CBI Raid : दिलीप बिल्डकॉन पर छापे की प्लानिंग के पीछे कोई बड़ा राज!

ये छापा CBI की दिल्ली से भोपाल आई टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से मारा

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Bhopal : दिल्ली से आई CBI की टीम ने भोपाल समेत 6 जगह दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर छापे मारे। इस छापे के पीछे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) के अफसर को 20 लाख रुपए रिश्वत देने का मामला बताया गया है। CBI ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन, ये आसान छापा नहीं था। जिस तरह प्लानिंग की गई, अभी ये राज खुलना बाकी है।

भोपाल के अलावा नई दिल्ली, बैंगलोर, कोचीन, गुड़गांव में भी CBI ने छापे मारे। NHAI के एक अधिकारी सहित निजी कंपनी के GM, ED और चार अन्य लोग गिरफ्तार किए गए। इसमें MP के एक सीनियर IPS अधिकारी के भाई देवेंद्र जैन भी शामिल हैं, जो दिलीप बिल्डकॉन से जुड़े हैं। मारे गए छापों में करीब 4 करोड़ की नकदी भी मिली।

दिलीप बिल्डकॉन देश की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी है। MP के अलावा देशभर में इस कंपनी के कई सड़क और अन्य प्रोजेक्ट चल रहे हैं। भोपाल और इंदौर का मेट्रो प्रोजेक्ट का काम भी इसी कंपनी के पास है। इस कंपनी के बड़े होने का एक कारण BJP सरकार से नजदीकी है और ये बात किसी से छुपी भी नहीं है।

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NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी को 20 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की। बताते हैं कि ये रिश्वत दिलीप बिल्डकॉन ने दी थी। अब गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश करके आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक CBI ने जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया, उनमेें NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी अकील अहमद, दिलीप बिल्डकॉन के महाप्रबंधक (MD) रत्नाकरण साजीलाल, कार्यकारी निदेशक (ED) देवेंद्र जैन, सुनील कुमार वर्मा के अलावा एक अन्य व्यक्ति अनुज गुप्ता शामिल हैं।

ये छापा CBI की दिल्ली से भोपाल आई टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से मारा। स्थानीय पुलिस और CBI अधिकारियों को भनक भी नहीं लगने दी। बताया गया कि दिलीप बिल्डकॉन के सरकार से राजनीतिक संबंध प्रगाढ़ हैं और जरा सी भी जानकारी बाहर आने से उनके सचेत होने का खतरा था।

यह पूरा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग (National High Way) से जुड़े एक अधिकारी से लेन-देन से जुड़ा था, इसलिए CBI ने भी फूंक-फूंककर कदम रखे और बेहद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की है। CBI की कई दिनों से इस मामले पर नजर थी। बड़ी राशि का लेन-देन होने की वजह से CBI को इसमें ज्यादा दिन लगे! क्योंकि, वे सारी लिंक जोड़ना चाहते थे। पहले दिल्ली में इसे अंजाम दिया गया, फिर जांच एजेंसी ने भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन के ठिकाने पर कार्रवाई की।

देश के बड़े अमीरों में शामिल
दिलीप बिल्डकॉन के मालिक दिलीप सूर्यवंशी मध्यप्रदेश के सबसे अमीर लोगों में हैं। IIFL Wealth Hurun India Rich List 2021 की अक्टूबर में जारी रिपोर्ट में उन्हें प्रदेश का सबसे अमीर और देश में 377 रईस बताया गया था। पिछले साल वे इस लिस्ट में 353वें नंबर पर थे। दिलीप सूर्यवंशी का कारोबार कई राज्यों में फैला है। आइए बताते हैं कि दिलीप सूर्यवंशी के पास कितनी की संपत्ति है।

IIFL की लिस्ट के मुताबिक दिलीप सूर्यवंशी के पास अक्टूबर 2021 तक 4100 करोड़ की संपत्ति थी। अमीरों की सूची में दिलीप बिल्डकॉन के पार्टनर देवेंद्र जैन का भी नाम था। वे प्रदेश के एक बड़े IPS अधिकारी के भाई हैं। दिलीप बिल्डकॉन कंपनी कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम करती है। इसके कई राज्यों में High Way का काम है। MP के अधिकांश हाईवे निर्माण में इसी कंपनी की भूमिका है। कंपनी शेयर बाजार में भी रजिस्टर्ड है।

कौन है दिलीप सूर्यवंशी
मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़े दिलीप सूर्यवंशी के पिता पुलिस में थे। बार-बार के तबादलों से परेशान उनकी मां नहीं चाहती थी, कि उनका बेटा ऐसी कोई नौकरी करे। दिलीप सूर्यवंशी की पढ़ाई की शुरुआत भोपाल के शाहजहांनाबाद के बारदारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने 1979 में जबलपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढाई की।

लेकिन, बाद में कोई नौकरी न करते हुए खुद का बिजनेस शुरू किया। दिलीप सूर्यवंशी को अपना काम ज़माने के लिए काफी मेहनत करना पड़ी। बताते हैं कि एक बार उन्हें अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रखना पड़े थे। बच्चे के जन्म पर मिठाई बांटने के लिए दोस्त से 200 रुपए उधार लेना पड़े थे। दिलीप सूर्यवंशी के दो बेटे हैं, दोनों पिता के ही बिजनेस को संभाल रहे हैं। दिलीप ने 1988 में कंपनी बनाई। शुरु में छोटे-छोटे काम मिलते थे।