राजस्थान विधान सभा के लिए कांग्रेस और भाजपा ने सभी दौ सौ उम्मीदवारों की सूची जारी की 

देखना है नामांकन के अंतिम दिन और क्या चौकाने वाली बातें होती है?

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राजस्थान विधान सभा के लिए कांग्रेस और भाजपा ने सभी दौ सौ उम्मीदवारों की सूची जारी की 

 

गोपेंद्र नाथ भट्ट की रिपोर्ट 

 

राजस्थान विधान सभा के लिए कांग्रेस और भाजपा ने सभी दौ सौ सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने ने अपनी अन्तिम सूची छठी सूची में तीन और उससे पहले पन्द्रह उम्मीदवारों की पांचवी सूची जारी की। वहीं कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की सातवी सूची जारी कर दी ।शनिवार रात को भी कांग्रेस ने 23 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे।

अन्तिम सूचियों में राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को टिकट मिल गया है।वही कामा से मंत्री जाहिदा खान को भी टिकट मिला है।नागौर से पूर्व मंत्री हरेन्द्र मिर्धा और चित्तौड़गढ़ से सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत को उतारा गया है।

 

इधर भाजपा ने पन्द्रह उम्मीदवारों की पांचवी सूची में अपने दो पुराने उम्मीदवारों को बदला। इस सूची में प्रदेश भाजपा के दो पूर्व अध्यक्षों अशोक परनामी और अरुण चतुर्वेदी के टिकट काट दिए गए। साथ ही बेरोजगार संघ के नेता उपेन यादव को शाहपुरा से उम्मीदवार घोषित किया गया। वही एक वक्त भैरोंसिंह शेखावत के चहेते पत्रकार गोपाल शर्मा को जयपुर की सिविल लाइंस सीट से उम्मीदवार बनाया गया है,जबकि गोपाल शर्मा की ओर से सांगानेर से टिकट की मांग की गई थी। भाजपा ने जयपुर के चर्चित सीट किशनपोल से भी एक नए चेहरे को उतारा है। किशनपोल से चंद्रमोहन बटवाड़ा को टिकट दिया गया है जबकि करीब एक हफ्ते पहले कांग्रेस से पाला बदल कर भाजपा में आई जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को इस सीट से टिकट नहीं मिला है। वहीं अब कोटा उत्तर से अब भाजपा ने प्रहलाद गुंजल को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। जिन्हे लेकर अब तक टिकट को लेकर बहुत उठापटक चल रही थी। हालिया प्रहलाद गुंजल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात भी की थी।

 

इसके अलावा सूची में भाजपा ने अपने दो तीन उम्मीदवारों को भी बदला जिसमें बारां अटरू और कोलायत सीट है, जहां से उम्मीदवारों को बदला गया है। कोलायत से अधिकृत उम्मीदवार को बदल कर हाल ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के परिवार से ही उनके पौत्र अंशुमान सिंह भाटी को टिकट दिया गया है।

भाजपा द्वारा आज जारी की गई सूचियों में हनुमानगढ़ से अमित चौधरी, कोलायत से अंशुमान सिंह भाटी, सरदारशहर से राजकुमार रिणवां, आदर्श नगर से रवि नय्यर, भरतपुर से विजय बंसल, राजाखेड़ा से नीरजा अशोक शर्मा, मसूदा से अभिषेक सिंह, शेरगढ़ से बाबू सिंह राठौड़, मावली से डॉ केजी पालीवाल, पिपल्दा से प्रेमचंद गोचर, बारां अटरू से राधेश्याम बैरवा को भाजपा ने मैदान में उतारा है। अंतिम सूची में बाड़ी से गिर्राज सिंह मलिंगा, बाड़मेर से दीपक कड़वासरा और पचपदरा से अरुण अमराराम चौधरी को टिकट दिया गया है।

 

कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन से पहले अपनी अंतिम सूची जारी कर दी। इस सूची में 21 नाम हैं। कांग्रेस के ‘तीन गुनहगारों’ – शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ में से मंत्री धारीवाल को हाई कमांड ने माफ़ कर दिया है और उन्हें कोटा उत्तर से टिकट दे दिया है। राजकाज ने एक दिन पहले ही कोटा उत्तर में धारीवाल बनाम गुंजल की खबर चला दी थी।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने ‘मुफ्त में’ मुस्लिम समाज की नाराजगी मोल लेने की गलती भी नहीं की है और अजमेर उत्तर से चर्चित साध्वी अनादि सरस्वती से परहेज करते हुए पायलट समर्थक महेंद्र सिंह रलावता को टिकट दिया है।  ऐसा नहीं है कि रलावता सबसे मजबूत उम्मीदवार थे या पायलट की लॉबिंग काम आ गई। दरअसल भाजपा प्रत्याक्षी और सिटींग विधायक वासुदेव देवनानी की स्थिति ज्ञान सारस्वत और सुरेंद्र राठौड़ के मैदान में रहते वैसे ही ढीली है। ऐसे में रलावता के मामले में बिल्ली के भाग्य से छींका फूटा है और यही उम्मीद कांग्रेस इस सीट से चुनाव परिणामों में भी कर रही है।

