मध्यप्रदेश में क्या कुछ पक रहा है? बीजेपी नेताओं के मेलमिलाप के क्या है सियासी मायने?

मध्यप्रदेश में क्या कुछ पक रहा है? बीजेपी नेताओं के मेलमिलाप के क्या है सियासी मायने?

मीडियावाला.इन।

क्या मध्यप्रदेश में राजनीतिक गलियारों में कुछ पक रहा है? अगर पिछले एक सप्ताह की राजनीतिक हलचलों को देखा जाए तो शिवराज को छोड़कर बीजेपी के वरिष्ठ नेता रोज एक दूसरे से मिल रहे हैं। न सिर्फ मिल रहे हैं वरन एक एक घंटे तक बंद कमरे में दो नेता आपस में ऐसी क्या बात कर रहे हैं कि जो वे सार्वजनिक नहीं करना चाहते?

चलिए बात की शुरुआत करते हैं भाजपा के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय से। कैलाश जी पिछले लगभग 6 महीने से पश्चिमी बंगाल के चुनाव में ऐसे व्यस्त रहे कि वह मध्य प्रदेश की तरफ देख नहीं पाए। अब जैसे ही वे फ्री हुए हैं मध्य प्रदेश की राजनीति में फिर से सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। दो-तीन दिन पहले वे राजधानी भोपाल में दो-तीन दिन तक रहे और इस दौरान उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा से लंबी मुलाकात की। कैलाश जी इस दौरान अपने पुराने मित्रों से भी मिले। पत्रकारों और नेताओं के निवास पर भी गए, जिनके यहां हाल ही में गमी हुई थी।

साथ ही उन्होंने कई और लोगों से मुलाकात की। अगले दिन उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ डिनर किया। इसी दौरान प्रदेश के प्रभारी शिव प्रकाश भी भोपाल दौरे पर आए और उन्होंने नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। इधर कल भोपाल में बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रभात झा नरोत्तम मिश्रा से मिले।

प्रदेश में एक और महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम की बड़ी चर्चा है। प्रदेश के दो ब्राह्मण नेता नरोत्तम मिश्रा और वीडी शर्मा की मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष वीडी शर्मा से कल गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मिलने बीजेपी कार्यालय पहुंचे और आज सुबह नरोत्तम मिश्रा से मिलने वीडी शर्मा उनके चार इमली स्थित निवास पर पहुंचे। अगर राजनीतिक दृष्टि से सोचा जाए तो ये दोनों ब्राह्मण नेता राजनीतिक धरातल पर एक दूसरे के विरोधी माने जाते हैं, लेकिन इनके बीच लगातार एक घंटे तक अकेले में चर्चा होना, कई नई शंकाओं को जन्म देता है। आखिर लगातार ऐसा क्या हो गया कि दोनों नेताओं को एक घंटे बंद कमरे में चर्चा करना पड़े। बहरहाल, सारे घटना क्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया का मौन बैठे रहना, समझ के परे है या तो उनकी प्रधानमंत्री से बात हो गई है और माना जा रहा है कि अगले केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें शामिल किया जा रहा है या वे अभी मौन साधे हुए हैं और वक्त का इंतजार कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश की एक और धाकड़ नेता उमा  भारती भी इन दिनों कुछ अलग थलग दिखाई दे रही हैं। लगता है वे भी वक्त का इंतजार कर रही है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अपनी अलग पहचान स्थापित हो चुकी है। ऐसा लगता है कि वे इन पचड़ों से दूर दिखाई देते हैं। माना जा रहा है कि वह इन सब मामलों में प्रधानमंत्री और अमित शाह के इशारे पर ही काम करते हैं।

और अब आखिर में बात करते हैं  शिवराज सिंह चौहान के बारे में, शिवराज वरिष्ठ नेता है। प्रदेश की कमान संभाले हुए हैं और पूरी तरह से कोरोना को पस्त करने में लगे हुए हैं। इन सब के बावजूद भी सूत्रों की अगर मानें तो शिवराज इन सब मामलों में अभी साइलेंट हैं और इन सब मामलों में नजर रखे हुए हैं। जो भी हो मध्य प्रदेश में इन दिनों सियासी पारा बड़ा हुआ है और तरह तरह की चर्चा चल रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि  आगे क्या होता है? RB

सुरेश तिवारी

मध्यप्रदेश शासन के पूर्व जनसम्पर्क संचालक एवं मध्यप्रदेश माध्यम के पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुरेश तिवारी एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी, प्रखर मीडिया पर्सन और नवोन्मेषी जनसंपर्क कर्मी है। आपका पत्रकारिता के साथ ही जनसम्पर्क और राज्य शासन के प्रचार उपक्रम मध्यप्रदेश माध्यम में प्रतिष्ठापूर्ण वरिष्ठ पदों पर कार्य करने का 35 वर्षों का सुदीर्घ अनुभव रहा है।

आप अनेक जिलों में जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में कार्य करने के बाद प्रदेश की औद्योगिकी राजधानी और प्रमुख मीडिया सेन्टर, इंदौर में संयुक्त संचालक, देश की राजधानी नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के सूचना केन्द्र के प्रभारी और सेवा निवृति से पूर्व 8 वर्षों तक प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपर संचालक व संचालक जनसम्पर्क के रूप में और राज्य शासन के प्रचार उपक्रम मध्यप्रदेश माध्यम में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में कुशल मीडिया अधिकारी रहे है।


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