Tuesday, February 25, 2020

कॉलम / नजरिया

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब की जन्म स्थली को लेकर  मिनी ‘विप्लव’!

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब की जन्म स्थली को लेकर  मिनी ‘विप्लव’!

मीडियावाला.इन। कई बार राष्ट्रीय मुद्दों के राजनीतिक रूप से बूमरेंग होने का खतरा रहता है, हालांकि ऐसे ही एक ताजा मामले में तुरंत ‘डेमेज कंट्रोल’ की कोशिश हुई, लेकिन शक की सुई फिर भी हिलती ही रही। मामला...

सच के मच्छर: सन्दर्भ-पूण्य प्रसून वाजपेयी की एबीपी से बिदाई

सच के मच्छर: सन्दर्भ-पूण्य प्रसून वाजपेयी की एबीपी से बिदाई

मीडियावाला.इन। सिंहासन पर राजा विराजमान है। सामने ढेर सारी स्क्रीन लगी हुई हैं, जहां से दिग-दिगंत तक फैली कीर्ति पताकाओं की यशगाथाएं दिखाई और सुनाई जा रही हैं। अर्दली चवर डुला रहे हैं। राजा को अंगूर-सेवफल परोस रहे हैं। राजा...

रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गए...वह धमकाती रही महिला पुलिसकर्मियों को

रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गए...वह धमकाती रही महिला पुलिसकर्मियों को

कल्पेश के लिए जी का जंजाल बनी सलोनी अब बढ़ा रही है पुलिस का भी तनाव !  पत्रकार कल्पेश की जी का जंजाल बनी मुख्य आरोपी सलोनी अरोरा को गिरफ्तार करने वाली इंदौर पुलिस को रविवार को...

'इंदिरा का खून, प्रियंका इज़ कमिंग सून': इलाहाबाद में लगे नारे

'इंदिरा का खून, प्रियंका इज़ कमिंग सून': इलाहाबाद में लगे नारे

मीडियावाला.इन। क्या कांग्रेस का नया चेहरा साबित हो सकती हैं प्रियंका कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और अब यह चर्चा है कि उनकी बेटी...

राजीव के हाथ कुछ न लगा था तो मोदी क्या जुटा लेंगे !

राजीव के हाथ कुछ न लगा था तो मोदी क्या जुटा लेंगे !

2019 के लोकसभा चुनाव में चंद महीने ही रह गए हैं। विकास को अपना चाल, चरित्र और चेहरा बताने वाली बीजेपी की मोदी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर उतर आई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के...

कहीं राजनीति में दफन न हो जाए शेल्टर होम पीडि़ताओ का दर्द

कहीं राजनीति में दफन न हो जाए शेल्टर होम पीडि़ताओ का दर्द

जैसी कि आशंका थी कि पूरे देश को शर्मसार करने वाले  बिहार के मुजफ्फरपुर का शेल्टर होम कांड राजनीति का नया तंदूर बनेगा, वही हो रहा है। इस शर्मनाक कांड की शिकार बेटियों को न्याय कब और कैसे मिलेगा,...

सलोनी की धमकियों, 5 करोड़ की मांग के कारण ही कल्पेश ने आत्महत्या की 

सलोनी की धमकियों, 5 करोड़ की मांग के कारण ही कल्पेश ने आत्महत्या की 

वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक खुदकुशी मामले में पुलिस का मानना है कि सलोनी अरोरा द्वारा 5 करोड़ के लिए लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना और धमकी के कारण ही कल्पेश ने भास्कर कार्यालय भवन की तीसरी मंजिल से...

इस मदारी की यही सबसे बड़ी सफलता

इस मदारी की यही सबसे बड़ी सफलता

सफल मदारी किसे कहेंगे? डुगडुगी बजाने वाले को? मजमा इकट्ठा करने वाले को? लच्छेदार बातों में उलझाए रखने में निपुण शख्स को? नहीं। मदारी की सफलता मजमे के अंत पर निर्भर करती है। जब वह भीड़ से पापी पेट...

'सैंयाओं' के सहारे 'छा' गए 'मानवता के दुश्मन'

'सैंयाओं' के सहारे 'छा' गए 'मानवता के दुश्मन'

मुझे मालूम है कि अपनी कोई भी गंभीर बात मज़ाक से शुरू नहीं की जाती. लेकिन,आज माफ़ी के साथ निवेदन है कि हमारे यहाँ एक पुरानी कहावत है कि 'सैंयां भये कोतवाल तो डर किस बात का'.यदि इस...

ये गठबंधन के मेले राजनीति में कम ना होंगे

ये गठबंधन के मेले राजनीति में कम ना होंगे

अरे भाई, आप मायावती जी से गठबंधन करना चाहते हो तो कर लेना उनसे भी गठबंधन मगर हम जो यहां बैठे हैं हमसे भी तो गठबंधन कर लो क्योंकि हमसे बिना गठबंधन किये क्या तुम जीत पाओगे बताओ...

