कॉलम / नजरिया

भाजपा के तापमान में गिरावट से चिंतित आलाकमान, फिर से टिकट की राह इतनी आसान नहीं 

भाजपा के तापमान में गिरावट से चिंतित आलाकमान, फिर से टिकट की राह इतनी आसान नहीं 

मध्यप्रदेश सहित देश के कई मौजूदा सांसदों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की संभावना कम हो गई है। इसकी मुख्य वजह है भाजपा के लिए एक एक सीट जीतने की बढ़ती जा रही चुनौती।...

राइट क्लिक चुनावी फुटबॉल : चुनावी फुटबॉल में कांग्रेस की वर्च्युअल जीत और भाजपा का गेमप्लान!

राइट क्लिक चुनावी फुटबॉल : चुनावी फुटबॉल में कांग्रेस की वर्च्युअल जीत और भाजपा का गेमप्लान!

इस बार वर्ल्ड कप फुटबॉल का चैम्पियन कौन होगा, इसको लेकर कोई दावे के साथ नहीं कह सकता, लेकिन मध्यकप्रदेश विधानसभा के आगामी चुनावों का नतीजा हाल में वायरल हुए वीडियो ने पहले ही जाहिर कर दिया है।...

उम्मीद का जिंदा रहना ही, जिंदगी का होना है, कहानी चार मकोड़ों की

उम्मीद का जिंदा रहना ही, जिंदगी का होना है, कहानी चार मकोड़ों की

वे चार मकोड़े थे। स्कूल के बाजू वाली सडक़ के किनारे पर टहल रहे थे। कोई इधर जाता, कोई उधर जाता। थोड़ी दौड़ लगाता, फिर रुक जाता। सारे लौटकर आते, एक दूसरे के मुंह सूंघते फिर अपने काम में...

बहुत शर्मनाक है शर्मा का यह प्रकरण

बहुत शर्मनाक है शर्मा का यह प्रकरण

बगीचे में महिला ने एक पुरुष से गुस्से में पूछा, क्या यह आपका लड़का है, जो मेरे कुत्ते को पत्थर मार रहा है? जवाब मिला, जी नहीं, वह मेरा भतीजा है। मेरा बेटा तो वह है, जो आपकी...

मि. फ़्रस्ट्रेटेड हिरानी, संजू में हिन्दी के लेखक की इतनी बेइज्जती ज़रूरी थी क्या ?

मि. फ़्रस्ट्रेटेड हिरानी, संजू में हिन्दी के लेखक की इतनी बेइज्जती ज़रूरी थी क्या ?

संजू फिल्म में अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है तो वह हैं पीयूष मिश्रा।  इस फिल्म के शुरुआत में ही  पीयूष मिश्रा एक छोटे से रोल में है। उनकी भूमिका हिन्दी के एक लेखक की है। वे  संजय...

ऐसे कैसे, और क्यों आ जायेगी खाद्य सुरक्षा 

ऐसे कैसे, और क्यों आ जायेगी खाद्य सुरक्षा 

सुना और पढ़ा है कि पृथ्वी पर एक इतना विशालकाय प्राणी रहता है,जो अपने आकार के कारण उसके एक अंग में क्या हो रहा है, उसे वह दूसरे अंग में महसूस नहीं कर सकता.संभव यह भी है कि किसी...

चूड़ी और हथकड़ी के बीच पंजा 

चूड़ी और हथकड़ी के बीच पंजा 

क्या ऐसा नहीं हो सकता कि कमलनाथ के किए से शिवराजसिहं चौहान खुश हो गए हों। चाटुकार अफसर और राजनीतिज्ञ चम्मच, दोनों हवा का रुख तुरंत भांप जाते हैं। शायद इन दो प्रजातियों में से किसी एक का...

कला लेखन की कंजूस फ़िक्रें

कला लेखन की कंजूस फ़िक्रें

मीडियावाला.इन। अनेक प्रतिज्ञाओं के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक आन्दोलन और मिशन के रूप में शुरू हुई भारतीय पत्रकारिता के मूल में वस्तुतः साहित्य और संस्कृति की गहरी संवेदनाएँ ही रही है लेकिन इधर आज़ादी के बाद पत्रकारिता के परिदृश्य से...

फिल्म समीक्षा : संजू

फिल्म समीक्षा : संजू

मीडियावाला.इन। संजू देखने जाते समय मेरे मन में बड़ा असमंजस था क्यूँकि संजय दत्त ना तो सचिन या धोनी जैसी कोई हस्ती है जिन पर बनी फ़िल्मे भी बमुश्किल ही चली हैं और ना फ़िल्मी दुनिया में उसे कोई...

