CBI’s Big Action: निमाड़ एग्रो पार्क से जुड़े 13.99 करोड़ के NABARD लोन घोटाले में फंसे सेंधवा के 4 चाचा भतीजे!

जिला प्रशासन ने आरोपी निकुंज तायल की “सफलता की कहानी” को सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कर प्रशंसा की थी, अब बनी चर्चा का विषय!

128

CBI’s Big Action: निमाड़ एग्रो पार्क से जुड़े 13.99 करोड़ के NABARD लोन घोटाले में फंसे सेंधवा के 4 चाचा भतीजे!

बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा के समीप स्थित निमाड़ एग्रो पार्क से जुड़े 13.99 करोड़ रुपये के NABARD लोन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की आर्थिक अपराध शाखा, कोलकाता ने बड़ा मामला दर्ज किया है। इस प्रकरण में सेंधवा के दो सगे भाइयों सहित चार रिश्तेदार व्यापारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि कुछ सरकारी मुलाजिमों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

CBI ने यह कार्रवाई NABARD भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के डिप्टी जनरल मैनेजर नंदू जे. नाइक की शिकायत पर की है। आरोपियों में निमाड़ एग्रो पार्क, ग्राम जामली (जिला बड़वानी) के पार्टनर अर्पित कुमार तायल, उसके चचेरे भाई निकुंज कुमार तायल, अंकित कुमार तायल( दोनों सगे भाई) और चाचा अशोक कुमार तायल शामिल हैं। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, ब्रीच ऑफ ट्रस्ट, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

CBI द्वारा दर्ज एफ आई आर के अनुसार, फर्म ने NABARD की फूड प्रोसेसिंग फंड (FPF) योजना के तहत ग्राम जामली में एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए ऋण लिया था। परियोजना की कुल लागत 31.04 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसमें से 10 करोड़ रुपये का अनुदान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा स्वीकृत हुआ था। शेष 7.05 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी साझेदारों को लगानी थी, जबकि 13.99 करोड़ रुपये का टर्म लोन NABARD द्वारा 2020–21 में पांच किश्तों में जारी किया गया।

CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऋण मिलने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं की गई और संबंधित कंपनियों व व्यक्तियों के जरिए राशि का दुरुपयोग व डायवर्जन किया गया। आरोप है कि आगे की किश्तें निकलवाने के लिए फर्जी समझौते किए गए। इससे NABARD को 12.99 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ, जबकि ब्याज सहित कुल नुकसान लगभग 4.06 करोड़ रुपये अतिरिक्त बताया गया है।

परियोजना की व्यावसायिक शुरुआत की तारीख को कई बार बदला गया, लेकिन काम अधूरा ही रहा। अंततः 29 सितंबर 2024 को लोन खाता एनपीए घोषित कर दिया गया।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस मामले में चार्टेड अकाउंटेंट, स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स और एम्पैनल्ड वैल्यूअर्स की भूमिका फिलहाल स्पष्ट नहीं है, वहीं NABARD के अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही की भी जांच की जा रही है।

NABARD भोपाल के अधिकारी इस सम्बंध में फिलहाल कुछ कहने से बच रहे हैं , इससे उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।

इस मामले में एक चौंकाने वाला पहलू यह भी है कि कुछ दिन पहले ही बड़वानी जिला कलेक्टर कार्यालय ने आरोपी निकुंज तायल की “सफलता कहानी” को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कर प्रशंसा की थी, जो अब चर्चा का विषय बन गयी है। इसका सीधा मायने यह है कि CBI की कार्रवाई के बारे में जिला प्रशासन को जानकारी नहीं थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह पुलिस व अधिकारियों की टीम तायल बन्धुओं के घर व संस्थानों पर पहुंची है।