सोनू सूद को BMC ने बताया आदतन अपराधी, बोले- पैसे कमाने के लिए वे करते हैं ये सब

सोनू सूद को BMC ने बताया आदतन अपराधी, बोले- पैसे कमाने के लिए वे करते हैं ये सब

मीडियावाला.इन।

मुंबई। अवैध निर्माण मामले में एक्टर सोनू सूद के खिलाफ दायर मामले में मुंबई हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिख है। खास बात ये है कि बीएमसी के हलफनामें में सोनू सूद को आदतन अपराधी बताया गया है। बीएमसी का कहना है कि इससे पहले भी सोनू सूद ने कई नियम तोड़े हैं जिसके चलते उनपर कार्रवाई भी की गई है। जुहू स्थित एक रिहायशी इमारत में अनाधिकृत निर्माण के कारण भी उनपर कार्रवाई की गई थी।

सोनू सूद को BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने अक्टूबर 2020 में नोटिस जारी किया था। सोनू सूद ने उस नोटिस को निचली अदालत में चुनौती दी। तब अदालत ने उनकी याचिका खरिज कर दी थी। इसके बाद सोनू ने बंबई हाईकोर्ट में चुनौति दी। हाईकोर्ट ने बीएमसी को मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था।

हलफनामे में कही ये बात:

बीएमसी ने कोर्ट को ये बताया कि सोनू सूद ने रिहायशी बिल्डिंग को होटल में बदलने की कोशिश की है। गत वर्ष उन्हें इसके लिए नोटिस भेजा गया था। बीएमसी ने कहा कि 6 मंजिला इमारत शक्ति सागर को होटल में बदलने के लिए उन्होंने अनुमति नहीं ली। रिहायशी इमारत को कारोबार के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है। सूद ने इसकी सूचना तक नहीं दी। इधर सूद ने कोर्ट में बीएमसी के इन आरोपो को नकार दिया है। उनके वकील ने बताया है कि एमआरटीपी के नियमों के तहत ही बदलाव किए गए हैं।

कोर्ट में बीएमसी ने जानकारी दी है कि सोनू सूद ने रिहायशी बिल्डिंग को होटल में बदलने की कोशिश की है. अब सोनू अपनी गलती छुपाने में लगे हैं. पिछले साल अक्टूबर में बीएसपी ने उन्हें नोटिस भेजा था. इस नोटिस को लेकर सोनू हाईकोर्ट पहुंचे थे.कोर्ट में बीएमसी ने लिखा, अपील करने वाले शख्स आदतन अपराधी हैं और पैसा कमाने के उद्देश्य से अवैध निर्माण कराया गया है. उन्होंने इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली. सोनू पर आरोप है कि उन्होंने अपने छह मंजिला रिहायशी इमारत " शक्ति सागर " को होटल में बदल दिया.

इधर बीएमसी के आरोपों से सोनू हैं दुखी:

सोनू सूद ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि मसला यह भी है कि दुनिया का ... कि कोई अच्छा है तो क्यों है। सोनू सूद को मददगार अभिनेता के रूप में देखा जाता है। कोरोना काल में उन्होंने मजदूरों की काफी मदद की थी। फिलहाल वे उन बच्चों की मदद कर रहे हैं जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं और वे ऑनलाइन पढ़ाई से महरूम हो रहे हैं।

News24

RB

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