पनामा पेपर कांड में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को सजा

पनामा पेपर कांड में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को सजा

मीडियावाला.इन। भ्रष्टाचार के आरोप में सत्ता से बेदखल किए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 25 जुलाई को होने जा रहे आम चुनाव से ठीक पहले करारा झटका लगा है। पाक की जवाबदेही अदालत के जज मोहम्मद...

नर्मदा जी का एक 'उद्गम लुप्त हो गया...!

नर्मदा जी का एक 'उद्गम लुप्त हो गया...!

स्मृति शेष - अमृतलाल वेगड़ ख्यात साहित्यकार, चित्रकार अमृतलाल वेगड़ नहीं रहे-यह शोक समाचार भारत और दुनिया के कई श्रेणियों के 'वेगड़ प्रेमियों' के लिए बड़ा आघात है. लेखन, कथा, संस्मरण, चित्रकारी से जुड़े महानुभावों के...

फिर कौन है इंदौर की बेटियों का मामा? 

फिर कौन है इंदौर की बेटियों का मामा? 

मंदसौर की गुड़िया की चिंता में सरकार दुबली हुई जा रही है, और होना भी चाहिए क्योंकि यह मामाजी की इमेज का सवाल जो है।सुरक्षा में नंबर वन आने के घुँघरु बाँध चुकी इंदौर की पुलिस तय ही नहीं...

गरीबी में हुई गीली आँखों पर भी तो सोचें

गरीबी में हुई गीली आँखों पर भी तो सोचें

पिछले दो दिनों में आयी बारिश से कई शहरी इलाक़ों में कुछ घंटों के लिए जल भराव हो गया था,या अभी भी है,व सड़कों पर बह रहे पानी से कारों और मोटर साइकल सवारों को बहुत तकलीफ हुई...

निर्लज्ज व्यवस्था, यह आत्महत्या नहीं हत्या है

निर्लज्ज व्यवस्था, यह आत्महत्या नहीं हत्या है

दलालों और चाटूकारों से घिरी पुलिस व्यवस्था एक मासूम बच्ची के दरवाजे पर दस्तक देने पर भी नहीं जागी, पूछना चाहता हूं कि उसकी मौत के बाद नींद खुली कि नहीं। मौत पर उठा बवाल एक पुलिसकर्मी को...

भारत का पलायनवादी सोच - तंत्र, कर्कश होती चुनावी आहट

भारत का पलायनवादी सोच - तंत्र, कर्कश होती चुनावी आहट

सहसा एक रात्रि विचार आया कि प्रत्येक देश का सोचने का एक सोच-तंत्र होता है। एक काल विशेष में देश की सोच को दिशा देने वाले अनेक तत्व होते हैं- जैसे दार्शनिक , वैज्ञानिक , शिक्षाविद, न्यायशास्त्री, राजनेता...

दिल्ली की 11 मौतें  - 1997 की कड़वी याद, जब  39 लोगों ने मोक्ष के नाम पर की थी आत्महत्या

दिल्ली की 11 मौतें - 1997 की कड़वी याद, जब  39 लोगों ने मोक्ष के नाम पर की थी आत्महत्या

"ऐ जिंदगी गले लगा ले, आध्यात्म और मोक्ष के नाम पर अंधविश्वास से मुक्ति दिला दें...दिल्ली के बुराड़ी में हुई मौतों ने मुझे 1997 की एक कड़वी सुबह की याद दिला दी है। " आध्यात्म या अंधविश्वास के...

सोशल मीडिया के लिए ऐसी कुछ बंदिशें जरूरी हैं

सोशल मीडिया के लिए ऐसी कुछ बंदिशें जरूरी हैं

हालांकि लोग तो उस घटना को पूरी तरह भूल चुके होंगे, लेकिन फरवरी 2017 में हुई वह घटना आज याद की जानी चाहिए। मामला कारगिल के एक शहीद की बेटी गुरमेहर कौर को सोशल मीडिया पर रेप की...

आखिर दिल्ली किसकी

आखिर दिल्ली किसकी

कहते हैं कभी दुर्योधन ने खीज मिटाने के लिए पांडवों को खांडव वन दिया था, जिसे उन्होंने इंद्रप्रस्थ बना दिया। कालांतर में वह दिल्ली बनी और वही दिल्ली हजारों वर्षों से सत्ता का केंद्र है। ईष्या और द्वेष...

इस रोष को समझिए शिवराज जी

इस रोष को समझिए शिवराज जी

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता  प्रतिपक्ष के तौर पर खड़े विक्रम वर्मा याद आ रहे हैं। देवास में कोई बड़ी दुर्घटना हुई थी। गुस्साए लोगों ने वहां के कलेक्टर और एसपी को थाने में बंद कर दिया था। तब...