कार्यकर्ताओं के लाख विरोध के बावजूद कामां से जाहिदा खान को टिकट मिल ही गया और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उनके काम का इनाम उन्हें दे दिया गया।

जयपुर के झोटवाड़ा से मंत्री लालचंद कटारिया के मैदान छोड़ने के बाद हाई कमांड ने इस आपदा को अवसर बनाते हुए एक युवा जाट अभिषेक चौधरी को मौका दिया है। अगर कांग्रेस ने पूरा जोर नहीं लगे तो झोटवाड़ा में रायवर्द्धन बनाम राजपाल शेखावत हो जाएगा। चित्तौड़गढ़ में गहलोत समर्थक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत का एक दिन पहले का संयमित विरोध प्रदर्शन काम आया और उदयपुर के जीतू बना का टिकट कट गया।

जैसी रस्म अदायगी भाजपा ने सरदारपुरा सीट पर की ठीक वैसा ही कांग्रेस ने झालरापाटन सीट पर राजे के लिए किया है। एक कहावत है, पहले ना सुनी हो ” पीठ सबकी होती है और उस पर खुजली भी सभी को होती है। लड़ना तो हाथों को है, वक़्त पर लड़ लेंगे, अभी तो एक दुसरे की पीठ खुजा दें।”

सोनाराम चौधरी को मजबूरी में वैलकम बैक ड्रिंक की तरह टिकट दिया है।

कुल मिलाकर सर्वे, युवा, महिला वगैरह वगैरह सब बातें हैं बातों का क्या। राजनीति की कड़वी सच्चाई है सत्ता, फंडिंग और इसके साथ दहेज़ में आने वाली ‘मौका परस्ती’ भाजपा के लिए यही शब्द ‘बोल्ड’ में कट-पेस्ट कर लें।    कांग्रेस की अंतिम सूची में जिन्हें टिकट दिया गया है उनके नाम इस प्रकार है:-

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1. उदयपुरवाटी – भगवान राम सैनी

2. खेतड़ी – मनीषा गुर्जर

3. धोद (SC) – जगदीश धानोदिया

4. झोटवाड़ा – अभिषेक चौधरी

5. चाकसू (SC) – वेदप्रकाश सोलंकी

6. कामां –  जाहिदा खान

7. बाड़ी – प्रशांत सिंह परमार

8. टोडाभीम (ST) – घनश्याम मेहर

9. अजमेर उत्तर – महेंद्र सिंह रलावता

10. खींवसर –  तेजपाल मिर्धा

11. सुमेरपुर – हरी  शंकर मेवाड़ा

12. गुढ़ा मलानी – सोनाराम चौधरी

13. चित्तौड़गढ़ – सुरेंद्र सिंह जाड़ावत

14. शाहपुरा (SC) – नरेंद्र कुमार रैगर

15. पीपल्दा – चेतन पटेल

16. कोटा उत्तर – शांति धारीवाल

17. कोटा दक्षिण – राखी गौतम

18. नागौर – हरेंद्र मिर्धा

19. रामगंज मंडी (SC) – महेंद्र राजोरिया

20. किशनगंज (ST) – निर्मला सहरिया

21. झालरापाटन – राम लाल चौहान

 

उल्लेखनीय है कि पाँच राज्यों में होने जा रहे विधान सभा चुनावों को लेकर हर दल एक अलग ही रणनीति पर काम कर रहा है। कांग्रेस ने जहां एमपी में सपा को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया, वहीं दूसरी तरफ यूपी में सपा की साथी एवं अपेक्षाकृत बेहद छोटी पार्टी रालोद को राजस्थान में एक सीट दे दी है। कांग्रेस द्वारा शनिवार देर रात राजस्थान के लिए जारी की गई छठी लिस्ट में भरतपुर की सीट रालोद के लिए खाली छोड़ दी गई।

आर एल डी यूपी के पश्चिमी हिस्से में एक्टिव है। सपा से गठबंधन के बाद पिछले विधानसभा चुनाव में इसके ग्राफ में कुछ इजाफा हुआ है। बात अगर भरतपुर की करें तो यह यूपी के मथुरा से सटा है। मथुरा से रालोद चीफ जयंत चौधरी सांसद रह चुके हैं। जयंत चौधरी जाट बिरादरी से आते हैं और भरतपुर में जाटों की अच्छी आबादी है।

राजस्थान में सोमवार को अपरांह तीन बजे तक नामांकन भरने की अंतिम तिथि है । देखना है नामांकन के अंतिम दिन दोनों पार्टियाँ और अन्य दल क्या चौकाने वाले कदम उठाते है?

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