साहित्य

देश विदेश से 161 लघुकथाएं पढ़ी गईं, रचनाओं का अखंड पाठ बना कीर्तिमान, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर  लघुकथा  सतत पाठ

देश विदेश से 161 लघुकथाएं पढ़ी गईं, रचनाओं का अखंड पाठ बना कीर्तिमान, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लघुकथा सतत पाठ

मीडियावाला.इन। भोपाल| साहित्य  में  व्यस्त और भागती जिंदगी के कारण छोटी रचनाएं ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं. ऐसी ही  एक विधा है लघु कथा। लघुकथा कारों को मंच देने के लिए अनेक कार्यक्रम भी हो रहे  है।...

विजय मनोहर तिवारी की नई किताब का दिल्ली में ऐलान, किताब का शीर्षक है-उफ ये मौलाना, इंडिया फाइट्स कोरोना

विजय मनोहर तिवारी की नई किताब का दिल्ली में ऐलान, किताब का शीर्षक है-उफ ये मौलाना, इंडिया फाइट्स कोरोना

मीडियावाला.इन। दिल्ली। मध्यप्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त विजय मनोहर तिवारी की नई किताब के प्रकाशन की औपचारिक घोषणा शनिवार को दिल्ली में की गई है। कोरोना काल की डायरी के रूप में यह किताब गरुड़ प्रकाशन से...

आउटडेटिड

आउटडेटिड

मीडियावाला.इन। दोपहर बीत चुकी थी! ये उनके एक नींद लेकर जागने का समय था जो अब आती ही कहाँ है! उम्र का तकाजा ही है, कमबख्त ये भी गच्चा दे देती है! किस्से सुनने के लिए उन्हें...

अरूणोदय 

अरूणोदय 

मीडियावाला.इन। यह कहानी है अबूझमाड़ (बस्‍तर ) की एक आश्रम शाला के गुरू जी शिवप्रसाद जी की । पर उनके बादे में जानने के पहले उनकी अबूजा कार्य भूमि के बारे में कुछ जान लेना उचित होगा ।  ...

डॉ.राकेश पाठक को तिलका मांझी राष्ट्रीय सम्मान

डॉ.राकेश पाठक को तिलका मांझी राष्ट्रीय सम्मान

मीडियावाला.इन। भागलपुर। वरिष्ठ साहित्यकार,पत्रकार और राष्ट्रीय तिलका मांझी सम्मान समारोह के संयोजक लतांत प्रसून ने इस वर्ष के सम्मान की घोषणा की है। वरिष्ठ पत्रकार और गांधीवादी कार्यकर्ता डॉ.राकेश पाठक(ग्वालियर) को  सम्मान की घोषणा करते हुये प्रसून...

समीक्षा 'कहाँ से कहाँ तक' :बेबाक सम्प्रेषणीयता

समीक्षा 'कहाँ से कहाँ तक' :बेबाक सम्प्रेषणीयता

मीडियावाला.इन। कविता की कसौटी पर मेरा दूसरा गजल संग्रह पास हो गया .देश के वयोवृद्ध साहित्यकार प्रो प्रकाश दीक्षित कविता की निर्मम कसौटी हैं ,मुझे संतोष है कि उन्होंने मेरे संग्रह को मनोयोग से पढ़कर अपना आशीर्वाद...

विश्व हेंडलूम दिवस :कपास की यही कहानी

विश्व हेंडलूम दिवस :कपास की यही कहानी

मीडियावाला.इन। देशभर में आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है। यह तीसरा हथकरघा दिवस है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हथकरघा उद्योग के महत्व एवं आमतौर पर देश के सामाजिक आर्थिक विकास में इसके योगदान के बारे में...

सीमा व्यास  की  चुनिन्दा  लघुकथाएँ

सीमा व्यास की चुनिन्दा लघुकथाएँ

मीडियावाला.इन।  लघुकथाएँ 1. परमानंद    एयरपोर्ट पर खड़े विमान ने कुछ दूर खड़ी बस से कहा,' मैं तो यहाँ खड़े - खड़े बोर हो गई। तुम कैसे रह लेती हो एक ही जगह ? ' 'जहाँ...

