SPS अधिकारी अमृत मीणा के IPS अवार्ड को लेकर संशय, छानबीन समिति की रिपोर्ट पहुंची PHQ

181

SPS अधिकारी अमृत मीणा के IPS अवार्ड को लेकर संशय, छानबीन समिति की रिपोर्ट पहुंची PHQ

भोपाल: राज्य पुलिस सेवा (SPS) में 1997 बैच के अधिकारी अमृत मीणा को फिलहाल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अवार्ड नहीं मिल सकेगा। उनके मामले में गठित छानबीन समिति ने जांच पूरी कर ली है। यह रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में उनकी जाति को लेकर आपत्ति सामने आई है। जांच में पाया गया है कि वे उस अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित नहीं हैं, जिसके आधार पर उन्होंने लाभ लिया था।

सूत्रों की मानी जाए तो छानबीन समिति की रिपोर्ट जल्द ही डीजीपी के समक्ष रखी जाएगी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर पर निर्णय लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अमृत मीणा के कारण प्रदेश में पहली बार राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस अवार्ड को लेकर विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक दो बार करनी पड़ी। दूसरी बार हुई डीपीसी में उनके मामले में छानबीन समिति की अंतिम रिपोर्ट नहीं आने के कारण आईपीएस अवार्ड का एक पद खाली रखा गया था। अब जांच पूरी होने के बाद उनका आईपीएस अवार्ड होना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। डीपीसी में 15 अफसरों के नाम पर चर्चा की गई थी, फिलहाल यह भी तय नहीं है कि मीणा के लिए होल्ड कर रखा गया आईपीएस अवार्ड का यह पद उनके बाद वाले अफसर को दिया जाएगा यह नहीं।

तीन साल पहले दी थी परीक्षा
अमृत मीणा का चयन वर्ष 1995-96 में एमपीपीएससी परीक्षा के जरिए डीएसपी पद के लिए हुआ था। परीक्षा के दौरान उन्होंने स्वयं को अनुसूचित जनजाति वर्ग का बताया था। मीणा ने विदिशा जिले की लटेरी तहसील से एसटी का जाति प्रमाणपत्र बनवाया था। वर्ष 2003 से पहले सिरोंज क्षेत्र में मीणा जाति को एसटी का दर्जा प्राप्त था, इसी आधार पर प्रमाणपत्र बनवाया गया था। उनकी जाति को लेकर शिकायत के बाद मामले की जांच हुई। इस संबंध में वर्ष 2023 में उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था।

दो बार हुई डीपीसी
गौरतलब है कि आईपीएस में पदोन्नति के लिए 21 नवंबर को दिल्ली में डीपीसी हुई थी, जिसमें एसपीएस के 1997 और 1998 बैच के कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया। इनमें से पांच अधिकारियों को आईपीएस अवार्ड देने की अनुशंसा की गई थी। मीणा के संबंध में छानबीन समिति के निष्कर्ष नहीं आने तक एक पद रोक कर रखा गया था और चार ही अफसरों को आईपीएस अवार्ड किया गया था। इससे पहले 12 सितंबर को हुई डीपीसी प्रक्रिया में अमृत मीणा के मामले के चलते पेंच फंस गया था, जिसके बाद डीपीसी निरस्त कर दी गई थी।