
Court Orders: बिना टिकट रेल यात्रा- कोर्ट ने सुनाई 3 यात्रियों को 52 दिन जेल की सजा
खंडवा : रेलवे नियमों को हल्के में लेने की कीमत तीन यात्रियों को जेल की सलाखों के पीछे जाकर चुकानी पड़ेगी।
खंडवा न्यायालय ने बुरहानपुर निवासी शेख जाकिर, नासिर और मीनाक्षी को बिना टिकट रेल यात्रा और रेलवे परिसर में अनुशासनहीन व्यवहार के मामले में दोषी ठहराते हुए 52 दिन की जेल की सजा सुनाई है।
**बार-बार की गलती बनी जेल का कारण**
तीनों आरोपितों को पहले भी कई बार बिना टिकट यात्रा करते हुए रेलवे पुलिस ने पकड़ा था।
हर बार वे मामूली जुर्माना भरकर छूट जाते थे, लेकिन आदत में सुधार नहीं हुआ।
इस बार अदालत ने उनकी “दोहराई जाने वाली अपराधी प्रवृत्ति” को गंभीर माना और सख्त रुख अपनाते हुए सीधी जेल भेजने का आदेश दिया।
**किन धाराओं में हुई सजा**
तीनों को रेलवे अधिनियम की धारा 145, 146 और 147 के तहत दोषी पाया गया।
-धारा 145 – रेलवे परिसर में अशोभनीय है आचरण,
-धारा 146 रेलवे कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना,
-धारा 147 बिना टिकट रेलवे परिसर या ट्रेन में प्रवेश करना।
इन धाराओं के तहत न्यायालय ने न सिर्फ अर्थदंड लगाया, बल्कि 52 दिन का कठोर कारावास भी सुनाया है।
**रेलवे प्रशासन का संदेश**
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला उन यात्रियों के लिए कड़ा संदेश है जो बार-बार नियमों की अनदेखी करते हैं।
“बिना टिकट यात्रा को छोटा अपराध समझने की गलती न करें, यह रेलवे सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ा गंभीर मामला है,”
**न्यायालय की सख्ती का असर**
इस फैसले के बाद खंडवा-बुरहानपुर रेल सेक्शन में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टीटीई की टीमों ने अभियान तेज कर दिया है।
रेल प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए अब ऐसे “आदतन अपराधियों” पर निगरानी और भी कड़ी की जाएगी।
न्यायालय का यह फैसला न केवल कानून का पालन करवाने की मिसाल है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि बार-बार की लापरवाही आखिरकार जेल तक पहुंचा सकती है।