कदमताल "

कदमताल "

मीडियावाला.इन।   " मम्मा........... दादा जी को छींकें आ रही है।" छह वर्ष की पोती शिवानी आवाज लगाती दौड़कर किचेन में गई । उसे यह पता है कि सर्दी, जुकाम, खाँसी और बुखार कोराना महामारी के लक्षण...

एमपी में कांग्रेस की सत्ता जाने और भाजपा की सत्ता आने के खेल को उजागर करती बृजेश राजपूत की पुस्तक  ' वो 17 दिन ' का पोस्टर रिलीज

एमपी में कांग्रेस की सत्ता जाने और भाजपा की सत्ता आने के खेल को उजागर करती बृजेश राजपूत की पुस्तक ' वो 17 दिन ' का पोस्टर रिलीज

मीडियावाला.इन। सीहोर। हमारा इतिहास सबसे प्राचीन है, इसको कोई मिटा नहीं सका है, यूरोप, चीन और अमेरिका आदि का इतिहास मात्र दो से तीन हजार वर्ष पूर्व का है। पुस्तक एक सोच व सच्चा हमसफर है। यह इंसान की...

बिटर पिल

बिटर पिल

मीडियावाला.इन। वेन इट स्नोज इन योर नोज़ यू कैच कोल्ड इन योर ब्रेन (‘हिम जब आपके नाक में गिरती है तो ठंडक आपके दिमाग़ को जा जकड़ती है’) –ऐलन गिंज बर्ग

पिंडदान

पिंडदान

मीडियावाला.इन। बाबू जी को गुजरे पांच वर्ष हो रहे थे । रामदयाल जी हर बार सोचते कि अगले पितृ-पक्ष में  'गया-जी'  जाकर पिंडदान करेंगे, लेकिन हर बार जाना टलता जाता ।   अब फिर श्राद्ध-पक्ष आने वाला था तो...

डिप्रेशन पर केन्द्रित कहानी :आदमख़ोर

डिप्रेशन पर केन्द्रित कहानी :आदमख़ोर

मीडियावाला.इन।  अक्सर आप अपने ड्राइंग-रूम के सोफ़े या बेड-रूम के बिस्तर की सुरक्षा में बैठ कर टी.वी.पर जंगली जानवरों पर बने कार्यक्रम देख कर खुश होते हैं । ये कार्यक्रम आपको सुंदर सपनों-से लगते हैं । टी.वी. स्क्रीन...

आवाज़ें

आवाज़ें

मीडियावाला.इन।  एक दिन शाम के धुंधलके में किसी पक्षी की आवाज़ सुनाई दी। जिज्ञासा मुझे बगीचे तक खींच ले गई। यह आवाज़ आज दूसरी बार सुनने में आई थी। एक दिन पहले भी इसी वक्त यह आवाज़ आई...

मोपांसा की बेहद चर्चित कहानी: Boule de Suif

मोपांसा की बेहद चर्चित कहानी: Boule de Suif

मीडियावाला.इन। कालजयी साहित्य कुछ कहानियाँ अपने विश्लेषण , विषय और सूक्ष्मता की बदौलत काल के दायरे से बाहर निकल जाती हैं लिहाजा कई पीढियां उन्हें पढ़ती , सोचती और चकित होती रहती हैं | स्त्री विषयों...

बस इतना कह देना  कि , हम भी इंसान हैं:देखिये विडिओ

बस इतना कह देना कि , हम भी इंसान हैं:देखिये विडिओ

मीडियावाला.इन। मेरी कविता समर्पित है ख़ाकी के अमर शहीद अनिल कोहली, देवेंद्र चन्द्रवंशी, यशवंत पाल, चन्द्रकांत एवं संदीप सुर्वे जैसे मातृभूमि पर प्राण न्योछावर करने वाले कर्मवीरों, अप्रतिम साहस के साथ रक्त रंजित होने वाले सरदार हरजीत सिंह जैसे शूरवीरों...

फैसला उल्लुओं के पक्ष में

फैसला उल्लुओं के पक्ष में

मीडियावाला.इन।  एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गये! हंसिनी ने हंस को कहा कि ये किस उजड़े इलाके में आ गये हैं ?? ...