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समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा कि लापरवाही और भ्रष्ट आचरण के लिए कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। संभागायुक्त के अलावा कलेक्टर दमोह एस.कृष्ण चैतन्य ने बताया कि गड़बड़ी की शिकायतों पर आठ ग्रामीण रोजगार सहायकों की सेवा समाप्त की है और पांच पंचायत सचिवों को निलंबित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रेष्ठ काम करने वाले पुरस्कृत किए जाएंगे।
जिलों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना से काम करें। अच्छा काम करने वाले अभिनंदनीय हैं। गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध सख्त कदम भी उठाए जाएंगे। अवैध कामों में लिप्त व्यक्तियों पर प्रहार आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नशे के अवैध कारोबार को ध्वस्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों में नशे की लत लगाने वालों के विरुद्ध से सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज की जरूरत है। सरकार ने जनता को पर्याप्त बिजली देने के लिए 24 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। नागरिक जिस बिजली के सौ रुपये देते हैं, उस पर सरकार एक हजार रुपये खर्च करती है। जिले में कलेक्टर और संभाग में आयुक्त बिजली प्रदाय से जुड़ी शिकायतें दूर कराएं। रबी फसल की बोवनी के समय भी किसानों को बिना बाधा बिजली आपूर्ति हो। अवैध कनेक्शन के मामलों में सख्त कार्रवाई हो। सभी संधारण और बिल राशि की वसूली की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना में लेन-देन की शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान, सड़क में गोवंश घूमने, सीएम हेल्प लाइन में दर्ज प्रकरण, स्व-सहायता समूहों के संचालन, लाड़ली लक्ष्मी योजना, एक जिला-एक उत्पाद योजना, सीएम राइज स्कूल, शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार, सड़कों की स्थिति सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की।