
मुख्यमंत्री डॉ यादव 27 फरवरी को अलीराजपुर में, आजाद स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, भगोरिया मेले में लेंगे भाग
कलेक्टर एसपी ने सीएम के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर स्थल निरीक्षण किया
ALIRAJPUR: 27 फरवरी को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर अलीराजपुर जिले में विशेष गतिविधि देखने को मिलेगी। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) पहुंचकर आजाद स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
मुख्यमंत्री शहीद की जन्मस्थली पर नमन कर सभा को संबोधित भी कर सकते हैं। संभावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा, यातायात, हेलिपैड, मंच, पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट को लेकर संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
● संयुक्त टीम ने किया कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण
कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया तथा जिला पंचायत सीईओ संघमित्रा गौतम ने हेलिपैड सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आजाद कुटिया, सभा स्थल, पार्किंग क्षेत्र, यातायात मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। हेलिपैड से सभा स्थल तक के पूरे मार्ग को भी चिह्नित कर आवश्यक सुधार कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

● उदयगढ़ में भगोरिया मेला स्थल का भी निरीक्षण
जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने उदयगढ़ पहुंचकर प्रस्तावित भगोरिया मेला स्थल का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ तथा एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा घेरा, यातायात मार्ग, पार्किंग व्यवस्था और आमजन के प्रवेश-निकास मार्गों का जायजा लिया। अधिकारियों ने संभावित भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
● आमजन की सुविधा पर विशेष जोर
प्रशासन ने बैठक व्यवस्था, बिजली, पेयजल, वैकल्पिक पार्किंग, अस्थायी चलित अस्पताल और आपात सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

● श्रद्धांजलि के बाद भगोरिया मेले में सहभागिता
आंचल में 25 फरवरी से क्षेत्र के प्रमुख लोक पर्व का शुरू होजाएंगे। 27 फरवरी को उदयगढ़ का भगोरिया मेला है।संभावना है कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से उदयगढ़ पहुंचकर पारंपरिक भगोरिया मेले में शामिल हो सकते हैं। उदयगढ़ में उस दिन लोक पर्व भगोरिया मेले का तीसरा दिन होगा। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए मेला स्थल सड़क किनारे खाली खेतों में तैयार किया जा रहा है तथा सुरक्षा घेरा, प्रवेश मार्ग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
● जोबट विधानसभा पर राजनीतिक नजर
जोबट विधानसभा क्षेत्र को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री का सीधा जनसंपर्क भविष्य की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा के बाद कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे सांस्कृतिक सहभागिता के साथ राजनीतिक संदेश भी दिया जा सके।

● राजनीतिक स्तर पर भी तैयारी तेज, बैठक आयोजित
मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी व्यापक तैयारी की जा रही है। विधानसभा नेता विशाल रावत के नेतृत्व में जनपद सभा कक्ष में बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत सदस्य मांगीलाल चौहान, जिला महामंत्री राजू मुवेल, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र गुजराती, कमरू भाई अजनार, जनपद अध्यक्ष, समस्त सदस्य, क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, स्वागत व्यवस्था और जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
● लोक परंपरा के साथ भव्य स्वागत की तैयारी
बैठक में तय किया गया कि लोकपर्व भगोरिया, जिसे राजकीय पर्व का दर्जा प्राप्त है, उसके अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक आदिवासी शैली में भव्य रूप से किया जाएगा। आसपास के क्षेत्रों से लगभग 200 ढोल-मांडल दल, लोक नृत्य मंडलियां और सांस्कृतिक समूहों की सहभागिता को लेकर भी विमर्श हुआ। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए आयोजन को सफल बनाने की रणनीति तय की गई।
● प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और यातायात विभाग को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और व्यवस्थित रखने के साथ ही यातायात संचालन सुचारु बनाए रखने की योजना तैयार की है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
● कार्यक्रम लगभग तय, अंतिम पुष्टि शेष
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि समय और कुछ स्थलों की औपचारिक प्रशासनिक पुष्टि अभी बाकी है। इसके बावजूद सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। 27 फरवरी को एक ओर शहीद के बलिदान को नमन होगा, वहीं दूसरी ओर भगोरिया मेले में आदिवासी परंपरा, जनभागीदारी और राजनीतिक सक्रियता का अनोखा संगम देखने को मिल सकता है।





