पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद जारी आदेश में अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए सौम्या चौरसिया को राहत दी। लंबे समय से जेल में रहने के बाद यह फैसला उनके लिए अहम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा की गई कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से दायर याचिकाओं में जांच प्रक्रिया और गिरफ्तारी को लेकर कानूनी सवाल उठाए गए थे।
वहीं जांच एजेंसियों की ओर से अदालत में मामले की गंभीरता और जांच से जुड़े तथ्यों को रखा गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत के आदेश के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तय शर्तों के अनुसार चलेगी।
शराब घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थीं। इस दौरान उनकी जमानत को लेकर कई बार कानूनी प्रयास किए गए। हाईकोर्ट का ताजा फैसला इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।