तान फर्जी राष्ट्र तो नहीं ?

भारतीय सेनापति जनरल बिपिन रावत ने एक ऐसी बात कह दी जो शायद ही कोई फौजी कह सकता हो। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान खुद को पहले धर्म-निरपेक्ष (सेक्युलर) बनाए, तब ही भारत से उसके संबंध सुधर सकते...

दुखिया एक किसान है रोवै औ खोवै

दुखिया एक किसान है रोवै औ खोवै

लगता है भगवान ने किसान और बैल की किस्मत एक साथ गढी है। दोनों परस्पर पूरक हैं इसलिए जब बैल का नाम लो तो किसान की आकृति उभरती है।  दोनों के भाग्य में डंडा...

मैं संघ और भाजपा के आँखों की किरकिरी : दिग्विजय

मैं संघ और भाजपा के आँखों की किरकिरी : दिग्विजय

मध्यप्रदेश में बदलाव होकर रहेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का दावा है कि कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है। उनका मानना है कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान अकेले पड़ चुके हैं...

चुनाव जीतने के लिए मुफ्तखोरी पर बोली अदालत - लोग आलसी होते जा रहे हैं !

चुनाव जीतने के लिए मुफ्तखोरी पर बोली अदालत - लोग आलसी होते जा रहे हैं !

द्रमुक और अन्नाद्रमुक द्वारा सत्ता सुख की खातिर चावल आदि बांटने की लोकलुभावन घोषणाएं आम थीं। अब यह बीमारी उत्तरी राज्यों और देखा जाए तो पूरे देश में कमोबेश हो गई है। अच्छी बात यह है कि राशन...

विजयवर्गीय के साथ न हो जाए ‘गढ आला पण सिंह गेला’

विजयवर्गीय के साथ न हो जाए ‘गढ आला पण सिंह गेला’

सिर्फ इंदौर ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश की नजर इंदौर की तीन नंबर विधानसभा सीट पर लगी हुई है। यह सीट इतनी चर्चित नहीं होती यदि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने पुत्र आकाश का टिकट...

पार्टी प्रवक्ता ( और मीडिया )

पार्टी प्रवक्ता ( और मीडिया )

सभी पार्टियों में प्रवक्ताओं की एक टीम होती है।इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के आने के  बाद विशेष रूप सेइनका महत्व बढ़ गया है। ये काफ़ी पढ़े लिखे,चतुर एवं अद्यतन जानकारी रखने वाले होते हैं। इनकी अपनी पार्टी के प्रति वफ़ादारी...

किसान रैली: दर्द निवारण का कोई स्थायी मंतर मिलेगा या फिर...?

किसान रैली: दर्द निवारण का कोई स्थायी मंतर मिलेगा या फिर...?

दिल्ली के जंतर मंतर पर कर्ज माफी और फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी जैसी बुनियादों मांगों को लेकर  हुए किसानों के बड़े जमावड़े और इस मंच पर विपक्षी नेताअो की प्रभावी मौजूदगी से यह सवाल फिर उठ...

थ्रीडी में देखो तो पैसा वसूल है ‘रोबोट 2.0’

थ्रीडी में देखो तो पैसा वसूल है ‘रोबोट 2.0’

दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 2.0 देखने का मजा बड़े सिनेमाघर में और थ्रीडी में ही है। इस फिल्म का स्टार कलाकार कोई है, तो वीएफएक्स टेक्नीक ही है, जिसके माध्यम से रोबोट फिल्म की तरह ही...