Countdown Begins: भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरु, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम चर्चा में

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Countdown Begins: भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरु, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम चर्चा में

गोपेन्द्र नाथ भट्ट की रिपोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चाएं काफी ज़ोरों पर हैं। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर कई प्रकार की अटकलें का बाजार गर्म है। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन के लिए राजस्थान के कुछ नेताओं के नाम भी तेजी से उभर कर सामने आ रहे है। हालाँकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,भाजपा के चाणक्य अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सहमति के बाद ही सामने आएगा। वैसे 30 मार्च को चैत्र नवरात्री शुरू होने के साथ ही भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरु होने की अटकलें जताई जा रही है।

भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा का बढ़ाया गया कार्यकाल भी अब समाप्ति की ओर है और बताया जा रहा है कि पार्टी द्वारा नए अध्यक्ष को लेकर कई नामों पर मंथन किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक समीकरणों और संगठनात्मक ज़रूरतों को देखते हुए भाजपा ने कई नेताओं के नाम शॉर्ट लिस्ट किए है। साथ ही कई प्रमुख दावेदारों के नाम भी सामने आ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए सबसे मजबूत नामों में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को माना जा रहा है। भूपेंद्र यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। साथ ही वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और राजस्थान के अलवर से वर्तमान में सांसद हैं। पार्टी में वे 2010 से सक्रिय हैं और उन्होंने राष्ट्रीय सचिव, महासचिव जैसे कई पदों पर काम किया है। साथ ही कई राज्यों के चुनावों में रणनीतिक रूप से सफल भूमिका भी निभा चुके हैं। उनकी प्रबंधन क्षमता और संगठन पर पकड़ उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है।सूत्रों के अनुसार,भूपेंद्र यादव को यदि अध्यक्ष बनाया गया तो वे पार्टी के भीतर संगठन और सरकार के बीच वे एक सेतु का काम बेहतर ढंग से कर सकते हैं।

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वहीं राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि संघ की ओर से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। यह चर्चा इसलिए अहम है क्योंकि भाजपा  के इतिहास में केवल एक बार दलित नेता बंगारू लक्ष्मण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्प समय के लिए बने है लेकिन उनके विवादित होने के कारण उन्हें हटाना पड़ा था। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सोशल इंजीनियरिंग करते हुए केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आगे किया जा रहा है। इसका बड़ा कारण वर्ष 2024 के लोकसभा आम चुनाव में आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों के चलते भाजपा पार्टी को कई इलाकों में हुए नुकसान को बताया जा रहा है। ऐसे में दलित चेहरा सामने लाकर भाजपा सामाजिक संतुलन साधना चाहती है। साथ ही मेघवाल की नियुक्ति होने से दलित समुदाय में भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश जाएगा। संसदीय कार्य मंत्रालय में दो बार से रहने के कारण मेघवाल प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के निकट भी है।

राजस्थान के इन दो नेताओं के नामों के अलावा राजस्थान के ही सुनील बंसल का नाम भी चर्चा में है जो कि वर्षों उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन का काम देखने के बाद अब नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर प्रमुख भूमिका में है। इनके अलावा भी राजस्थान के एक दो नेताओं के नाम ऐसे भी है जिन्हें आरएसएस भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए उपयुक्त मानती है और इनके लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर दवाब बनाया जा रहा है। इनमें एक कद्दावर महिला नेत्री का नाम सबसे ऊपर है।

भाजपा के नए अध्यक्ष के लिए केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर और धर्मेंद्र प्रधान भी संभावित नामों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, एक बड़ा तबका यह भी मान रहा है कि पार्टी इस बार दक्षिण भारत से किसी नए चेहरे को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर देश में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहेंगी । इसका मुख्य कारण भाजपा दक्षिण भारत में अपनी पकड़ को मजबूत करना चाहती है और इस दिशा में संगठनात्मक संतुलन साधने के लिए यह कदम उठा सकती है। भाजपा अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन लोकसभा 2029 और कुछ प्रदेशों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से बेहद अहम मान रही है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व संगठनात्मक और सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की दृष्टि से उत्तर भारत के हिन्दी भाषी प्रदेशों अथवा दक्षिण के किस नेता को इसके लिए उपयुक्त मानती है?

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