Conversion : धर्मांतरण मामले की जांच में खामी, दमोह कलेक्टर को समन!

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने रिपोर्ट में अनेक खामियां मिलने का उल्लेख किया

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Conversion : धर्मांतरण मामले की जांच में खामी, दमोह कलेक्टर को समन!

New Delhi : धर्मांतरण के मामले की जांच में खामी पाने के बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दमोह कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य को समन जारी करके 26 दिसंबर को दोपहर 3 बजे कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है। जिला प्रशासन की और से धर्मांतरण के मामले की जांच करने के लिए गठित की गई कमेटी पर सवाल उठाया है। साथ में जांच रिपोर्ट में अनेक खामियां मिलने का उल्लेख किया है।

आयोग ने कलेक्टर के नाम से जो समन जारी किया है, जिसमें उल्लेख किया है कि 5 दिसंबर को आयोग ने बाल गृह और में पाए गए गैरकानूनी प्रथाओं के खिलाफ शिकायत अग्रेषित की थी। यह शिकायत ईसाई मिशनरी के संस्थानों के निरीक्षण के बाद की गई थी। जिसके बाद आयोग को कलेक्टर कार्यालय से 14 दिसंबर को एक ATR (कार्रवाई रिपोर्ट) प्राप्त हुई है। जिसमें आपके कार्यालय ने जांच रिपोर्ट साझा की थी। आयोग ने इस ATR को असंतोषजनक पाया था, क्योंकि आपके कार्यालय द्वारा प्रदान की गई जानकारी में कोई दस्तावेज नहीं है। जिसे आयोग के पत्र में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।

आयोग ने ATR पत्र के उस पैराग्राफ पर भी सवाल उठाया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि बच्चों के बयान के अनुसार वे जन्म से ईसाई धर्म का पालन कर रहे थे…लेकिन उक्त बयानों को किसी भी दस्तावेज द्वारा समर्थित नहीं किया गया है और न ही बच्चों और उनके माता-पिता के अनुसूचित जाति से होने के बारे में कोई जानकारी प्रदान की गई है। इसलिए आयोग ने फिर से उन दस्तावेजों की पहचान करने के लिए अवलोकन कराना चाहता था। लेकिन जो एटीआर प्रस्तुत की गई। उसमें दस्तावेजों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई।

आयोग को उस निर्देश के संबंध में कोई अनुपालन रिपोर्ट और आदेश नहीं मिला है। जिसका उल्लेख आयोग ने अपने पत्र के बिन्दु नंबर 12 के तहत किया गया था। इसी तरह आयोग को धर्मांतरण के मामले की जांच के लिए गठित की गई समिति का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं मिला है। जबकि उसका उल्लेख आयोग ने अपने पत्र के बिंदु 14 के अनुपालन में होने का दावा किया है।

अध्यक्ष ने किया था निरीक्षण

इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दमोह ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित आधारशिला के बाल भवन, मिड इंडिया और भिड़ावरी के पास संचालित बाल गृहों का निरीक्षण किया था। मामले में गड़बड़ी मिलने पर काननूगो ने मिशनरी के 10 संचालकों के खिलाफ धर्मांतरण सहित अनेक धाराओं में मामला दर्ज कराया था। जिसमें डॉ अजय लाल को जमानत मिल गई है। बाकी को अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है। इस मामले में इससे पहले एसपी डीआर तेनीवार को भी नोटिस किया जा चुका है।