यह समय आत्म चिंतन और आत्म विश्लेषण का है!

यह समय आत्म चिंतन और आत्म विश्लेषण का है!

मीडियावाला.इन। 

कहते हैं कि हर संकट कुछ सीखने और करने का अवसर भी देता है. यह समय आत्म चिंतन और आत्म विश्लेषण का भी एक मौका होता है. वर्तमान में दुनिया एक विकट परिस्थिति और संकट से जूझ रही है. यह समय कोरोना महामारी के कारण अत्यंत कष्टदायक व संकट भरा है. विगत दो माह से तालाबंदी होने के कारण पूरा विश्व स्थिर सा हो गया है, जिससे सभी प्रकार की गतिविधियां ठप हो चुकी हैं. मानव समाज के जीवन काल में ऐसा भयावह समय कभी नहीं आया. इन सब नकारात्मकता के बीच में हम बहुत से सकारात्मक पहलूओं को निकाल सकते हैं. विगत दिनों से लोग घरों में बंद हैं, जो घर में है उसी से जीवन गुजार रहे हैं, इस बात ने यह संकेत भी दिए हैं कि हम आवश्यकता से कहीं अधिक अनावश्यक चीजें, पसंद और व्यसन पाल लेते हैं जिनके ना होने पर भी जिया जा सकता है.

ऐसी ही भयावह बीमारी नशा व्यसन है जिससे लगभग हर पांचवा व्यक्ति पीड़ित है. नशा, चाहे वह शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी या अन्य किसी और प्रकार का हो, लोग व्यसन के शिकार हैं. सकारात्मकता यह है कि जिनको किसी प्रकार के नशे की लत, व्यसन है और उन्होंने दो महीने बिना नशे, व्यसन के बिताए हैं तो वे अब अपने मजबूत दृढ़निश्चय व आत्म नियंत्रण से आगे भी इसे जारी रख जीवन भर के लिए नशा मुक्त हो सकते हैं. कहते हैं कि इन नशीली वस्तुओं का त्याग कर आप अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं.

माना जाता है कि अगर कोई काम 21 दिनों तक सतत किया जाए तो वह आदत बन जाती है. अनुभव किया है कि मजबूत संकल्प शक्ति व दृढ़निश्चय से आप हर कार्य पूर्ण कर सकते हैं. इसमें उनके मित्र, परिवारजन, सगे संबंधी, साथी को भी सहायता करना चाहिए. अब तक जो नुकसान हुआ सो हुआ, पर वर्तमान बुरे समय से इस अच्छाई को निकाल कर उदाहरण बन सकते हैं. लोग नशे से दूर रहें, सादा जीवन, घर का भोजन और सेवा भाव से जीवन मूल्यों को बचा रहे हैं, एक बार फिर सनातन जीवन पद्धति को अपना रहे हैं. कुछ और भी कर सकते हैं जैसे हम सब भी आध्यात्मिक पुस्तकें, आध्यात्मिक काव्य, धार्मिक ग्रंथ, ज्ञानवर्धक पुस्तक पढ़ व धार्मिक सीरियल, फिल्म देख कर तथा वर्तमान में मानव सेवा कर अपने इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं.

RB

 

 

0 comments      

Add Comment


अजेन्द्र त्रिवेदी

स्वतंत्र पत्रकार है ,.समसामयिक विषयों पर लेखन .उज्जैन में निवास.