
CM Helpline Datia again first in the state: सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और कलेक्टर के मजबूत नेतृत्व का परिणाम
DATIA: दतिया जिले ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रभावी क्रियान्वयन में एक बार फिर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की मिसाल पेश की है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, कार्यप्रणाली पारदर्शी हो और टीम पूरी प्रतिबद्धता से काम करे, तो शासन सीधे जनता के भरोसे से जुड़ जाता है।
▪️7147 शिकायतें, 6426 का संतोषजनक निराकरण
जिले में दर्ज कुल 7147 शिकायतों में से 6426 शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण किया गया। यह सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों के विश्वास, प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशील दृष्टिकोण की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
▪️चार माह से लगातार प्रदेश में शीर्ष स्थान
गौरतलब है कि दतिया जिला विगत चार महीनों से लगातार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। यह निरंतरता बताती है कि जिले में शिकायत निवारण को अभियान की तरह नहीं, बल्कि नियमित प्रशासनिक संस्कृति के रूप में अपनाया गया है।
▪️कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का सशक्त नेतृत्व
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व प्रमुख रूप से सामने आया है। कलेक्टर वानखड़े ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही ‘समस्या का स्थायी समाधान’ को प्राथमिकता दी। वे न केवल फाइलों के स्तर पर, बल्कि फील्ड में जाकर भी शिकायतों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करते रहे हैं।
▪️जनसंवाद और त्वरित निर्णय पर विशेष फोकस
कलेक्टर वानखड़े की कार्यशैली की खास बात यह रही कि उन्होंने जनसुनवाई को औपचारिकता नहीं, बल्कि समाधान का प्रभावी मंच बनाया। प्रत्येक शिकायत पर व्यक्तिगत मॉनिटरिंग, विभागीय अधिकारियों से नियमित समीक्षा बैठक और समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
▪️टीमवर्क और विभागीय समन्वय की मिसाल
इस सफलता में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, खाद्य विभाग सहित सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। कलेक्टर के मार्गदर्शन में विभागों के बीच बेहतर समन्वय, फील्ड मॉनिटरिंग और निरंतर फॉलोअप से शिकायतों के दोहराव पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ।
▪️प्रशासनिक संवेदनशीलता बनी पहचान
दतिया प्रशासन की पहचान अब एक संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन के रूप में बन रही है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिक मानदंड बनाकर काम करना, जिले की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बन चुका है।
▪️पूरे जिले के लिए प्रेरणा
दतिया जिले की यह उपलब्धि न केवल प्रशासन के लिए, बल्कि पूरे जिले के नागरिकों के लिए गर्व और विश्वास का विषय है। यह सफलता दिखाती है कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से स्थापित होता है।





