
Collector’s Attitude : किसानों के साथ रतलाम कलेक्टर से मिलने पहुंचे विधायक चिंतामणि मालवीय को करना पड़ा आधे घंटे इंतजार, बैठे रहे सीढ़ियों पर!
मीडियावाला के ब्यूरोचीफ रमेश सोनी की खास खबर!
Ratlam : भाजपा शासन और भाजपा के ही जनप्रतिनिधियों को कलेक्टर से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़े, उनकी अवहेलना हो,यह तो बड़ा ही दुखद और शर्मनाक है। किसी भी राजनीतिक दल के सत्ता पक्ष के कार्यकाल में विपक्षी दलों के नेताओं को तो अधिकारियों के कार्यालय पर इंतजार करते देखा जाता रहा हैं लेकिन यहां तो सत्ता में बैठे नेताओं को कलेक्टर से मिलना दूभर हो रहा है।
इसे कलेक्टर का एटिट्यूड समझे या भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता का वरदहस्त?? खेर जो भी हो पिछले 2 सप्ताह में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह से मुलाकात करने के जो 2 वाकये सामने आएं उससे ऐसा लगता हैं कि सामान्य व्यक्ति तो कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रख ही नहीं सकता या इसे यूं समझे कि कलेक्टर को जिस किसी का भी वरदहस्त प्राप्त हो उसी वजह से वे जनप्रतिनिधियों की अवहेलना करती हैं।
आज से तकरीबन 2 सप्ताह पहले जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई भी अपने पति शंभुलाल चंद्रवंशी के साथ कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंची थी और घंटों कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठने के बाद उन दोनों की अवहेलना करते हुए शाम को कलेक्टर अपने ऑफिस से निकलकर अपनी कार में में बैठकर घर चली गई थी। इसके बाद आज दोपहर को फिर वही नजारा कलेक्ट्रेट में देखने को मिला जिसमें आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय कलेक्टर से अपने क्षेत्र के किसानों को साथ उनकी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे जहां उन्हें कलेक्टर से मिलने के इंतजार में उन्हें आधे घंटे जमीन पर बैठना पड़ा था। जिसके बाद कलेक्टर ने आकर ज्ञापन लिया था।
बता दें कि विधायक ने ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर से आकर चर्चा की मांग की, लेकिन समर्थक नाराज हो गए। इसके बाद करीब आधे घंटे तक विधायक जमीन पर बैठे रहें थे। इसके बाद कलेक्टर बाहर आई और ज्ञापन लिया। जिले में इसके पहले कलेक्टर से नाराज होकर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति ने भी कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर ही धरना दिया था। इसके बाद शनिवार को विधायक को ही आधे घंटे तक बाहर बैठना पड़ा???





