Saturday, December 14, 2019

साहित्य

'हिंदी के वर्तमान 100 बड़े रचनाकार:राही रेंकिंग-2018' की सूची--

'हिंदी के वर्तमान 100 बड़े रचनाकार:राही रेंकिंग-2018' की सूची--

मीडियावाला.इन।   कथाकार प्रबोध कुमार गोविल द्वारा प्रेषित 'हिंदी के वर्तमान 100 बड़े रचनाकार:राही रेंकिंग-2018' की सूची----------मध्यप्रदेश से भी कुछ नाम हैं ,हिन्‍दी के कई ख्‍यातनाम लेखक उस सूची में बाकायदा शामिल हैं, इसके उपरान्‍त भी हिन्‍दी के...

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया

मीडियावाला.इन। डा. स्वाति तिवारी   प्रथम दृष्टा सब कुछ अद्भुत अलौकिक असाधारण था उसके घर में। सर्वप्रथम तो जान लीजिए कि उसके घर की पारिवारिक व्यवस्था ऐसी बनी थी जिसकी ना पितृसत्तामकता थी ना मातृसत्तात्मकता। वहाँ व्यक्तिवादी सत्ता का...

ताई की बुनाई

ताई की बुनाई

मीडियावाला.इन। गेंद का पहला टप्पा मेरी कक्षा अध्यापिका ने खिलाया था| उस दिन मेरा जन्मदिन रहा| तेरहवां| कक्षा के बच्चों को मिठाई बांटने की आज्ञा लेने मैं अपनी अध्यापिका के पास गया तो वे पूछ बैठीं, “तुम्हारा स्वेटर...

डार्विन जस्टिस : बिहार, नक्सल और प्रेम कहानी

डार्विन जस्टिस : बिहार, नक्सल और प्रेम कहानी

मीडियावाला.इन। अनय और चश्मिश कौन थे? मंडल कमीशन रिपोर्ट और उसके बाद में होने वाले उपद्रवों ने कैसे उनकी छह साल से भी ज्यादा चली प्रेम कहानी का इतना भयावह अंत किया ? “भूराबाल साफ़ करो” जातीय संघर्ष में...

नशामुक्ति

नशामुक्ति

मीडियावाला.इन। एक समय था, जब मुन्ना जी  की नियमित दोस्ती थी शराब से, नशा मुक्ति अभियान का बैनर थामे अभियान की अगुवाई करते थे, तो सब लोग इस जुमले पर हंसी ठिठोली किया करते थे । यूं तो...

आज़ादी अभी अधूरी है, अटलजी की मार्मिक कविता, उन्हीं की आवाज़ में

आज़ादी अभी अधूरी है, अटलजी की मार्मिक कविता, उन्हीं की आवाज़ में

मीडियावाला.इन। 15 अगस्त, देश की आजादी का दिन, आजाद भारत में  देश की स्थिति के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से सुनिए, उनकी मार्मिक कविता, उन्हीं की आवाज़, लय और ताल में। विडियो को देखने के लिये लिंक...

हाइपरथाइरॉयडिज्म क्या है

हाइपरथाइरॉयडिज्म क्या है

मीडियावाला.इन। डॉक्टर अरविन्द जैन भोपाल  थाइरोइड रोग में ग्रंथि से स्राव अधिक या कम निकलने से रोग होता हैं .हइपरथोरॉइडिज़्म स्राव के अधिक निकलने से होता हैं .इसे एक्सोप्थाल्मिक गोइटर भी कहते हैं .सामान्यतः इसके लक्षण निम्म होते...

अब स्वतंत्रता दिवस नहीं: स्वाभिमान दिवस मनाएँ

अब स्वतंत्रता दिवस नहीं: स्वाभिमान दिवस मनाएँ

मीडियावाला.इन। संदीप सृजन हर साल 15 अगस्त आता है.... हर साल हमें यह याद दिलाया जाता है कि हम अंग्रेजों के गुलाम थे । आखिर बार-बार क्यों और कब तक हम याद करे की हमारे पूर्वज गुलाम थे । माना...

पुष्प की पीड़ा

पुष्प की पीड़ा

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष  पुष्प की अभिलाषा शीर्षक से लिखी कविता से आप भी चिरपरिचित हैं न? आपने भी मेरी तरह यह कविता पढ़ी या सुनी जरूर होगी। कई बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसी बच्चे को...

