Friday, February 21, 2020

कॉलम / नजरिया

चिता बुझी नहीं कि सक्रिय हो गए शत्रु

चिता बुझी नहीं कि सक्रिय हो गए शत्रु

भले ही हम कहते रहें पर अटलजी चौबीस घंटे भी अजातशत्रु नहीं रह पाए। चिता धधक रही है, राख ठंडी होने से लेकर गंगाजी में प्रभावित होने में अभी काफी वक्त बचे हैं। इस बीच शत्रुओं के तरकश...

राजनीति के देवानंद

राजनीति के देवानंद

अटलजी भारतीय राजनीति के देवानंद थे, जिनकी छवि फूलों के रंग से दिल की कलम से रची रांगोली थी। हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली। जिंदगी का साथ निभाने वाली। वे शोखियों में घोले गए फूलों का...

ऐसे थे अटलजी, दूर की सोचकर कदम उठाने वाले राजनेता

ऐसे थे अटलजी, दूर की सोचकर कदम उठाने वाले राजनेता

अटल जी जिस दौर में प्रधानमंत्री बने, उस समय उनसे बेहतर कोई राजनीतिक शख्सियत नहीं थी। अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों को साथ लेकर चलने की उनके अंदर एक खास कला थी। सभी लोगों को बिठाकर उनसे चर्चा करके निष्कर्ष...

हर साल क्यों नहीं हो सकता विश्व हिन्दी सम्मेलन ?

हर साल क्यों नहीं हो सकता विश्व हिन्दी सम्मेलन ?

मॉरीशस में तीसरी बार 18 से 20 अगस्त तक होगा आयोजन  इस बार 11वां विश्व हिन्दी सम्मेेलन मॉरीशस में होने जा रहा है और यह तीसरा मौका है, जब इस देश को मेजबानी का मौका मिला ।...

अमेरिका में राष्ट्रपति ‘ट्रंप बनाम मीडिया’ वॉर के मायने 

अमेरिका में राष्ट्रपति ‘ट्रंप बनाम मीडिया’ वॉर के मायने 

अमेरिका के इस अनोखे घटनाक्रम को कुछ लोग चाहें तो भारत के आईने में भी देख सकते हैं, हालां‍कि उसकी सीधे तौर पर तुलना सही नहीं होगी। संयुक्त राज्य अमेरिका के 350 सौ अखबारों ने अपनी खबरों को...

जब हम यमदूत का इंतजार करते हैं

जब हम यमदूत का इंतजार करते हैं

जीवन जितनी सहजता से जीया जा सकता है, उतनी ही असहज मृत्यु हो सकती है। खासकर तब जब वह देहरी पर आकर खड़ी हो जाए। न भीतर आए न बाहर जाए। वह द्वार पर खड़ी है, उस भिक्षुक...

ओझल हुआ राजनीति का ध्रुवतारा , अटलजी की सभा के लिए कभी भीड़ नहीं जुटाना पड़ी

ओझल हुआ राजनीति का ध्रुवतारा , अटलजी की सभा के लिए कभी भीड़ नहीं जुटाना पड़ी

जैसे नरेंद्र मोदी या राहुल गांधी की सभा के लिए महीनों पहले से भीड़ जुटाने की रणनीति पर काम करना पड़ता है ऐसे दिन कभी अटलजी की सभा के लिए नहीं देखना पड़े। अटल जी की सभा यानी सिंहस्थ...

राष्ट्र प्रथम और यही अपना धर्म

राष्ट्र प्रथम और यही अपना धर्म

खानवा के युद्ध में राणा सांगा के हमलों से पस्त बाबर ने अपने जासूसों को आदेश दिया कि यह पता लगाकर बताएं कि दुश्मन (राणा सांगा) की फौज की कमजोर "नस" क्या है? खोज-खबर के बाद जासूसों ने...

प्रधानसेवक का बुनियादी विषयों से दूर भाषण !

प्रधानसेवक का बुनियादी विषयों से दूर भाषण !

मीडियावाला.इन। डॉक्टर अरविन्द जैन भोपाल भारत की स्वाधीनता दिवस पर प्रधान सेवक मोदी जी द्वारा अपने कार्यकाल का अंतिम भाषण लाल  किला की प्राचीर से दिया गया और बहुत भावुक भाषण रहा .उन्होंने जिन बिंदुओं पर जोर...

आजादी की नागपंचमी

आजादी की नागपंचमी

किसी बिल में हाथ डालकर मुद्दों का एक नाग पकड़ लीजिए। उसका मुंह दबाइये और वश में कर लीजिए इस हद तक कि वह पलटकर न आपको पूंछ मारे और न ही दांत गड़ाए। अब इसे पिटारे में...