फ़न्ने खाँ

फ़न्ने खाँ

शायद दुनिया में हर माँ-बाप अपने सपने अपने बच्चों में पालते हैं , जो कुछ भी वो बनना चाहते थे और नहीं बन पाए उस सबकी अभिलाषा वो अपने बच्चे से चाहते हैं , इसी आदिम आकांक्षा की ख़ूबसूरत...

कल्पेश करुण कथा: उसी फिल्म वितरक की मदद से पुलिस दल को मिली सफलता

कल्पेश करुण कथा: उसी फिल्म वितरक की मदद से पुलिस दल को मिली सफलता

मीडियावाला.इन। दैनिकभास्कर के ग्रुप एडिटर कल्पेश आत्महत्या कांड की कथित मुख्य आरोपी सलोनी अरोरा को गिरफ्तार करने में सफलता भी उसी के अंतरंग मित्र आदित्य चौकसे के कारण मिली है।पुलिस ने कल्पेश के द्वारा लिखे छह पेज के...

मीडिया के नेपथ्य में सरकारी तोते की आवाज़...!

मीडिया के नेपथ्य में सरकारी तोते की आवाज़...!

अमेरिका मे डोनाल्ड ट्रंप खुले तौर पर कह रहे हैं कि मीडिया दुश्मन है। भारत में सरकार खुलकर तो ऐसा नहीं कर रही है लेकिन जो कुछ पर्दे के पीछे हो रहा है, उससे साफ है कि देश के...

अवैध नागरिकता का राजनीतिकरण गलत

अवैध नागरिकता का राजनीतिकरण गलत

असम में स्थानीय बनाम विदेशी नागरिकों का मसला राज्य के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक जीवन को लंबे समय से झकझोर रहा है। असम के लोगों की शिकायत है कि बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठ करके आए मुस्लिमों...

चलती सड़क पर जान से खेलता ‘किकी डांस’

चलती सड़क पर जान से खेलता ‘किकी डांस’

पचास साल पहले एक फिल्म आई थी ‘गुनाहों का देवता’। इसमें मशहूर कामेडियन महमूद पर फिल्माया गया गाना था ‘मैं मरने चला हूं...।‘ महमूद इश्क की खातिर मरने जा रहे थे। लोग उनको रोक रहे थे। लेकिन वो डांस...

विषय फन्ने खां, एक्टर तीसमार खां और फिल्म खामखां

विषय फन्ने खां, एक्टर तीसमार खां और फिल्म खामखां

फन्ने खां में एक गाना है – मेरे अच्छे दिन कब आएंगे। आश्चर्य हुआ कि ऐसा गाना सेंसरबोर्ड ने पास कैसे कर दिया? सवा दौ घंटे की फिल्म खत्म होते-होते गाना बन जाता है – मेरे अच्छे दिन...

कब आएगा ऐसा गुरूवार?

कब आएगा ऐसा गुरूवार?

गजब का गुरूवार! जबरदस्त जुम्मेरात! हर ओर औरत। सर्वोच्च न्यायालय की चिंता में। घुसपैठियों के रोम-रोम में। कांग्रेसी महाराजा द्वारा किए गए अपमान को बिसराने में और भोपाल के मंत्री निवास में भाई के खिलाफ मां के दर्द भरे...

सूखा सावन

सूखा सावन

पता है, सब यही पूछ रहे हैं कि आखिर ये सावन को क्या हुआ। क्यों रूठा है, जिस आसमान को वह स्नेहल श्यामल मेघों से भर देता था, उनकी जगह धूसर मटमैले बादल क्यूं डेरा जमाए बैठे हैं। सूरज...

कल्पेश याग्निक के दुखांत से जुड़ी ‘वो’ पुलिस के लिए इतनी भी सलोनी नहीं

कल्पेश याग्निक के दुखांत से जुड़ी ‘वो’ पुलिस के लिए इतनी भी सलोनी नहीं

मीडियावाला.इन। समाज में इज्जत को मटियामेट किए जाने के कथित आडियो मैसेज से उपजे अंतहीन तनाव से मुक्ति के लिए बीस दिन पहले दैनिक भास्कर के ग्रुप एडिटर कल्पेश याग्निक ने भास्कर कार्यालय की तीसरी मंजिल से...

इमरान के न्यौते पर सिद्धू के चहकने  के मायने...!

इमरान के न्यौते पर सिद्धू के चहकने  के मायने...!

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के ताजा चुनाव के परिणाम स्वरूप अल्पमत सरकार के मुखिया के रूप में 11 अगस्त को शपथ ग्रहण करने वाले इमरान के पीएम बनने पर अगर कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा खुश नजर आ रहा है...