
आयुक्त की VC से बिना सूचना गायब CMHO बहाल
भोपाल: भिंड जिला अस्पताल के आईसीयू में चूहों के घूमने का वीडियो वाइरल होंने, स्वास्थ्य आयुक्त की वीडियो कांफ्रेसिंग में बिना सूचना गायब रहने और आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान न होंने पर बजट की कमी का हवाला देने वाले भिंड के प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ आरएन राजोरिया का निलंबन समाप्त कर स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें बहाल कर दिया है।
स्वास्थ्य आयुक्त ने 19 सितंबर 2025 को डॉ राजोरिया को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश में उन्होंने लिखा था कि 18 सितंबर को आयुक्त की अध्यक्षता में हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में बिना किसी पूर्व सूचना और बिना अनुमति अनुपस्थित रहकर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अव्हेलना की । साथ ही भिंड जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान न कराने का आरोप भी लगाया गया था।
भिंड जिला अस्पताल के आईसीयू में चूहे घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल होंने पर अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। आरोप पत्र में कहा गया था कि एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के बावजूद आईसीयू में साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा गया।
राजोरिया ने अपने निलंबन के खिलाफ ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि 18 सितंबर को वे स्वीकृत अवकाश पर थे इसलिए वीसी में शामिल नहीं हुए। कोर्ट ने कलेक्टर भिंड से जवाब मांगा तो कलेक्टर ने बताया कि 18 सितंबर को उनका कोई अवकाश स्वीकृत नहीं था और निलंबन आदेश जारी होंने पर उनका आवेदन आया। कोर्ट में गलत जानकारी देने वाली याचिका उनके वकील ने बाद में वापस ले ली थी।
अब आरोप पत्र पर राजोरिया के जवाब के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें बहाल कर दिया है।जबकि कोर्ट में कलेक्टर यह खुद स्पष्ट कर चुके है कि अवकाश स्वीकृत नहीं था ऐसे में उनकी बहाली पर सवाल खड़े किए जा रहे है।





