
चित्रकूट, ओरछा, राम और दीपावली का पर्व…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
भगवान राम का अयोध्या आगमन और दीपावली का पर्व एक-दूसरे के पूरक हैं। तो वनवासी राम और चित्रकूट का संबंध भी उनके जीवन का अभिन्नतम हिस्सा है। तो राजाराम और ओरछा का संबंध भी अनूठा है। यानि राजा के रूप में राम पूरा दिन ओरछा में बिताते हैं और सोने के लिए ही रात में अयोध्या जाते हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश और भगवान राम का संबंध पूर्णता का है। और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के चित्रकूट और ओरछा में हो रहे काम हर सनातनी को संतुष्टि प्रदान करने वाले हैं।
दीपावली के एक दिन पहले चित्रकूट पहुंचकर डॉ. मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि चित्रकूट का विकास प्राकृतिक सौन्दर्य और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। चित्रकूट में 2800 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएँगे। चित्रकूट का विकास सभी संतों, प्रबुद्धजनों एवं आमजन के सुझावों पर आधारित होगा।
चित्रकूट में बड़े निर्माण कार्यों की आवश्यकता नहीं है। निर्माण कार्य इस प्रकार किए जाएंगे कि मंदाकिनी नदी निर्मल और अविरल रहे, भगवान कामतानाथ के दर्शन सहजता से हो सकें और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद आसानी से मिल सके। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण, रिंग रोड का सौंदर्यीकरण और धार्मिक स्थलों के विकास के कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को चित्रकूट के आरोग्यम में प्रबुद्धजनों के साथ चित्रकूट के विकास पर चर्चा करते हुए यह बात कही। तो उन्होंने आभार प्रकट किया कि चित्रकूट में 163 स्थानों पर लोगों ने स्वेच्छा से अपने भवन ध्वस्त कर विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे को बढ़ावा देकर ग्रामीण पर्यटन के विकास के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। कार्ययोजना में नगर वन का निर्माण, घाटों का निर्माण, सड़कों का विकास, सौंदर्यीकरण, मंदाकिनी नदी की सफाई और घाट निर्माण रिंग रोड का विकास जैसे कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा प्रकाशित श्री राम राजा सरकार की जीवनी ‘रामचंद्र’ पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट भ्रमण के दौरान आरोग्य धाम स्थित माँ मंदाकिनी के पंचवटी घाट पर दीपावली मेले के अवसर पर दीप प्रज्वलित कर क्षेत्रवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन संस्कृति फल-फूल रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारें मिलकर चित्रकूट के आध्यात्मिक, पर्यटन और श्रद्धालु सुविधाओं के विकास के लिए काम कर रही हैं। आने वाले समय में चित्रकूट का गौरव और सम्मान और भी बढ़ेगा।
वहीं दीपावली पर्व के ठीक पहले 15 अक्टूबर 2025 को ओरछा पहुंच कर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भरोसा दिलाया कि ओरछा में दिव्य और भव्य श्रीराम राजा का लोक निर्माण होगा।
ओरछा में 239 करोड़ रुपये से अधिक लागत के अनेक निर्माण कार्य चल रहे हैं। भगवान श्री राम अपना दिन ओरछा में बिताते हैं, वे केवल शयन अयोध्या में करते हैं। मुख्यमंत्री ने 332.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्री राम का नाम ही पर्याप्त है। यथा नाम और गुण। अपने गुणों से, अपने आचरण से, अपने पतिव्रत धर्म से और प्रजापालक बनकर राम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बने। ओरछावासी बहुत भाग्यशाली हैं कि भगवान श्री राम ने ओरछा को अपने दरबार के लिए चुना। ओरछावासियों को प्रतिदिन अवधपति श्री राम राजा सरकार के दरबार में आने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने श्री राम राजा लोक में द्वितीय चरण के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अयोध्या और ओरछा का 500 साल से भी अधिक पुराना रिश्ता है। ओरछा के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश, जो भगवान श्रीराम की भक्त थीं, 16वीं शताब्दी में भगवान श्रीराम को अयोध्या से ओरछा लेकर आई थीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम राजा लोक के प्रथम चरण में लगभग 5.50 करोड़ की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानों और प्लाजा का आज लोकार्पण हो रहा है। इन विकास कार्यों से ओरछा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं में और वृद्धि होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरछा में श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दोनों चरणों सहित सात विभिन्न प्रकार की विकास परियोजनाओं पर 239 करोड़ रुपये से अधिक लागत के अनेक निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। ये सभी कार्य श्रीराम राजा सरकार के चरणों में समर्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा ओरछा में पर्यटन अधोसंरचना एवं सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत पर्यटक अनुभव केंद्र, हुनरशाला, प्रवेश द्वार के साथ ही यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। ओरछा को यूनेस्को और एच.यू.एल. (ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य) पहल के तहत चुना गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2027-28 में ओरछा को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता देने के लिए यूनेस्को से अनुशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा सहित अंचल में सांस्कृतिक, धार्मिक पुनर्जागरण और पर्यटन विकास के उद्देश्य से 18 प्रकार के लोक निर्मित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन आस्था और धार्मिक महत्व के क्षेत्रों को पवित्र बनाए रखने के लिए हमने ओरछा सहित अंचल के सभी धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के अंतर्गत 6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से ओरछा रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या पहुँचे, उसी प्रकार सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को ओरछा के भी अविस्मरणीय दर्शन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि ओरछा की मूलभूत सुविधाएँ, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और यहाँ की पर्यटन व्यवस्था इतनी सुदृढ़ होगी कि ओरछा, क्षेत्र के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ पर्यटन का भी एक प्रमुख केन्द्र बन जाएगा।
तो भगवान राम से जुड़े दोनों स्थान चित्रकूट और ओरछा में दीपावली पर्व के पहले विकास कार्यों की यह सौगात सनातन धर्म के हर अनुयायी के मन में प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति अच्छा भाव लाती है। निश्चित तौर पर जब भगवान राम का जिक्र होगा, तब यह दोनों स्थान भी हमेशा याद किए जाएंगे। धार्मिक पर्यटन के रूप में भी इनके महत्व की महिमा को कम करके नहीं आंका जा सकता। चित्रकूट, ओरछा, भगवान राम और दीपावली का पर्व हर आस्थावान श्रद्धालु की संतुष्टि का केंद्र हैं और उम्मीद है कि यह धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में जल्दी ही दुनिया के मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर अंकित होंगे…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