खजराना में खुद के पैसों से  संचालित कर रहे हैं लायब्रेरी

खजराना में खुद के पैसों से संचालित कर रहे हैं लायब्रेरी

अदब का उजाला फैलाने में लगे हैं कुछ उम्रदराज लोग इन दिनों ‘मुल्क’ फिल्म चर्चा में है और इसकी चर्चा की वजह है भारत का आम मुसलमान।अपने मुल्क के ऐसे ही कुछ आम मुसलमानों से मेरी...

छतरपुर में अंग्रेजी हुकूमत ! ये कैसी आजादी…….

छतरपुर में अंग्रेजी हुकूमत ! ये कैसी आजादी…….

अंग्रेजों को देश छोडे 71 बरस बीत गए हैं। देश आजादी की 72 वीं वर्षगांठ के जश्न में डूबा हुआ है। जश्न के लिए छतरपुर जिला मुख्यालय पर सरकारी स्कूल की छात्राओं के एक गीत पर कलेक्टर ने...

जान से खेलती खेती और बेफिकर बैठे हम

जान से खेलती खेती और बेफिकर बैठे हम

पूरी दुनिया में,शायद हम भारतीय ही,समाज के रूप में अकेले होंगे,जो अपने खुद के तन-मन और धन की जरूरी बातें,अपनी रोजमर्रा की बहस में शामिल नहीं करते.इन पर बात करना पिछड़ापन भी समझा जाता है. हमने,हमारे जनप्रतिनिधियों ने,सामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिक या...

सूर्य के देवत्व की वैज्ञानिक जांच करने निकला है ‘प्रोब’

सूर्य के देवत्व की वैज्ञानिक जांच करने निकला है ‘प्रोब’

पौराणिक कथा के अनुसार जब बाल हनुमान ने उगते सूरज को मीठा फल समझ कर गपक लिया था, तब क्या हनुमान में सूर्य की भीषण को पचा लेने की ताकत थी? क्योंकि हकीकत में हर क्षण आग में...

मध्यप्रदेश में कांग्रेस को फ़ायदा देगा, छोटी पार्टियों का साथ!

मध्यप्रदेश में कांग्रेस को फ़ायदा देगा, छोटी पार्टियों का साथ!

कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में पूरा दम लगाकर भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का कोई मौका छोड़ना चाहती! लेकिन, क्या वो अकेले दम पर ऐसा कर सकेगी? सवाल का जवाब 'हाँ' में नहीं ढूंढा जा सकता!...

परम्परागत मीडिया बनाम सोशल मीडिया - बढ़ रही चुनौतियां

परम्परागत मीडिया बनाम सोशल मीडिया - बढ़ रही चुनौतियां

मीडिया आज सशक्त बन गया है, हर प्रभावी तबका इसकी जद में है तो मीडिया भी कतिपय तत्वों और वर्ग का ‘‘अस्त्र‘‘ भी बन रहा है। यह सम्पूर्ण समाज और प्रचलित व्यवस्थाओं में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही...

2019 की जंग, सरकार के तरकश में है आर्थिक आधार का ब्रह्मास्त्र !

2019 की जंग, सरकार के तरकश में है आर्थिक आधार का ब्रह्मास्त्र !

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है। वैसे यह मांग कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी इसकी मांग उठती रही है। इस दिशा में सबसे पहले और सबसे गंभीर पहल...

चम्बल में फिर गूंजेगी मलखान सिंह की दहाड……..

चम्बल में फिर गूंजेगी मलखान सिंह की दहाड……..

छह: फीट लंबा कद….रौबदार चेहरा….गठीला बदन….शेर की तरह दहाड…..चेहरे से बाहर निकलती मूंछें….खाकी वर्दी….एक हाथ में अमेरिकन सेल्फ लोडिंग राइफल तो दूसरे हाथ में लाऊडिस्पकर। 70 के दशक में ये चेहरा खौफ की तस्वीर बना रहा। चंबल के...

आंख में दहशत और आंसुओं को पढ़ना हम कब सीखेंगे?

आंख में दहशत और आंसुओं को पढ़ना हम कब सीखेंगे?

अपनी पिछली बात मैंने इन लाइनों के साथ खत्‍म की थी कि- सिर हिलाने से कुछ नहीं होगा, सिर खपाओ तो कोई बात बने... हम बात कर रहे थे ब्रिटिश मूल की अमेरिकी यात्रा...