हिरोशिमा

हिरोशिमा

  मैंने   हाँथ  बढ़ाया ही था खिड़की  खोल  तुम्हे टाटा करने  मानव  दानव का फूट पड़ा  प्रकाश  पुन्ज तुम  देखते  ही देखते  वाष्पित हो गये  और मैं  जीवित  ...

खाज्या नायक जनजातीय चेतना का पहला प्रखर योद्धा

खाज्या नायक जनजातीय चेतना का पहला प्रखर योद्धा

मीडियावाला.इन। क्राँतिकारी - खाज्या नायक निमाड़ क्षेत्र के सांगली ग्राम निवासी  गुमान नायक के पुत्र थे जो सन् 1833 में पिता गुमान नायक की मृत्यु के बाद सेंधवा घाट के नायक बने थे। उस इलाके में कैप्टन मॉरिस ने विद्रोही...

गीली लकड़ी सी सुलगती अमृता की रसीदी टिकिट

गीली लकड़ी सी सुलगती अमृता की रसीदी टिकिट

मीडियावाला.इन। बुझी हुई सिगरेट में गीली लकड़ी की तरह सुलगती अमृता से मुझे प्यार है। रसीदी टिकिट से ज्यादा ईमानदारी से शायद कोई आत्मकथा आज तक लिखी ना गई होगी। आत्मकथा की भूमिका में अमृता लिखती हैं, मेरी सारी...

अधूरी ज़िंदगी का नायक ...वी एस नायपाल: विनम्र श्रद्धांजलि

अधूरी ज़िंदगी का नायक ...वी एस नायपाल: विनम्र श्रद्धांजलि

मीडियावाला.इन।  भारतीय मूल के नावेल पुरस्कार विजेता नायपाल नहीं रहे ...एक स्मरण   कुछ वर्ष पूर्व की घटना है |सुप्रसिद्ध लेखक रंगकर्मी ,अभिनेता ,विख्यात नाटक तुगलक के रचयिता गिरीश कर्नाड को मुंबई की एक संस्था द्वारा एक साहित्य...

रवीन्द्रनाथ  टैगोर की कहानी काबुलीवाला

रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानी काबुलीवाला

मीडियावाला.इन। रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के  नोबल पुरस्कार विजेता हैं।  वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। टैगोर एकमात्र कवि हैं जिनकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं – भारत का...

। विजय-पथ ।।

। विजय-पथ ।।

मीडियावाला.इन। । विजय-पथ ।। कभी लिखता हूँ, कभी बुनता हूं, अपने पसीने से माथे की लकीरें बदलता हूं कभी रूखी-सुखी खाकर, तो कभी थोड़े में गुजारा करता हूं मैं अपने हाथों की लकीरो को अपने श्रम से बदलता हूं...

कहानी: सुनो वत्स, सुनो

कहानी: सुनो वत्स, सुनो

            शुरुआत एक छोटी सी कहानी से,वत्स! एक गाँव में एक किसान का युवा पुत्र जेठ की चिलमिलाती धूप में सामान को ढोनेवाली अपनी गाड़ी ठीक कर रहा था ,उसका बूढा बाप उसे देख रहा था .आसमान आग बरसा...

मायका

मायका

मीडियावाला.इन।लघु कथा      सुशी सक्सेना         मम्मी पापा के गुजर जाने के बाद मायके जाने को दिल ही नहीं कर रहा था। एक कहावत जो सुन रखी थी कि " मां बाप से ही मायका होता है।" डरती थी...

कहानी :गिल्लू

कहानी :गिल्लू

मीडियावाला.इन।- महादेवी वर्मा सोनजुही में आज एक पीली कली लगी है। इसे देखकर अनायास ही उस छोटे जीव का स्मरण हो आया, जो इस लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठता था और फिर मेरे निकट पहुँचते ही कंधे...

कालिदास की शेषकथा के अमर गायक

कालिदास की शेषकथा के अमर गायक

आज राष्ट्रकवि डा.शिवमंगल सिंह सुमनजी की जयंती है। सुमनजी, दिनकरजी की तरह ऐसे यशस्वी कवि थे जिनकी हुंकार से राष्ट्रअभिमान की धारा फूटती थी। संसद में अटलजी ने स्वयं की कविता से ज्यादा सुमनजी की कविताएँ उद्धृत की।...