Chandrayaan-3 : चंद्रयान के तीसरे चरण के लिए उलटी गिनती शुरू, 2.35 पर प्रक्षेपण! 

तीसरे चंद्र मिशन का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग!’

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Chandrayaan-3 : चंद्रयान के तीसरे चरण के लिए उलटी गिनती शुरू, 2.35 पर प्रक्षेपण! 

    Sriharikota : भारत के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हो गई। चंद्रयान-3 आज शुक्रवार को श्रीहरिकोटा स्थित केंद्र से लॉन्च होगा। ये चंद्रमिशन साल 2019 के चंद्रयान-2 का अगला चरण है। इसरो ने गुरुवार (13 जुलाई) को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एलवीएम3एम4-चंद्रयान-3 मिशन शुक्रवार को 14.35 बजे (अपराह्न दो बजकर 35 मिनट) पर किए जाने वाले प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हो गई है।

भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का है। ‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ पथ विचलन के चलते ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था। इसरो के महत्वाकांक्षी चंद्रयान प्रोजेक्ट को एलवीएम3एम4 रॉकेट शुक्रवार को लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। इस रॉकेट को पूर्व में जीएसएलवी एमके-3 कहा जाता था। भारी उपकरण ले जाने की इसकी क्षमता के कारण अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसे ‘फैट बॉय’ भी कहते हैं।

यदि इस बार मिशन में सफलता मिलती है, तो भारत ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि ‘चंद्रयान-3’ कार्यक्रम के तहत इसरो अपने चंद्र मॉड्यूल की मदद से चंद्र सतह पर ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ और चंद्र भूभाग पर रोवर के घूमने का प्रदर्शन करके नई सीमाएं पार करने जा रहा है।

चंद्रयान-3 मिशन में एक स्वदेशी प्रणोदन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और एक रोवर शामिल है, जिसका मकसद अंतर-ग्रहीय अभियानों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और प्रदर्शित करना है। शुक्रवार का मिशन एलवीएम 3 की चौथी अभियान गत उड़ान है जिसका उद्देश्य ‘चंद्रयान-3’ को भू-समकालिक कक्षा में प्रक्षेपित करना है। मंगलवार (11 जुलाई) को प्रक्षेपण की तैयारी और प्रक्रिया को देखने के लिए श्रीहरिकोटा में ‘प्रक्षेपण अभ्यास’ हुआ जो 24 घंटे से अधिक समय तक चला। अगले दिन, वैज्ञानिकों ने मिशन तैयारी से संबंधित समीक्षा पूरी कर ली