पन्‍ना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता और साहस से बुजुर्ग की बची जान, संकट में बना मानवता का सहारा

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पन्‍ना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता और साहस से बुजुर्ग की बची जान, संकट में बना मानवता का सहारा

 

भोपाल: डायल-112 जवानों की त्वरित, साहसिक और मानवीय कार्यवाही ने यह सिद्ध कर दिया कि संकट की घड़ी में यह सेवा आमजन के लिए जीवन रक्षक संबल है। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े 70 वर्षीय बुजुर्ग को समय रहते अस्पताल पहुँचाकर डायल-112 टीम ने उनकी जान बचाई और मानवता की मिसाल कायम की।

घायल व्यक्ति का नाम केदारनाथ धुरिया, उम्र 70 वर्ष है, जो चलने-फिरने में असमर्थ थे। पारिवारिक विवाद के चलते उनके ही पुत्र ने शराब के नशे में उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। पुत्र की आक्रामक और अभद्र भाषा के कारण मोहल्ले का कोई भी व्यक्ति उन्हें उठाने या मदद करने आगे नहीं आ रहा था। स्थिति अत्यंत गंभीर और संवेदनशील बनी हुई थी।

सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरव्ही तत्काल मौके पर पहुँची। आरक्षक राजकरण साहू (135) एवं पायलट संदीप रजक ने मौके की नाजुक स्थिति को भांपते हुए बिना किसी विलंब के राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को दोनों जवानों ने मिलकर सावधानीपूर्वक वाहन में लिटाया और तत्काल अजयगढ़ अस्पताल पहुँचाया, जहाँ समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच सकी।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में आमजन की रक्षा, सेवा और जीवन सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य कर रही है।