आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग हनीट्रैप गैंग की तीसरी अहम कड़ी श्वेता स्वप्निल जैन से पूछताछ करेगा

आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग हनीट्रैप गैंग की तीसरी अहम कड़ी श्वेता स्वप्निल जैन से पूछताछ करेगा

मीडियावाला.इन।

प्रदेश में करीब चार महीने से हनी ट्रैप मामला सियासी और प्रशासनिक हलकों के साथ मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। आयकर विभाग की बेनामी एवं इंवेस्टीगेशन विंग अब सेक्स कांड और अफसरों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठे जाने की पुष्टि में जुटी हैं।

बताया जाता है कि एसआईटी ने मामले में चालान पेश होने के बाद आयकर विभाग को अब तक की जांच के संदर्भ में कई तथ्य उपलब्ध करा दिए हैं। आयकर विभाग वित्तीय लेनदेन के संबंध में आरोपितों से पूछताछ, आरोप पत्र और दस्तावेजों की छानबीन से जरूरी तथ्य जुटाने में लगा है।

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में श्वेता विजय जैन और आरती दयाल से आयकर विभाग में हुई लंबी पूछताछ के दौरान ऐसे अफसर व अन्य लोगों का ब्योरा सामने आया है, जिनके बीच लाखों रुपए का लेनदेन हुआ। निशाने पर कई बड़े अफसर भी आ गए हंै, जल्दी ही इनसे पूछताछ हो सकती है। विभाग की खुफिया, बेनामी और इंवेस्टीगेशन शाखा इनके खिलाफ वित्तीय लेनदेन के सबूत जुटा रही हैं।

प्रदेश में करीब चार महीने से हनी ट्रैप मामला सियासी और प्रशासनिक हलकों के साथ मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। आयकर विभाग की बेनामी एवं इंवेस्टीगेशन विंग अब सेक्स कांड और अफसरों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठे जाने की पुष्टि में जुटी हैं।आयकर अफसरों ने मंगलवार को आरती दयाल से दिनभर सात घंटे तक पूछताछ चलती की। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से मिले मिले लाखों रुपए नकद, ज्वेलरी और पैनड्राइव आदि के बारे में सवाल हुए। अहम सवाल यही था कि 'बताओ- किस अधिकारी से वसूले एक करोड़ रुपए?" उल्लेखनीय है कि एसआईटी ने आरती के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो पेनड्राइव, दो फोन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, चार डायरियां, एक पॉकेट नोटबुक, एक लाख रुपए मूल्य के आभूषण और 34 हजार रुपए नकद बरामद किए थे। इंद्रपुरी स्थित एचडीएफसी बैंक में आरती के लॉकर से 13 लाख 98 हजार रुपए नकद भी मिले थे। अधिकारियों ने इन पैसों का भी ब्योरा मांगा है।

विभाग का कहना है कि वित्तीय लेनदेन के संदर्भ में उनके सामने कई अफसरों के भी नाम हैं, फिलहाल विभाग इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रहा है। साक्ष्य मिलने के बाद इन अधिकारियों को भी आयकर अधिनियम की धारा 131 के तहत समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब कर लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में आयकर इंवेस्टीगेशन विंग  विभाग इस मामले में वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा फोकस केवल वित्तीय लेनदेन और मामले से जुड़े संबंधितों की आय के स्त्रोत पर है। पैसों के लेनदेन 'मनी ट्रैल" में शामिल सभी लोगों को छानबीन के दायरे में लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि साक्ष्य मिलने पर अफसरों सहित अन्य सभी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने हनी ट्रैप मामले की दूसरी अहम किरदार आरती दयाल से पूछा है कि एसआईटी ने उसका जो लॉकर खुलवाया था, वह खाली कैसे हो गया। गिरफ्तारी से दो दिन पहले वह अपना सारा पैसा निकालकर कहां ले गई। आईएएस अफसर से मिले 33 लाख रुपए कहां गए

आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने आयकर अधिनियम के सेक्शन 131 के तहत इंदौर जेल के जेलर को समन भेजकर आरती को पूछताछ के लिए भोपाल भेजने की व्यवस्था करने को कहा था। इसके बाद मंगलवार को आरती दयाल सुबह 11.30 बजे आयकर के दफ्तर पहुंची। हनी ट्रैप मामले की दूसरी अहम किरदार आरती दयाल से 6.30 घंटे पूछताछ की गई। आरती कुल 7 घंटे तक आयकर दफ्तर रहीं। बीच में उसे आधे घंटे का लंच ब्रेक दिया गया। आरती से इंदौर नगर निगम के अधिकारी हरभजन सिंह और एक आईएएस से एक करोड़ रुपए नकद लिए जाने के मामले के साथ 5 साल में किए गए सभी वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ की गई। इससे पहले सोमवार को श्वेता विजय जैन से पूछताछ हो चुकी है। हनी ट्रैप केस में एसआईटी और इनकम टैक्स के बाद अब एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) भी जांच शुरू करेगा। इंकम टैक्स की जांच के बाद ईडी इस मामले को अपने हाथ में लेगा और आरोपियों के अवैध धंधों के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग और विदेश यात्रा के दौरान भारी भरकम खर्चों पर पूछताछ शुरू करेगा। ईडी को यह तथ्य मिल गए हैं कि कुछ आरोपी महिलाओं को पिछले विधानसभा चुनाव से पहले दुबई भेजा गया था। आरोपी दुबई किसके इशारे पर भेजे गए और वहां रहने के बंदोबस्त और अन्य खर्चों में किन-किन लोगों ने उनकी मदद की, ये ईडी की जांच के केंद्र में होंगे। ईडी की जांच इसलिए अहम होगी क्योंकि ईडी नए सिरे से आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों भी हनी ट्रैप व इससे जुड़ी जांच की क्लोज मॉनिटरिंग कर रही है।आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग बुधवार को हनीट्रैप गैंग की तीसरी अहम कड़ी श्वेता स्वप्निल जैन से पूछताछ करेगा। श्वेता स्वप्निल जैन से पूछताछ लंबी चल सकती है। वह इस गैंग की सबसे हाईप्रोफाइल मेंबर मानी जा रही थी। जिसके कई रसूखदार आईएएस अधिकारियों और राजनेताओं के साथ करीबी संबंध थे। 

श्वेता स्वप्निल जैन भोपाल के लिए इमेज परिणाम

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