झाबुआ जिले में स्वच्छ जल अभियान: नागरिक और प्रशासन की सतर्कता बढ़ी

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झाबुआ जिले में स्वच्छ जल अभियान: नागरिक और प्रशासन की सतर्कता बढ़ी

▪️राजेंद्र शर्मा▪️

थांदला-झाबुआ: इंदौर भागीरथपुरा हादसे के बाद पूरे झाबुआ जिले में स्वच्छ और सुरक्षित जल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और नागरिक मिलकर सक्रियता दिखा रहे हैं। जिले के विभिन्न नगर पंचायत, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों ने जल प्रदाय नेटवर्क की गुणवत्ता और सुरक्षा पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इस दिशा में थांदला नगर परिषद की हाल की पहल उदाहरण प्रस्तुत करती है।

🔸थांदला का मॉडल

कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में थांदला के वार्ड 01, 02, 03 और 04 में नगरीय जल प्रदाय योजनाओं के तहत पेयजल की गुणवत्ता की जांच की गई। फील्ड टेस्ट किट से कुल 60 सैंपल लिए गए और फ्री क्लोरीन, पी.एच., क्लोराइड, फ्लोराइड जैसे सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर मानक स्तर पर सुरक्षित पाए गए।

इस पहल के दौरान नागरिकों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया गया कि-

▪️नल पाइप को खुली नाली में न छोड़ें

▪️पानी भरने के बाद नल की टोटी अच्छी तरह बंद करें

▪️गंदा पानी मिलने पर तुरंत नगर परिषद के वाल मैन, पंप अटेंडेंट, उपयंत्री और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सूचित करें।

🔸सभी विभागों की संयुक्त भूमिका

जिले में जल सुरक्षा अभियान में सभी विभाग सक्रिय हैं।

▪️राजस्व विभाग ने ग्रामवार और वार्डवार जल आपूर्ति का डेटा अपडेट किया।

▪️स्वास्थ्य यांत्रिकी और स्वास्थ्य विभाग ने जल शुद्धता की नियमित फील्ड जांच की।

▪️ग्राम पंचायत और नगर पंचायत ने जल स्रोतों की सफाई और पाइपलाइन की निगरानी सुनिश्चित की।

▪️नगर परिषद ने नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और नागरिक संवाद में भूमिका निभाई।

▪️वाल मैन और पंप अटेंडेंट ने फील्ड पर जल संचालन और निगरानी पूरी सक्रियता से की।

▪️उपयंत्री और मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अभियान का समग्र निर्देशन और रिपोर्टिंग सुनिश्चित की।

🔸नागरिक सतर्कता बढ़ी

इंदौर के भागीरथपुरा हादसे के बाद पूरे जिले में नागरिक अधिक सतर्क हो गए हैं। लोग अपने घरों और मोहल्लों में जल शुद्धता और स्वच्छता पर ध्यान दे रहे हैं। ग्राम और नगर पंचायतों के सहयोग से नागरिक बैठकें और जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आम जनता ने यह सुनिश्चित किया कि गंदा पानी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, जिससे जलजनित रोगों का खतरा कम किया जा सके।

🔸जिले में व्यापक सक्रियता

थांदला की पहल के साथ ही पूरे जिले में जिले में समान प्रयास बढ़ रहे हैं। नगर पंचायत और ग्राम पंचायत नियमित सैंपलिंग, पाइपलाइन निरीक्षण और जल स्रोतों की सफाई सुनिश्चित कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर फील्ड और लैब टेस्ट कर रहा है, जबकि राजस्व विभाग पूरे जिले में जल वितरण और आपूर्ति डेटा अपडेट करता है।

कलेक्टर नेहा मीना ने निर्देश दिए हैं कि पूरे जिले में जल सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहे और सभी विभाग अपनी रिपोर्टिंग नियमित रूप से दें। प्रशासन और नागरिकों के इस समन्वित प्रयास ने झाबुआ जिले में जल सुरक्षा के प्रति सशक्त और सतर्क वातावरण तैयार कर दिया है।

स्वच्छ जल अभियान ने यह प्रदर्शित किया है कि न केवल प्रशासन बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना जल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। थांदला मॉडल जिले के लिए प्रेरणा बन गया है, और इसे पूरे झाबुआ जिले में लागू किया जा रहा है।